पिछड़ों की लड़ाई कांग्रेस सड़क से सदन तक लड़ेगीः अजय कुमार लल्लू


प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश स्तरीय पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधियों की बैठक सम्पन्न, 15 सूत्रीय प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।
अपने हक और अधिकार की लड़ाई सड़कों पर उतरकर लड़नी होगी- नरेश सैनी
प्रदेश से लेकर ब्लाक और गांव स्तर तक संगठन का मजबूत ढांचा खड़ा किया जायेगा- मनोज यादव

  • डा0 उमा शंकर पाण्डेय

लखनऊ, उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रतिनिधियों की बैठक आज यहां प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सम्पन्न हुई। जिसमें उ0प्र0 पिछड़ा वर्ग के दोनों कार्यकारी अध्यक्ष नरेश सैनी,विधायक और श्री मनोज यादव का स्वागत किया गया। बैठक में प्रदेश भर के कोने-कोने से पिछड़ा वर्ग के सैंकड़ों की संख्या में प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में मौजूद पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में विश्वास दिलाया कि पिछड़ा वर्ग विभाग आप लोगों के निर्देशन में उ0प्र0 में पिछड़े वर्ग के हितों और उनके अधिकारों के लिए लड़ने वाली एक मजबूत और संगठित संगठन बनकर उभरेगा तथा कांग्रेस पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को व्यापक पैमाने पर ठोस तरीके से पिछड़े वर्ग के बीच प्रचारित और प्रसारित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अ0भा0 कांग्रेस कमेटी की महासचिव आदरणीय श्रीमती प्रियंका गांधी जी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आदरणीय श्री अजय कुमार लल्लू जी को ताकत प्रदान करेगा।

कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी चाहे पिछड़े वर्ग के नौकरियों में आरक्षण का मामला हो, उच्च शिक्षा में आरक्षण का मामला रहा हो, उत्पीड़न का मामला रहा हो, पिछड़े वर्ग के हितों के लिए सड़क से सदन तक कांग्रेस ने संघर्ष किया है। उन्होने कहा कि सपा और भाजपा एक दूसरे से मिली हुई है। समाजवादी पार्टी और भाजपा ने सिर्फ पिछड़ों के अधिकारों को हड़पने का काम किया है। उन्होने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही पिछड़ों के हक की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी।

पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष एवं विधायक श्री नरेश सैनी ने कहा कि पूरे प्रदेश में योगी की सरकार में पिछड़ों पर अत्याचार हो रहे हैं। उनके हक और अधिकार को छीनने का काम किया जा रहा है। ऐसे में पिछड़े वर्ग के लोगों को एकजुट होकर अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष करना होगा।

पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश से लेकर ब्लाक स्तर तक व गांव-गांव तक संगठन बनाना है। पिछड़े वर्ग के लोगों को संगठित करना है। उन्होने कहा कि मौजूदा भाजपा की सरकार आरक्षण पर ऐन-केन-प्रकारेण हमला कर उससे वंचित करने का कुत्सित प्रयास कर रही है। हम सभी लोगांे को एकजुट होकर इस हमले के खिलाफ सड़कों पर उतरकर अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है।

बैठक में 15 सूत्रीय प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। जिसमें प्रमुख रूप से…..

1. पिछड़े वर्ग को जनसंख्या के अनुपात में संसाधनों, सरकारी नौकरियों व सभी सार्वजनिक उपक्रमों में भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

2.वर्ष 2011 में कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में जातिगत जनगणना कराई गई थी जिसको मोदी सरकार ने दबाकर रखा है। हमारी यह मांग है कि जातिगत जनगणना के आंकड़ों को जातिवार सार्वजनिक किया जाए।

3. वर्ष 2021 की जनगणना में जातिगत जनगणना भी कराई जाए और उसके आंकड़ों को सार्वजनिक किया जाए ताकि पिछड़े वर्ग को अपने अधिकारों के संरक्षण व अपनी भागीदारी सुनिश्चित कराने में मदद मिल सके।

4.सरकारी नौकरियों में ठेके/संविदा के आधार पर नियुक्ति का यह प्रतिनिधि सभा पुरजोर विरोध करती है और यह मांग करती है कि सभी सार्वजनिक उपक्रमों की नियुक्यिां स्थायी तौर पर की जाएं।

5. पिछड़े वर्ग के व्यक्तियों का उत्पीड़न, पुलिस इनकाउण्टर में मारे गये निर्दोष लोगों तथा राजनीतिक व सामाजिक विद्वेष में मारे गये पिछड़े वर्ग के लोगों को न्याय और उनके परिजनों को उचित मुआवजा सरकार प्रदान करे।

6.मोदी सरकार द्वारा लगातार सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण किया जा रहा है जिससे सभी संस्थानों पर पूंजीपतियों और शोषणकारी व्यवस्था के पोषक तत्वों का कब्जा हो रहा है हम पिछड़े वर्ग के सभी प्रतिनिधि इसकी घोर निन्दा करते हैं और सरकार की मंशा को समझते हैं वह सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण करके लगातार पिछड़ों के आरक्षण को खत्म करने का प्रयास कर रही है।

