आउटसोर्सिंग से लेकर मानदेय तक सरकार पर बरसे अखिलेश

आउटसोर्सिंग से लेकर मानदेय तक सरकार पर बरसे सपा प्रमुख, बोले—हर वर्ग भाजपा सरकार से नाराजदस साल में कुछ नहीं किया, अब चुनाव से पहले घोषणाओं की याद आई: अखिलेश यादव

लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के लंबे कार्यकाल में प्रदेश का हर वर्ग परेशान और नाराज है। चुनाव नजदीक आते ही सरकार को उन कर्मचारियों और कामगारों की याद आने लगी है, जिनकी समस्याओं को वर्षों तक नजरअंदाज किया गया।

दस साल में क्यों नहीं बढ़ाया मानदेय?

अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार अपने अंतिम समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न सेवाओं से जुड़े लोगों के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणाएं कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार को इन कर्मचारियों की समस्याओं और सम्मानजनक मानदेय की चिंता थी, तो पिछले दस वर्षों में इस दिशा में ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया? उन्होंने कहा कि चुनाव सामने देखकर की जा रही घोषणाओं की सच्चाई जनता अच्छी तरह समझ रही है।

हर वर्ग को भाजपा सरकार से शिकायत

सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार से समाज का कोई भी वर्ग संतुष्ट नहीं है। किसान, नौजवान, कर्मचारी, व्यापारी और श्रमिक समेत विभिन्न वर्ग अपनी समस्याओं को लेकर परेशान हैं। उनके मुताबिक सरकार ने दस वर्षों में जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम नहीं किया और लोगों को लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ा। जनता सरकार के कार्यकाल का हिसाब समझ रही है और चुनाव में इसका जवाब देगी।

दस साल तक हुआ शोषण

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने दस साल तक लोगों का शोषण किया। उन्होंने कहा कि अब चुनाव नजदीक आते ही सरकार को रोजगार, मानदेय और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर फैसले लेने की याद आ रही है। जनता इन घोषणाओं और उनके पीछे की राजनीति को समझ रही है।

चुनाव से पहले घोषणाओं पर उठाए सवाल

सपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव के समय होने वाली घोषणाओं को जनता सिर्फ घोषणा के रूप में नहीं, बल्कि पिछले वर्षों के कामकाज की कसौटी पर भी देख रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार के कार्यकाल और उसके फैसलों का हिसाब लेने के लिए तैयार है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने दस वर्षों तक लोगों का शोषण किया और अब चुनाव नजदीक देखकर घोषणाओं का दौर शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि जनता इन घोषणाओं और उनके पीछे की राजनीति को समझ रही है। आंगनबाड़ी सहित विभिन्न सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के मानदेय बढ़ाने की घोषणा अब की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार को इन कर्मचारियों की चिंता थी तो दस साल तक उनके मानदेय और समस्याओं पर फैसला क्यों नहीं हुआ?

अखिलेश यादव का संदेश साफ है—दस साल तक जिन सवालों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया, चुनाव के वक्त उन्हीं मुद्दों पर घोषणाएं जनता को आसानी से स्वीकार नहीं होंगी।

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