बलरामपुर में विश्वविद्यालय कभी कल्पना थी-योगी

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बलरामपुर में विश्वविद्यालय कभी कल्पना थी-योगी
बलरामपुर में विश्वविद्यालय कभी कल्पना थी-योगी

बलरामपुर में विश्वविद्यालय कभी कल्पना थी, हम उसे साकार कर रहे। मुख्यमंत्री ने माँ पाटेश्वरी देवी राज्य विश्वविद्यालय का किया भूमिपूजन। बलरामपुर की ₹1,488.89 करोड़ की 466 विकास परियोजनाओं का सीएम ने किया लोकार्पण एवं शिलान्यास। श्रावस्ती की ₹260.37 करोड़ की 31 विकास परियोजनाओं का भी किया लोकार्पण और शिलान्यास। बोले मुख्यमंत्री – देवीपाटन मंडल में बरसती है मां पाटेश्वरी की कृपा। चंद माफिया और आपराधिक तत्वों ने इस धरती के सौंदर्य को कुंद करने का कार्य किया। राजनीति का अपराधीकरण हर्गिज नहीं होने देंगे। बलरामपुर में विश्वविद्यालय कभी कल्पना थी-योगी

बलरामपुर। जिस बलरामपुर में एक विश्वविद्यालय की बात कभी कल्पना थी, हम आज उसे साकार करने जा रहे हैं। मां पाटेश्वरी की कृपा, भगवान श्रीराम के पुत्र लव की राजधानी, बुद्ध की तपोभूमि और महाराजा सुहेलदेव के शौर्य और पराक्रम की भूमि के सौंदर्य को चंद माफिया और आपराधिक तत्वों ने कुंद करने का कार्य किया था। हम सब इसी संकल्प के साथ सत्ता में आए हैं कि राजनीति का अपराधीकरण हर्गिज नहीं होने देंगे, जो भी हमारे नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा उसको उसकी कीमत चुकानी पड़गी। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को यहां कोइलरा स्थित मां पाटेश्वरी देवी राज्य विश्वविद्यालय के भूमिपूजन समारोह के उपरांत जनसभा को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने बलरामपुर की ₹1,488.89 करोड़ की 466 विकास परियोजनाओं और श्रावस्ती की ₹260.37 करोड़ की 31 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।

बलरामपुर और श्रावस्ती का गौरवशाली इतिहास रहा है

प्रधानमंत्री की प्रेरणा और मार्गदर्शन से आकांक्षात्मक जनपदों को विकसित जनपदों की श्रेणी लाने का प्रयास हो रहा है। बलरामपुर और श्रावस्ती का गौरवशाली इतिहास रहा है। यहां मां पाटेश्वरी की कृपा पूरे क्षेत्र में बरसती है। भारत और नेपाल के श्रद्धालु हर साल बड़ी संख्या में यहां दर्शन करने आते हैं। श्रावस्ती को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के पुत्र लव ने अपनी राजधानी बनाया था। यही नहीं श्रावस्ती में भगवान बुद्ध ने चातुर्मास व्यतीत किया था। दसवीं ग्यारहवीं सदी में अपने शौर्य और पराक्रम से भारत की स्वाधीनता और स्वाभिमान को बनाए रखने वाले महाराज सुहेलदेव यहीं के राजा थे, जिन्होंने विदेशी आक्रांताओं को रौंदने का कार्य किया था।

इसी धरती से हुई रामजन्मभूमि आंदोलन की शुरुआत

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस श्रीराम जन्मभूमि पर भगवान राम के विराजमान होने के गौरवमयी क्षण के हम हाल ही में साक्षी बने हैं, उसके लिए 1949 से रामजन्म भूमि आंदोलन की शुरुआत इसी बलरामपुर की धरती से हुई थी। यहां लिया गया हर संकल्प अवश्य पूरा होता है। यहां राष्ट्रऋषि नाना जी देशमुख ने अपनी साधना से एक पहचान पाई थी। इसी धरती से अटल जी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। ये धरती पहले से ही प्रकृति और परमात्मा की कृपा की धरती रही है, लेकिन चंद माफिया और आपराधिक तत्वों ने इस धरती के सौंदर्य को कुंद करने का कार्य किया था। राजनीति का अपराधीकरण इस पूरी व्यवस्था में सबसे बड़ी बाधा थी।

