कोरोना से है बचना तो खानपान का रखना ध्यान

नाश्ता ही नहीं दोपहर व रात का खाना भी समय से खाएं -प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थो का करें सेवन।

   
लखनऊ, कोरोना वायरस यानि कोविड-19 के हर हमले का सामना करने के लिए इस समय रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यह तभी बनी रह सकती है जब हम अपने खानपान यानि नाश्ता,लंच और डिनर में ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करें जो कि इनकी क्षमता को बढ़ाने वाले होते हैं।आयुष मंत्रालय तो बाकायदा दिशा-निर्देश जारी कर इस समय खानपान पर विशेष ध्यान देने की बात कह चुका है।
      मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अपनी डाइट में विटामिन ए व सी युक्त संतरा, आंवला, नींबू, अन्नानास, बेल, पपीता लें। दही, अदरक, हल्दी, लहसुन, हरी पत्ते वाली सब्जियां, दालें, ओट्स, अलसी, फलियाँ भोजन में शामिल करें। चिकन सूप इम्युनिटी बढ़ाने के लिए सर्वोत्तम है। जिंक का भी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में बड़ा हाथ है। जिंक का सबसे बड़ा स्त्रोत सीफूड है, लेकिन ड्राई फ्रूट्स में भी जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है। विटामिन डी धूप से और दूध, दही, अंडा, दलिया, मशरूम व मछली से मिल सकता है।उन्होने बताया कि भारतीय थाली (दाल, चावल, रोटी, सब्जी, सलाद, दही) संतुलित आहार का सबसे अच्छा नमूना है। इसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन्स, मिनरल्स मिलते हैं।अधिक तेल- मसालों के सेवन से बचें। प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड से जितना हो सके, बचना चाहिए। ऐसी चीजें जिनमें प्रिजरवेटिव्स मिले हों, उनसे भी बचना चाहिए। अच्छी तरह पका हुआ भोजन ही लें। उन्होंने बताया कि खाने की साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही उपयोग में लाएं और खाना हाथ धोकर ही बनायें व खायें। गर्भावस्था में सफाई से बना हुआ ताजा खाना ही खाएं। फलों व सब्जियों को इस्तेमाल करने से पहले अच्छे से धो लें। गुनगुने पानी का सेवन करें। गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 20-25 मिनट योग या साधारण इनडोर स्ट्रेचिंग व्यायाम या सरल योग व्यायाम करना चाहिए।कैफिन, अल्कोहल, तम्बाकू और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
      अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जयंत ने बताया कि हमेशा हाइड्रेटेड रहें, इसके लिए पानी ज्यादा से ज्यादा पियें और जूस, मट्ठा,शिकंजी, नारियल पानी भी पियें । डायबिटीज के मरीजों पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरुरत है, इसके लिए खाना नियम से खाते रहना है। हर 2-3 घंटे में कुछ स्वास्थ्यवर्धक खाना लेते रहना चाहिए। हार्ट के मरीज, उच्च रक्तचाप के मरीजों को कम तेल के खाद्य पदार्थ व कम नमक का उयोग करना है। नियमित आहार में फल और सब्जी (सलाद) की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। ठंडी चीजें लेने से बचना चाहिए क्यों किइससे सर्दी-जुकाम हो जाता है जिससे गले मे खराश व नाक बहने की स्थिति आ जाती है, इसलिए बचना चाहिए।
     बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अतुल मिश्रा ने बताया कि दो साल से छोटे बच्चों की इम्युनिटी कमजोर होती है, ऐसे बच्चों के लिए माँ का दूध अमृत समान होता है जो इम्युनिटी बढ़ाता है और बीमारियों से बचाता है। छह माह तक के बच्चों को सिर्फ माँ का दूध और छह माह से दो साल तक के बच्चों को माँ के दूध के साथ पूरक आहार दें।

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