- मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग में नवचयनित प्राविधिक सहायक (ग्रुप-सी) तथा राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद के मण्डी सचिव श्रेणी-3 वर्ग-2 को नियुक्ति पत्र प्रदान किये।
- प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी के पद हेतु कुल 3,446 अभ्यर्थी चयनित, इनमें से 3,191 अभ्यर्थियों की संस्तुति उ0प्र0 अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विभाग को उपलब्ध करायी गयी, शेष 255 औपबन्धिक रूप से चयनित अभ्यर्थियों की संस्तुति प्राप्त होते ही नियुक्ति की जाएगी।
- विगत 09 वर्षों में प्रदेश में 09 लाख 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने में सफलता मिली। अगले 06 माह में 01 लाख युवाओं को अलग-अलग चरणों में सरकारी नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
- मण्डी परिषद में 126 मण्डी सचिव श्रेणी-3 वर्ग-2 को नियुक्ति पत्र उ0प्र0 की अर्थव्यवस्था को देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में पहुंचाने में युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका।
- प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से मिशन रोजगार के अन्तर्गत नियुक्ति पत्र वितरण का क्रम लगातार आगे बढ़ रहा।कृषि विकास दर 18 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य।
- भर्ती आयोग और बोर्ड भर्ती प्रक्रिया को और अधिक समयबद्ध बनाएं, अधियाचन प्राप्त होने के 06 माह के भीतर नियुक्ति पत्र युवाओं के हाथ में होना चाहिए।
- आत्मनिर्भर युवा उ0प्र0 के विकास का आधार, युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और क्षमता का लाभ जब प्रदेश के विकास के साथ जुड़ता, तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था व विकास को नई गति मिलती।
- जापान ने उ0प्र0 के युवाओं को अपने यहां रोजगार देने की इच्छा व्यक्त की, इजराइल में प्रदेश के लगभग 5,000 युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे।
- नवचयनित कृषि सहायकों की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना नवनियुक्त मण्डी सचिव मण्डियों को स्वच्छ, सुन्दर और व्यवस्थित बनाने में अपना योगदान दें।
- बेहतर शेड, किसानों की उपज की खरीद तथा एम0एस0पी0 उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए मण्डियों को ई-नाम से जोड़ने की कार्यवाही आगे बढ़ाएं।
- कृषि वैज्ञानिक व तकनीकी सहायक ‘लैब टू लैण्ड’ की अवधारणा को आगे बढ़ाएं, खेती की बात कार्यालयों और सेमिनार हॉल में नहीं, बल्कि किसान के खेत में जाकर करें।
लखनऊ। आत्मनिर्भर युवा ही उत्तर प्रदेश के विकास का आधार है। युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और क्षमता का लाभ जब प्रदेश के विकास के साथ जुड़ता है, तो उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास को नई गति मिलती है। आज दुनिया उत्तर प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा को पहचान रही है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा का महत्वपूर्ण योगदान है। आज यहां कृषि विभाग में नवचयनित प्राविधिक सहायक (ग्रुप-सी) तथा राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद के मण्डी सचिव श्रेणी-3 वर्ग-2 को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। ज्ञातव्य है कि कृषि विभाग में प्राविधिक सहायक गु्रप-सी पद के 3,191 अभ्यर्थियों (कुल 3,446 अभ्यर्थी चयनित, इनमें से 3,191 अभ्यर्थियों की संस्तुति उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विभाग को उपलब्ध करायी गयी। शेष 255 औपबन्धिक रूप से चयनित अभ्यर्थियों की संस्तुति प्राप्त होते ही नियुक्ति की जाएगी। राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद में 126 मण्डी सचिव श्रेणी-3 वर्ग-2 को नियुक्ति पत्र प्रदान किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनियुक्त मण्डी सचिव मण्डियों को स्वच्छ, सुन्दर और व्यवस्थित बनाने में अपना योगदान दें। मण्डियों में कचरे का समुचित निस्तारण, व्यापारियों के लिए बेहतर व्यवस्था, और किसानों के लिए बैठने सहित सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। मण्डी समितियों के अन्तर्गत आने वाली ग्रामीण सड़कों का समयबद्ध निर्माण एवं मरम्मत हो। मण्डी में बेहतर शेड, किसानों की उपज की खरीद तथा एम0एस0पी0 उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मण्डियों को ई-नाम से जोड़ने की कार्यवाही को भी आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवचयनित कृषि सहायकों की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। सिंचाई में ड्रिप इरीगेशन और स्प्रिंकलर प्रणाली को बढ़ावा देने, आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने, फसल विविधीकरण, वैल्यू एडिशन तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कार्य करना होगा। किसान के खेत में जाकर उसकी वास्तविक आवश्यकता को समझना और वैज्ञानिक तकनीक को खेत तक पहुंचाना ही कृषि तकनीकी सहायक की वास्तविक भूमिका है।