अगले साल बलरामपुर को मिलेगी मेडिकल कॉलेज की सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि देवी पाटन मंडल में कभी मेडिकल कॉलेज होंगे, विश्वविद्यालय और एयरपोर्ट होंगे। उन्होंने बताया कि आज यहां 350 बेड वाले अस्पताल का उद्घाटन किया गया है। अगले वर्ष तक बलरामपुर जिले को मेडिकल कॉलेज भी हम देने जा रहे हैं। श्रावस्ती को एयरपोर्ट मिल चुका है। बलरामपुर में विश्वविद्यालय कभी कल्पना थी, अब वो भी साकार हो रही है। इस कमिश्नरी के चार जनपदों में तीन मेडिकल कॉलेज हैं, दो बन चुके और तीसरे का उद्घाटन आज हो रहा है। एक एयरपोर्ट और एक विश्वविद्यालय भी यहां हैं। साथ ही सरयू नगर राष्ट्रीय परियोजना जो चार दशकों से लटकी हुई थी उसका भी प्रधानमंत्री मोदी ने लोकार्पण कर दिया है।

लोकार्पित होने वाली प्रमुख परियोजनाएं

केजीएमयू, लखनऊ के सैटेलाइट सेंटर अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा महाविद्यालय’ में 300 बेडेड चिकित्सालय (फेस-1), हरिहरगंज-ललिया बनकटवा मार्ग (लंबाई-31 किमी) का चौड़ीकरण एवं सुहदीकरण, बहराइच-सिरसिया-गुलसीपुर-गुलरिहा राजमार्ग संख्या-158 के चैनेज 69.05 से 85.00 तक का चौड़ीकरण एवं सुहड़ीकरण, महाराजगंज-ललिया मार्ग के अवशेष भाग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, पूर्वांचल विकास निधि योजना के अंतर्गत 15 संपर्क मार्ग, घुघुलपुर में राजकीय पॉलिटेक्निक भवन 83 संपर्क भागों का विशेष मरम्मत कार्य, बाढ़ नियंत्रण की विभिन्न परियोजनाएं, सादुल्लाह नगर, गौरा चौराहा, तुलसीपुर एवं उत्तरौला थाने में हॉस्टल/बैरक एवं विवेचना कक्ष, श्रावस्ती में जनपद कारागार, भंगहा में 50 बेड का फील्ड हॉस्पिटल, जमुनहा में राजकीय महाविद्यालय, श्रावस्ती में राजकीय इंटर कॉलेज, कोटवा खास, शिवबालकपुरवा, शिवालापुर, साईपुरवा, रंकीपुरवा, बासुदरीपुरवा (बनवारीपुरवा), दौंती एवं ओबी संपर्क मार्ग का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने किया।

बलरामपुर में विश्वविद्यालय कभी कल्पना थी-योगी

शिलान्यास होने वाली प्रमुख परियोजनाएं


एनएच-330 के किमी-223 से एनएच-730 के किमी-328 तक के मध्य मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, गैडासबुजुर्ग, गैसड़ी एवं बलरामपुर में एकेडमिक ब्लॉक एवं छात्रावास, पूर्वांचल विकास निधि योजना के अंतर्गत 33 सड़कों का निर्माण, नाबार्ड के अंतर्गत 12 सड़‌कों का निर्माण, बुईतापुर आहादडीह नैकिनिया मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़िकरण, अनुरक्षण निधि से 59 संपर्क मार्गों की मरम्मत, निवर्तन के अंतर्गत 48 संपर्क मार्गों की विशेष मरम्मत, राज्य सड़क निधि योजनांतर्गत 48 संपर्क मार्ग, अनुसूचित जनजाति छात्रावास में अतिरिक भवन, जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्याल, सेखुईकला में ट्रांजिट होस्टान, श्रावस्ती में खुर्शीद नाला से पूरे वाया होरी कला मार्ग (अन्य जिला मार्ग) के चैनेज 0.000 से 7.000 तक (लंबाई-7 किमी) का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, कटरा-लालबोझी मार्ग (अन्य जिला मार्ग) के चैनेज-0.000 से 17.200 तक का 7 मीटर में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़िकरण, सेमगढ़ा एवं मोतीपुर में गोसंरक्षण केंद्र, मदारा में राजकीय पौधशाला, श्रावस्ती कृषि विज्ञान केंद्र का भवन, श्रावस्ती में जनपदीय ड्रग हाउस, श्रावस्ती पुलिस लाइन में 100 क्षमता का हॉस्टल/बैरक का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।

