केंद्र सरकार का राज्यों को निर्देश

केंद्र सरकार का राज्यों को निर्देश, कोरोना मरीजों को दें स्मार्टफोन और टैबलेट का इस्तेमाल करने की अनुमति।

नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि अस्पताल में भर्ती कोरोना वायरस के सभी मरीजों को मोबाइल और टैबलेट ले जाने की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि वह अपने परिवार वाले और दोस्तों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात कर सकेंं। इससे उन्हें मनोवैज्ञानिक रूप से मदद मिलेगी। अस्पताल के वार्ड में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति पहले से ही है लेकिन बिच में कुछ परिवार वालों की शिकायत सामने आई थी जिसको ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ये निर्देश दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशक (डीजीएचएस) डॉ राजीव गर्ग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिवों को लिखे पत्र में कहा है कि उपकरणों को समय-समय पर डिसइनफेक्ट और आवंटित करने के लिए उचित प्रोटोकॉल विकसित किए जा सकते हैं..इस पत्र में कहा गया है कि सामाजिक संबंध मरीजों को शांत रख सकते हैं और इलाज कर रहे दल की ओर से दी जा रही मनोवैज्ञानिक मदद को भी मजबूत कर सकते हैं। कृपया सभी संबंधितों को निर्देश दें कि वे रोगी क्षेत्र में स्मार्टफोन और टैबलेट उपकरणों की अनुमति दें ताकि रोगी अपने परिवार और दोस्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस से बात कर सकें। डॉ. गर्ग ने कहा, ‘हालांकि, वार्ड में मोबाइल फोन के इस्तेमाल की अनुमति होती है जिससे मरीज अपने परिजनों के साथ संपर्क में मदद मिलेगी।

अस्पताल उचित नियम बना सकते हैं- केंद्र

स्वास्थ्य मंत्रालय में स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक (डीजीएचएस)डॉ राजीव गर्ग ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के प्रधान सचिवों को पत्र लिख कर कहा कि यंत्रों को संक्रमण मुक्त करने और मरीजों और परिवारों के बीच संपर्क के लिए एक समय सीमा निर्धारित करने के वास्ते अस्पताल उचित नियम बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न अस्पतालों के कोविड-19वार्ड तथा आईसीयू में भर्ती मरीजों की मनोवैज्ञानिक जरूरतों का प्रशासनिक तथा चिकित्सकीय दलों को ध्यान रखना चाहिए।

मरीज अपने परिवार और दोस्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर सकेंगे- केंद्र

यह पत्र 29जुलाई को जारी हुआ, जिसमें कहा गया,‘‘समाज से संपर्क मरीज को शांत रख सकता है और उसे चिकित्सा दे रहे दल के मनोवैज्ञानिक सहयोग को भी बढ़ा सकता है. कृपया सभी को निर्देश दें कि वे रोगी क्षेत्र में स्मार्टफोन और टैबलेट रखने की अनुमति दें ताकि मरीज अपने परिवार और दोस्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर सकें।’’

स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशक (डीजीएचएस) स्वास्थ्य मंत्रालय में डॉ। राजीव गर्ग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि उपकरणों कीटाणुरहित करने और समय-समय पर आवंटित करने के लिए उचित प्रोटोकॉल अस्पताल द्वारा विकसित किए जा सकते हैं। रोगियों और उनके परिवार के बीच संपर्क। उन्होंने कहा है कि कोविड वार्ड और विभिन्न अस्पतालों के आईसीयू में भर्ती मरीजों की मनोवैज्ञानिक जरूरतों के लिए प्रशासनिक और चिकित्सा दल उत्तरदायी होना चाहिए। 

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