मौसम अलर्ट एवं कृषि सलाह


⏯भारत मौसम विभाग, न‌ई दिल्ली तथा अमौसी, लखनऊ से प्राप्त सूचना के अनुसार 18 एवं 19 दिसम्बर को अगले दो दिनों में पाला पड़ने की प्रबल सम्भावना है यानी रात के तापमान में और अधिक गिरावट होने की सम्भावना बढ़ गई है.
⏯पाला से फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों में खड़ी फसलों में हल्की सिंचाई कर सकते हैं।
➡️ टमाटर, मिर्च, बैंगन आदि सब्जियों; पपीता एवं केले के पौधों एवं मटर, चना, अलसी, सरसों, जीरा, धनिया, सौंफ, आदि फसलों में पाले से सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है जबकि अरहर, गन्ने एवं गेहूं तथा जौ में अपेक्षाकृत कम नुकसान हो सकता है।
⏯पाले के कारण अधिकतर पौधों के फूलों के गिरने से पैदावार में कमी हो जाती है। पत्ते ,टहनियां और तने के नष्ट होने से पौधों को अधिक बीमारियां भी लगती हैं।
➡️सरसों , गेहूं, आलू, मटर जैसी फसलों को पाले से बचाने में गंधक के तेजाब का छिड़काव करने से न केवल पाले से बचाव होता है बल्कि पौधों में लौह तत्व एवं रासायनिक सक्रियता बढ़ जाती है,जो पौधों में रोगरोधिता बढ़ाने में एवं फसल को जल्दी पकाने में सहायक होती है।
⏯जिन दिनों पाला पड़ने की संभावना हो उन दिनों फसलों पर गंधक के तेजाब के 0.1% घोल का छिड़काव करना चाहिए। इस हेतु 1 लीटर गंधक के तेजाब को 1000 लीटर पानी में घोलकर एक हेक्टर क्षेत्र में प्लास्टिक के स्प्रेयर से छिड़काव का असर 2 सप्ताह तक रहता है। यदि इस अवधि के बाद भी शीत लहर पाले की संभावना बनी रहे तो गंधक के तेजाब के छिड़काव को 15-15 दिन के अंतराल पर दोहराते रहें।
⏯मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 व 19 दिसम्बर को कोल्ड डे अथवा अत्यधिक कोल्ड डे की स्थिति बने रहने की प्रबल सम्भावना है.
➡️ इस स्थिति में फसलों के साथ-साथ पशुओं पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ।

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