7. बेरोजगारी की दर लगातार बढ़ रही है। चंूंकि पिछड़ा वर्ग सर्वाधिक भूमिहीन है और दैनिक कमाई पर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। अतः सरकार इनके रोजी-रोटी और जीवन-यापन के लिए आर्थिक निर्णय ले तथा संगठित व असंगठित क्षेत्रों में लगातार मंदी के कारण लोगों की नौकरियां गई हैं जिन लोगों की नौकरियां गई हैं उन लोगों को सरकार रोजगार दे अन्यथा उनके भरण पोषण के लिए निश्चित मानदेय की व्यवस्था की जाए।

8.चूंकि कांग्रेस पार्टी इस देश में गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी तथा लोगों की बेबसी को देखते हुए न्याय योजना का प्रस्ताव लायी थी जिसके माध्यम से प्रत्येक परिवार को 6 हजार रूपये प्रतिमाह और साल भर में 72 हजार रूपये देने की व्यवस्था करने का वादा किया था। जो इस दौर में प्रासंगिक और लोगों के लिए जरूरी है। अतः इस न्याय योजना को लागू कराने के लिए पिछड़ा वर्ग विभाग संघर्ष करेगा।

9.कृषि-भारत की बहुसंख्यक पिछड़ा वर्ग आबादी अपने जीवन यापन के लिए कृषि आधारित अर्थव्यवस्था पर निर्भर है। सरकारी उपेक्षाओं के कारण कृषि व्यवस्था अब लाभकारी नहीं रह गया है जिससे लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है। केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के खिलाफ साजिश के तहत नया बिल लाकर खेती, किसानी करने वाले लघु और सीमान्त किसान जो पिछड़े वर्ग से जुड़े हुए हैं उनके शोषण के लिए पूंजीपतियों के हाथ में फसल खरीदने का जिम्मा देकर खेती किसानी से जुड़े हुए लोगों को बर्बाद करना चाहती है। कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार पर दबाव बनाकर कृषि व्यवस्था को लाभकारी बनाने के लिए संघर्ष करेंगे।

10. जो भी निजी उपक्रम सरकारी बैंकों या इस देश के लोगों की गाढ़ी कमाई को बतौर कर्ज या उद्योग के नाम पर कर्ज लेकर चलाये जा रहे हैं उन सभी संस्थानों में पिछड़े वर्ग को आरक्षण प्रदान किया जाए।

11.केन्द्रीय वि0वि0, राज्य स्तरीय वि0वि0, शैक्षणिक संस्थाओं में निम्न पदों से लेकर उच्च पदों तक आरक्षण की व्यवस्था को सुदृढ़ और पारदर्शी करते हुए पिछड़े वर्ग के लोगों की पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

12.पिछड़े वर्ग के उन्नयन के लिए छात्रावासों, अस्पतालों तथा उनके रहने के लिए मुफ्त व्यवस्था कराई जाए।

13. सरकारी उपक्रम जैसे रेलवे, टेलीफोन, एयरवेज और नौरत्न कंपनियों को निजी हाथों में बेंचने का हम पिछड़े वर्ग के लोग विरोध करेंगे।

14. इस देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कायम करने के लिए लोगों ने शहादतें दी हैं और संविधान में पिछड़े वर्गों के सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक न्याय की संकल्पना की गयी है। वर्तमान केन्द्र की सरकार लगातार संवैधानिक व्यवस्था को ध्वस्त करने और लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का प्रयास कर रही है। इस तानाशाही सरकार के खिलाफ पिछड़े वर्ग के लोग लामबन्द होकर सरकार की लोकतंत्र विरोधी नीतियों की मुखालफत करेगी।

15. अंतिम और महत्वपूर्ण प्रस्ताव यह है कि कांग्रेस पार्टी सभी वर्गों की पार्टी है। अतः हमारी मांग है कि संगठन, टिकट बंटवारे और महत्वपूर्ण पदों पर पिछड़े वर्ग की व्यापक जनसंख्या को देखते हुए व्यापक प्रतिनिधित्व देगी। ऐसा होता भी प्रतीत हो रहा है। हमारी पार्टी के नेता आदरणीय सोनिया गांधी जी, राहुल गांधी जी, प्रियंका गांधी और अजय कुमार लल्लू जी इस वर्ग के हितों के संरक्षण और उनको पार्टी में महत्व ही नहीं दे रहे हैं बल्कि उनका मानना है कि कांग्रेस पार्टी पिछड़ों की ही पार्टी है और इस पर पहला हक पिछड़ों का है।

पूर्व मंत्री आर0के चैधरी सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी सम्बोधित किया। बैठक में थिरे सिंह नागर, हेमंत गुर्जर, देवेन्द्र कश्यप, जय भगवान कश्यप, छोटेलाल चैरसिया, उमाकान्त पटेल, मृत्युन्जय मौर्या, संजय मौर्या, आर0पी0 राजन, अनिल पटेल, पूजा मौर्या, वंशीधर वर्मा, विनोद यादव, मो0 शमीम कुरैशी, इकबाल कुरैशी, राजन यादव, ओम प्रकाश ठाकुर, शिवशंकर भुर्जी, अमित कुशवाहा, नरेन्द्र आदिवासी, जे0पी0 पाल, अंकुश पाल, रोशन यादव,  लव मौर्या, हरेराम बिन्द, हरिश्चन्द्र बिन्द, श्याम सिंह राजभर, ओम प्रकाश राजभर, के0के0 यादव, श्रवण साहू, रामकृष्ण प्रजापति, राम गनेश प्रजापति, विशाल वर्मा सहित सैंकड़ों की संख्या में प्रदेश भर से पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधि मौजूद रहे। 

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