अपराध और हत्या में उत्तर प्रदेश नंबर वन

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कांग्रेस ने कासगंज में पुलिस हिरासत में युवक की मौत को हत्या बताते हुए हाईकोर्ट के जज से जाँच कराने की माँग की।योगी राज में यूपी अपराध और हत्या में बना नंबर वन।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शह पर पुलिस उड़ा रही है नियम-क़ानून की धज्जियाँ।शाहजहाँपुर में सीएम से मिलने जा रही आशा बहुओं के साथ क्रूरता महिलाओं का अपमान।

विशाल लोधी राजपूत

लखनऊ। कासगंज में पुलिस हिरासत में युवक की मौत और शाहजहाँपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने जा रहीं आशा बहुओं की पुलिस पिटाई की कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है। पार्टी ने कासगंज की घटना की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जाँच कराने की माँग करते हुए आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ के राज में पुलिस अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर यूपी में क़ानून व्यवस्था की पोल खोल दी है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विशाल राजपूत लोधी ने कासगंज कोतवाली की पुलिस हिरासत में युवक की मौत को हत्या बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ मामले की जाँच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने की माँग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस की यह थ्योरी हास्यास्पद है कि युवक ने हवालात के नल से लटककर फाँसी लगा ली। उन्होंने पूछा कि क्या युवक की लंबाई एक-दो फिट से भी कम थी जो वह नल से लटककर खुदकुशी कर सकता था। वैसे भी कस्टडी में लिये गये किसी भी व्यक्ति की जान की सुरक्षा के लिए सीधे पुलिस ज़िम्मेदार होती है।

 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। उत्तर प्रदेश में साल 2016 में जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तब राज्य में साल भर में 4,94,025 आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। एनसीआरबी यानि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के ये आंकड़े योगी सरकार के सामने ये आंकड़े एक बड़ी चुनौती थी, साल 2017 में राज्य में 6 लाख 82 मामले दर्ज किए गए, लेकिन साल 2018 में योगी सरकार की क्राइम के बारे में जीरो टॉलरेंस के वादे का असर दिखने लगा। इस साल अपराध के आंकड़े घटकर 5 लाख 85 हजार 157 हो गए।

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सीएम योगी आदित्यनाथ की शह पर पुलिस लगातार नियम कानून का उल्लंघन कर रही है। हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीमकोर्ट तक इस संदर्भ में योगी सरकार को फटकार लगा चुके हैं। कई पुलिस अफसर हत्या के आरोप में फरार हैं या जेल में हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट बताती है कि योगी राज में अपराध और हत्या के मामले में यूपी नंबर वन बन चुका है। राजपूत ने कहा कि कासगंज मामले में पुलिसकर्मियों का निलंबन मौत पर लीपापोती के सिवा कुछ नहीं है। कासगंज घटना की पारदर्शी जांच के लिये हाइकोर्ट के सिटिंग जज की नियुक्ति होनी चाहिए।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने साल 2020 के क्राइम के आंकड़े जारी किए गए हैं. आंकड़ों के मुताबिक हत्या के मामले में यूपी पहले नंबर एक पर है. 2 जुलाई की रात कानपुर के बिकरू गांव में नामी अपराधी विकास दुबे को पकड़ने गए 9 पुलिसकर्मियों को मार दिया गया।

कांग्रेस प्रवक्ता राजपूत ने शाहजहाँपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिये जा रही आशा बहुओं पर पुलिस कार्रवाई की भी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा लाठी डंडों के बल पर आशा बहुओं को रोकने,  पुलिस कर्मियों द्वारा उनकी जूतों व चप्पलों से पिटाई करने, उनके सीने पर पैर रखने के दृश्य भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार की क्रूरता का साफ सबूत हैं। उन्होंने आशा बहुओं पर हमला करने वाले पुलिस कर्मियों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई और आशा बहुओं सभी बकाया मानदेय देने तथा अन्य समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की है।

विशाल लोधी राजपूत ने कहा कि कोरोनाकाल में आशा बहुओं ने अपनी जान पर खेलकर जनता की सेवा की थी। योगी शासन ने उनके साथ जो क्रूरता और अपमानजनक घिनौनी हरकत की है वह पूरी नारी शक्ति के अभिमान को ललकारने वाला है। आने वाले चुनाव में प्रियंका गाँधी के नेतृत्व में यूपी की महिलाएँ इस अपमान का बदला बीजेपी सरकार को सत्ता से बेदखल करके लेंगी। राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में पूरी कांग्रेस पार्टी  आशा बहुओं के साथ खड़ी है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने पर आशा बहुओं को दस हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की प्रियंका जी की प्रतिज्ञा के प्रति पार्टी प्रतिबद्ध है। [/responsivevoice]

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