प्रदेश में बनेंगे 01 लाख 20 हजार अमृत सरोवर-उपमुख्यमंत्री

[responsivevoice_button voice=”Hindi Female” buttontext=”इस समाचार को सुने”]

उत्तर प्रदेश में 58 हजार से बढ़ाकर अब लगभग 01 लाख 20 हजार बनेंगे अमृत सरोवर।

राजू यादव

लखनऊ। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कि प्रदेश में 58 हजार अमृत सरोवरों का निर्माण होना था, जिसका टारगेट बढ़ाकर अब लगभग 01 लाख 20 हजार कर दिया गया है । उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अधिकारी इनका चिन्हाकन तत्परता के साथ करें। चिन्हांकन के उपरांत उनके प्राक्कलन भी पूरी गति से बनाए जाएं, यही नहीं इनका निर्माण में भी निर्धारित समय सीमा के अंदर कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। मौर्य ने जोर देते हुए कहा कि अमृत सरोवरो के निर्माण में आउटलेट व इनलेट आदि का विशेष रूप से ख्याल रखा जाए, ताकि जब पानी ओवर फ्लो हो, तो उसका निकास भी सही तरीके से हो सके। कहा कि अमृत सरोवरों के कार्यों में अच्छी टीमे लगाई जांय और लगातार निरीक्षण किया जाए। वहां पर लोगों के बैठने के लिए बेंच, टहलने के लिए टाइल्स लगाने व प्लांटेशन तथा झंडारोहण आदि की उचित व्यवस्था भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमृत सरोवरो के निर्माण में सभी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।

उन्होंने कहा कि अमृत सरोवरों के रखरखाव व देखभाल के लिए भी ठोस व प्रभावी प्लान बनाया जाए। अमृत सरोवरो के निर्माण के सम्बन्ध में डैस बोर्ड बनाया जाए। केशव प्रसाद मौर्य आज विधान भवन के अपने कक्ष में ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे ।उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मनरेगा में 100 दिन काम करने वाले सभी श्रमिकों का श्रम विभाग के पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य रूप से कराया जाए। श्रमिकों के पंजीयन हेतु रोजगार सेवकों की मदद ली जाए। कहा कि इसके लिए रोजगार सेवकों को टारगेट दिया जाए तथा श्रम विभाग के साथ एम ओ यू भी करने की भी तैयारी की जाए। उन्होंने कहा कि महिला मेटों का चयन  तीव्र गति से कराया जाना सुनिश्चित किया जाए और उनका प्रशिक्षण भी समय से कराया जाए।


केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जो अति पिछड़े 100 आकांक्षात्मक ब्लॉक चुने गए हैं, उन ब्लॉकों में जो प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य कराए जाने हैं, उसका डैस बोर्ड बनाया जाए। उन्होंने कहा 21 जून को विश्व योग दिवस पर गांव-गांव में लोग योग करें, इसके लिए प्लान बना कर शासनादेश जारी किया जाए और योग की फोटो आदि भी मंगाई जाएं तथा उन्हें ट्वीट कराया जाए। उन्होंने कहा कि जो भी कार्य हो रहे हैं, उनकी हर 10 दिन में समीक्षा की जाए ।डिप्टी सीएम ने कहा कि विभाग मे एपीओ की भर्ती की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ नियमानुसार सुनिश्चित की जाए निर्देश दिए कि सामुदायिक शौचालयों के देखभाल में स्वयं सहायता समूह की लगी महिलाओं का मानदेय समय से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा ग्राम विकास से संबंधित प्राप्त शिकायतों की जांच निष्पक्ष रुप से कराई जानी चाहिए और उसकी रिपोर्ट समय से आनी चाहिए। श्री मौर्य ने कहा कि विधायक निधि में 27 तरीके के और कामो को सम्मिलित कराने हेतु मांग पत्र आया है, इसके लिए कमेटी बनाकर इसका न्यायोचित रास्ता नियमानुसार निकाला जाय।बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह ,अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार, संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) राजेश कुमार सहित अन्य उच्चाधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

[/Responsivevoice]

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button