अब कृषि वैज्ञानिकों और तकनीकी सहायकों को ‘लैब टू लैण्ड’ की अवधारणा को आगे बढ़ाना होगा। खेती की बात कार्यालयों और सेमिनार हॉल में नहीं, बल्कि किसान के खेत में जाकर करनी होगी। कृषि विज्ञान केन्द्रों और कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से विकसित तकनीक को खेत तक पहुंचाना होगा। उन्होंने कहा कि नेशन फर्स्ट केवल नारा लगाने से नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करने से साकार होता है। भारत माता की जय का वास्तविक अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने क्षेत्र में पूरी ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करे तथा राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाए।

कृषि तकनीकी सहायकों को किसान के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा। किसान सर्दी, गर्मी और बरसात की परवाह किए बिना पूरे समाज का पेट भरता है। अन्नदाता के प्रति सम्मान का भाव होगा तो प्रदेश निश्चित रूप से प्रगति करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवचयनित अभ्यर्थी रक्षाबन्धन से ठीक पूर्व नियुक्ति पत्र प्राप्त कर रहे हैं। इन नियुक्तियों से उनके परिवारों में नई खुशी और आत्मविश्वास का संचार होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवचयनित अभ्यर्थी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपना योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से मिशन रोजगार के अन्तर्गत नियुक्ति पत्र वितरण का क्रम लगातार आगे बढ़ रहा है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग तथा अन्य आयोगों एवं बोर्डों ने पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। योग्य अभ्यर्थियों का चयन बिना भेदभाव और आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए उनकी मेरिट के आधार पर किया जा रहा है। यही कारण है कि विगत 09 वर्षों में प्रदेश में 09 लाख 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने में सफलता मिली है और किसी भी नियुक्ति प्रक्रिया पर कोई प्रश्न नहीं खड़ा कर सक्ता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और वसूली का माध्यम बन गई थी। विज्ञापन निकलने के बाद युवा वर्षों तक परिणाम की प्रतीक्षा करता था और अंततः मामला न्यायालय तक पहुंच जाता था। सरकार ने पहले दिन से ही तय किया कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति की तरह नकल माफिया और भर्ती माफिया के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसी का परिणाम है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाकर युवाओं को बिना किसी लेनदेन और सिफारिश के नियुक्तियां दी जा रही हैं। प्रदेश के युवाओं को यह आश्वस्त करना चाहता हूं कि अगले 06 माह में 01 लाख युवाओं को अलग-अलग चरणों में सरकारी नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने आयोगों और बोर्डों से कहा कि भर्ती प्रक्रिया को और अधिक समयबद्ध बनाया जाए। अधियाचन प्राप्त होने के 01 माह के भीतर विज्ञापन जारी हो, अगले 02 माह में परीक्षा और अगले 01 माह में परिणाम की प्रक्रिया पूरी की जाए तथा 06 माह के भीतर नियुक्ति पत्र युवाओं के हाथ में होना चाहिए।
परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया युवाओं को प्रताड़ित करने का माध्यम नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा के आकलन का माध्यम होना चाहिए। माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले बोर्ड परीक्षाओं में महीनों लग जाते थे, जबकि आज उत्तर प्रदेश बोर्ड की परीक्षा 14 दिन में और परिणाम अगले 14 दिन में घोषित किए जा रहे हैं। 56 लाख विद्यार्थियों की परीक्षा को समय सीमा में पूरा करना प्रदेश में आयी पारदर्शिता और व्यवस्था में हुए व्यापक परिवर्तन का प्रमाण है। उच्च शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भी परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रिया को सरल, सहज और पारदर्शी बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। शिक्षण संस्थानों को केवल शिक्षा देने वाले केन्द्र नहीं, बल्कि स्किलिंग, कैरियर काउन्सिलिंग और रोजगार के केन्द्र के रूप में भी विकसित करना होगा।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में जापान के 240 सदस्यीय बड़े प्रतिनिधिमण्डल के उत्तर प्रदेश दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि जापान ने उत्तर प्रदेश के युवाओं को अपने यहां रोजगार देने की इच्छा व्यक्त की है। इसी प्रकार जर्मनी और इजराइल सहित विभिन्न देश प्रदेश के युवाओं की क्षमता का लाभ उठाना चाहते हैं। इजराइल में उत्तर प्रदेश के लगभग 5,000 युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। अब किसान अपने खेत और अपनी मोटर की सुरक्षा को लेकर भयभीत नहीं है। प्रदेश के किसानों को लगभग 10 घण्टे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। निजी नलकूपों के किसानों पर पड़ने वाले विद्युत भार को भी सरकार ने समाप्त किया है। सरकार ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
