योगी ने खोला खजाना निखरेगी रामगढ़ ताल की रंगत

  • पैडलेगंज से मोहद्दीपुर आरकेबीके तक इंटरसेप्टिंग सीवर और समानांतर बांध का होगा निर्माण।
  • कार्य के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 34 करोड़ से अधिक रुपए की दी मंजूरी।

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दशकों से उपेक्षित रामगढ़ ताल को भव्य पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दे दी है। कोई इसकी तुलना मुंबई के मरीन ड्राइव से करता है, तो कोई जुहू चौपाटी से। अब इस ताल की रंगत और निखरने वाली है। इसके लिए सीएम योगी ने एक बार और खजाना खोल दिया है। ताल के पश्चिमी और दक्षिणी छोर की तरह ही उत्तरी छोर को भी विकसित किया जाएगा। यहां नालों की टैपिंग कर गंदे पानी का प्रवाह रोका जाएगा। साथ ही समानांतर 2.5 किलोमीटर की लम्बाई में तीन मीटर चौड़ा बांध भी बनेगा। जल्द ही रामगढ़ ताल रिंग रोड की सैर का भी खूबसूरत स्थान बन जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 मार्च को केंद्रीय शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ मोहद्दीपुर में आरकेबीके के पास रामगढ़ ताल के समीप निर्माणाधीन सीवरेज कार्य का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने रामगढ़ ताल का अवलोकन भी किया। गोरखपुर दौरे से लखनऊ लौटने के बाद उन्होंने रामगढ़ताल के उत्तरी छोर, पैडलेगंज से मोहद्दीपुर आरकेबीके तक इंटरसेप्टिंग सीवर और समानान्तरण बंधे के निर्माण के लिए धनराशि 34 करोड़ 19 लाख 80 हजार रुपए की स्वीकृति दी है। कार्य योजना के मुताबिक रामगढ़ ताल के खूबसूरत नजारे के लिए अब 2.5 किलोमीटर लंबा बांध पाथ वे या व्यू पॉइंट के रूप में बनेगा।

धन मिल जाने से पैडलेगंज से आरकेबीके तक तीन मीटर चौड़ा बांध बनाया जाएगा। बांध और इंटरसेप्टिंग सीवर बन जाने से ताल में आसपास की नालियों से आ रहा कचरा प्रवाहित नहीं होने पाएगा और ताल की सुंदरता और निखर उठेगी। बांध के निर्माण से ताल के किनारे रिंग रोड की परिकल्पना पूरी तरह साकार हो जाएगी। रिंग रोड का काम पूरा होने पर ताल के चारों ओर भ्रमण कर इसकी खूबसूरती का दीदार किया जा सकेगा। विकसित हो रहे नए क्षेत्र में बांध (पाथ वे) पर पौधरोपण और बैठने के लिए बेंच बनाने की भी योजना है। रामगढ़ ताल के पश्चिमी और दक्षिणी छोर का विकास होने के साथ ही मोहद्दीपुर में आरकेबीके से सहारा इस्टेट तक पौने चार किलोमीटर की लम्बाई में सड़क बनाई गई है।

पूरे शहर में सीवर लाइन बिछाने की योजना –
गोरखपुर महानगर का तेजी से विस्तार नब्बे के दशक से होने लगा था, लेकिन महानगरीय बुनियादी सुविधाओं के नाम पर कहने को बहुत कुछ नहीं था। सीवर लाइन जैसी बुनियादी सुविधा की कभी सुध ही नहीं ली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दिशा में गम्भीरता से प्रयास किए। उनकी पहल पर अमृत योजना के तहत शहर के पूर्वी छोर पर सीवर लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। सीवर लाइन का आच्छादन पूरे शहर में किए जाने की कार्य योजना पर भी कार्य हो रहा है।

दिसम्बर तक सीवर लाइन का कार्य होगा पूरा –
28 मार्च को मुख्यमंत्री योगी ने केंद्रीय शहरी कार्य मंत्री के साथ निर्माणाधीन सीवर लाइन कार्य का निरीक्षण कर प्रगति की जानकारी ली थी। कार्यदायी संस्था जल निगम के मुताबिक अमृत योजना के तहत शहर पांच वार्डों महादेव झारखंडी टुकड़ा नम्बर एक, दो, इंजीनियरिंग कॉलेज, झरना टोला और गिरधरगंज में सीवर लाइन का निर्माण दो जोन में बांटकर किया जा रहा है। सीवर लाइन बिछाने के कार्य की शुरुआत अक्टूबर 2018 में हुई थी, दोनों जोन मिलाकर अब तक 70 प्रतिशत सीवर लाइन का कार्य कराया जा चुका है। दिसम्बर 2021 तक कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है।

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