दुनिया में क्षय रोगियों का 27 प्रतिशत भाग केवल भारत में

अयोध्या, आज दिनांक 31 अक्टूबर 2020 समय सायं 3.40 बजे जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, द्वारा जनपद से क्षयरोग समाप्त करने हेतु सकिय क्षयरोग खोज अभियान वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रथम चरण दिनांक 02 नवम्बर 2020 से 11 नवम्बर 2020 के सम्बंध में आयोजित प्रेस वार्ता के मुख्य विन्दु01. दिनांक 02 नवम्बर 2020 दिन सोमवार से 10 दिवसीय सक्रिय क्षयरोग खोज अभियान प्रारम्भ किया जा रहा है। इस अभियान से जनपद की सभी 13 टीबी युनिट की 2,78,000 चिन्हित जनसंख्या के घर जाकर क्षय रोगियों की पहचान की जायेगी। .

इसके लिए तीन सदस्यीय, 112 टीमें घर-घर जाकर बुखार और खाँसी से पीड़ित व्यक्तियों के बलगम नमूने एकत्र करेंगी और बलगम जाँच कराकर क्षय रोगियों को दवाइयां उपलब्ध करायेगी। इन सभी रोगियों को निःक्षय पोषण योजना के अन्र्तगत डीबीटी द्वारा इनके खातों में 500/-रू0 प्रति माह वित्तीय लाभ दिया जायेगा। जिन रोगियों के बैंक खाते नही है उनको इण्डिया पोस्टल बैंक में जीरो बैलेंस पर खाते खोलने की सुविधा दी जा रही है। 26 पर्यवेक्षकों द्वारा टीमों का अनुश्रवण और सहायता प्रदान की जायेगी। नगर में रेतिया, पुरानी सब्जी मण्डी और हैदरगंज में यह अभियान चलाया जायेगा। सभी टीबी युनिट पर अधीक्षकों द्वारा प्रतिदिन सायं 4 बजे अभियान में किये गये कार्य की समीक्षा की जायेगी।

जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा ब्लाको में अमण कराकर अभियान का अनुश्रवण भी कराया जायेगा। दुनिया में क्षय रोगियों का 27 प्रतिशत भाग केवल भारत में है जो दुनिया में सबसे ज्यादा है, भारत में समस्त क्षय रोगियों के सापेक्ष 20 प्रतिशत क्षयरोगी उत्तर प्रदेश में पाये जाते हैं, एक लाख जनसंख्या पर प्रति वर्ष लगभग 215 नये रोगी पाये जाते हैं, प्रतिवर्ष लगभग 4.5 लाख क्षय रोगी भारत में मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं, टी0बी0 से ग्रसित 01 रोगी समाज में 10-15 स्वस्थ लोगो को टी0वी0 से संकमित कर सकता है, अतैव हम सभी का दायित्व है कि 02 हफ्ते से अधिक खाँसी या बुखार के पीड़ित व्यक्ति को सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रो पर भेज कर आधुनिक पद्वति की निःशुल्क जाँच तथा दवाइयाँ प्राप्त करने हेतु सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रो पर संपर्क करने हेतु प्रेरित करें, जनपद अयोध्या में 31 माइकोस्कोपी केन्द्र स्थापित है, जनपद में 02 ब्म्छ। मशीनें कार्यरत है। जिसमें एक जिला क्षयरोग रूजालय पर तथा दूसरी सामुदायिक स्वा० केन्द्र रूदौली पर कियाशील है।

माह सितम्बर 2020 में डी0टी0सी0 पर 129 तथा रूदौली में 180 जाँचे की गयी है, मशीन द्वारा रोगी में रिफाम्पिसिन प्रतिरोधकता का पता चलता है। वर्तमान में सभी मरीजो का युनिवर्सल ड्रग सेन्सिटीविटी टेस्ट कराया जा रहा है, जो सरकारी खर्चे पर लखनऊ प्त्स् लैब में होता है, जनपद को 03 नई टू-नॉट मशीने कमशः मिल्कीपुर, बीकापुर तथा मसौधा हेतु, स्वीकृत हो गई हैं। जिन्हे शीघ्र ही कियाशील करते हुए और अधिक क्षय रोगियों की पहचान की जा सकेगी, जनपद अयोध्या में ही नहीं, अपितु पूरे भारत में टी0बी0 की दवाइयों को निर्धारित कार्यक्रम में न खाने से तथा अपनी सुविधानुसार टी0बी0 की दवा खरीद कर खाने के कारण दवा प्रतिरोधक क्षय रोगियों की संख्या बढ़ रही है, जनपद में मल्टी ड्रग रजिस्ट्रेशन के 137 रोगी है तथा सभी को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध करायी जा रही है।

जनपद में 09 एक्सटेन्सिव ड्रग रजिस्टेन्स के रोगी है उन्हें भी समस्त दवाइयां निःशुल्क दी जा रही है, जनपद में 12 टीबी-एचआईवी संक्रमित मरीजो का भी उपचार हो रहा है, निःक्षय पोषण योजना के अन्र्तगत क्षय रोगियो, ट्रीटमेन्ट सर्पोटरो, निजी चिकित्सको तथा सूचना प्रदाताओं को डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तानन्तरण) द्वारा अब तक रूपये 17 लाख 68 हजार का भुगतान किया गया है,। अक्षय परियोजना के जिला सम0 मोहित मेहरोत्रा द्वारा एवं उनके वालेन्टियर के द्वारा भी एसीपी कार्यक्रम में सहयोग किया जा रहा है एवं जिन यूनिट में एक्स-रे जांच की सुविधा उपलब्ध नही है वहां पर अक्षय परियोजना द्वारा अनुबन्धित एक्स-रे लैब की सुविधा प्रदान की जायेगी।

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