सरकार की नियत साफ हो तो विकास की स्पीड़ बढ़ जाती है

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सबसे खराब सड़कें इसी देवीपाटन मंडल की हुआ करती थीं। तब गोंडा से देवीपाटन मंदिर पहुंचने में 4 घंटे लगते थे आज ये दूरी 45 मिनट में पूरी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जब सरकार की नियत साफ होती है तो विकास स्पीड पकड़ने लगती है और बिना भेदभाव के गरीबों को शासन की सुविधाओं का लाभ मिलता है। सीएम ने बताया कि 2017 में यहां बाढ़ आई थी। उस वक्त जिला मुख्यालय श्रावस्ती और बलरामपुर बाढ़ के पानी से भरा हुआ था। मगर हमने बाढ़ की समस्या का स्थाई समाधान किया। नदी की ड्रेजिंग कराई गई, परिणाम ये हुआ कि 2017 के बाद यहां के जिला मुख्यालय पर कभी बाढ़ का पानी नहीं आया।

विकास अब केवल दिल्ली तक नहीं, गांव-गांव के लिए होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि होली के पहले हम यहां अपके भविष्य के लिए उपहार लेकर आए हैं। इससे आने वाली कई पीढ़ियां बनेंगी। यहां बन रहे विश्वविद्यालय में परंपरागत पाठ्यक्रम के साथ ही रोजगार परक पाठ्यक्रम भी चलेंगे। बच्चों को तकनीकि दृष्टि से सक्षम बनाने के लिए कार्यक्रम चलाए जाएंगे। विकास अब केवल दिल्ली तक नहीं, गांव-गांव के लिए होगा। हमारे नगरीय निकाय आत्मनिर्भर बनेंगे। ये सब आपके एक वोट की ताकत से होगा। वोट की ही ताकत है जिससे बेटी और व्यापारी की सुरक्षा हो रही है, नये उद्योग लग रहे हैं, आस्था का सम्मान और अयोध्या में रामलला विराजमान हुए हैं। पहले गरीबों के हक पर डकैती पड़ती थी, बेटी और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे, विकास की योजनाएं माफिया चट कर जाते थे। आस्था के नाम पर खिलवाड़ होता था और राम का नाम लो तो लाठी और गोली चलाई जाती थी। सीएम योगी ने कहा कि आज विकसित भारत का स्वर पूरे देश में गूंज रहा है। विकसित भारत के लक्ष्य के लिए पहले हमें विकसित उत्तर प्रदेश बनाना होगा, जहां अच्छी शिक्षा, अच्छी स्वस्थ्य सुविधाएं, रोजगार के अवसर, उद्योग धंधे, खुशहाल किसान, बेटी और व्यापारी की सुरक्षा आवश्यक है। यूपी को विकसित बनाना है तो बलरामपुर और श्रावस्ती को भी विकसित बनना होगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल, रहनी तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष बलरामपुर आरती तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रावस्ती दद्दन मिश्र, विधायक पलटू राम, रामप्रताप वर्मा ‘शशिकांत’,कैलाश नाथ शुक्ल,राम फेरन पांडेय,एमएलसी अवधेश कुमार सिंह ‘मंजू’,पद्मसेन चौधरी,डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी और साकेत मिश्र सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे। बलरामपुर में विश्वविद्यालय कभी कल्पना थी-योगी