वर्ष 2017 के पहले गन्ना किसानों का भुगतान वर्षों तक लम्बित रहता था। सरकार ने गन्ना किसानों के हित में प्रभावी कदम उठाते हुए अब तक लगभग 03 लाख 25 हजार करोड़ रुपये गन्ना किसानों के खातों में डी0बी0टी0 के माध्यम से भेजे गये हैं। प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें संचालित हैं। उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन एवं चीनी उत्पादन में देश में अग्रणी है। प्रदेश की एक माह की कुल चीनी खपत लगभग 04 लाख टन है, जबकि प्रदेश में लगभग 28 लाख टन चीनी उपलब्ध है। आगामी 15 अक्टूबर से चीनी मिलों के संचालन के बाद लगभग 90 लाख टन चीनी उत्पादन की सम्भावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में यहां की 25 करोड़ जनता ही नहीं, बल्कि देश की 140 करोड़ जनता का पेट भरने की क्षमता है। उत्तर प्रदेश की उर्वरा भूमि और जल संसाधन राज्य की क्षमता को सिद्ध करते हैं। उत्तर प्रदेश ने कृषि विकास दर को लगभग 08 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। अब लक्ष्य इसे 30 प्रतिशत तक ले जाने का है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 03 करोड़ किसान लाभान्वित हो रहे हैं और उन्हें प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की सहायता प्राप्त हो रही है। किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, स्वॉयल हेल्थ कार्ड तथा किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
सरकार का प्रयास है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज समय से उपलब्ध हों। इसी क्रम में लखनऊ में चौधरी चरण सिंह जी के नाम पर सीड पार्क के निर्माण की दिशा में कार्य प्रारम्भ हो रहा है। कृषि क्षेत्र में नई तकनीक का उपयोग बढ़ाकर किसानों की आय और उत्पादकता दोनों को बढ़ाया जा सकता है। वर्ष 2017 के बाद बाणसागर परियोजना को पूरा किया गया, जिससे लगभग ढाई लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिली। अर्जुन सहायक परियोजना से बुन्देलखण्ड में सिंचाई का दायरा बढ़ा। वर्ष 2021 में सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना पूरी की गई, जिससे बहराइच से गोरखपुर तक लगभग 9-10 जनपदों में 14 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा प्राप्त हुई। यह परियोजना वर्ष 1972 में प्रारम्भ हुई थी और दशकों बाद वर्ष 2021 में पूर्ण हो सकी।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश में बिना भेदभाव तथा पूर्ण पारदर्शिता के साथ नियुक्ति प्रक्रिया सम्पन्न हो रही हैं। विगत 09 वर्षां में 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी से जोड़ा गया है। वर्ष 2016-17 से अब तक प्रदेश में खाद्यान्न उत्पादन में 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रदेश देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में लगभग 21 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। दलहन एवं तिलहन उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कृषि विभाग का उद्देश्य किसानों तक नई तकनीक पहुंचाना और कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाना है।

कृषि राज्य मंत्री श्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में विगत 09 वर्षों में पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। आज का दिन कृषि विभाग के लिए महत्वपूर्ण है। नवनियुक्त कृषि तकनीकी सहायकों और मण्डी सचिवों के विभाग में सम्मिलित होने से विभाग के मानव संसाधन को मजबूती मिलेगी तथा कृषि सम्बन्धी योजनाओं को और गति मिलेगी। उन्होंने नवचयनित कृषि तकनीकी सहायकों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपने तकनीकी ज्ञान एवं कौशल का उपयोग प्रदेश के किसानों के जीवन को खुशहाल बनाने में करें और कृषि क्षेत्र की प्रगति में सक्रिय योगदान दें। इस अवसर पर प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र, कृषि निदेशक टी0एम0 त्रिपाठी, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, नवचयनित अभ्यर्थी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री योगी के हाथों 24 नवचयनित अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य समारोह में मंच पर 24 नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इनमें से प्राविधिक सहायक (ग्रुप-सी) के 19 व मंडी सचिव पद पर चयनित 5 अभ्यर्थियों को सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र मिला।
नाम- तैनाती स्थल
कनिष्का वर्मा- अयोध्या
रविप्रकाश सिंह- अयोध्या
अनीश निषाद-आजमगढ़
लवकुश यादव- लखीमपुर खीरी
दिशा सिंह- अयोध्या
भावना श्रीवास्तव- प्रयागराज
अमित कुमार मौर्य-गोंडा
जूही वर्मा- अयोध्या
अविनाश सिंह- फतेहपुर
मो. अफरोज- जालौन
ज्ञानवी तिवारी-गोंडा
प्रगति सिंह- मीरजापुर
प्रज्ञा रस्तोगी- मथुरा
पवनेश कुमार-कौशांबी
शुभम कुमार-प्रयागराज
उपासना-गोरखपुर
मधुमिता सिंह- गोरखपुर
अक्षिता सिंह-लखनऊ
ज्योतिका मिश्रा-लखनऊ
मंडी सचिव पद पर नवचयनित पांच अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र
शिवशंकर चौधरी
विनोद कुमार
महिमा मौर्या
खुशनुमा
रवि माहौर



