तकनीक से होगी सड़कों की ऑनलाइन और भौतिक निगरानी: मुख्यमंत्री

  • मुख्यमंत्री ने गोरखपुर एवं आजमगढ़ मण्डल के सांसदों व विधायकों और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
  • जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर प्राथमिकता निर्धारित कर त्वरित कार्यवाही करते हुये समय से परियोजनाआें की स्वीकृति करायी जाए तथा तत्काल कार्य प्रारम्भ कराया जाए
  • जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की सड़कों के निर्माण कार्य की निरन्तर मॉनिटरिंग करते रहें, ताकि तेजी के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य हो।
  • उन सड़कों को प्राथमिकता दी जाए, जो बड़े क्षेत्र को लाभान्वित करने वाली हो।
  • लोक निर्माण विभाग तकनीक की मदद से कार्य की ऑनलाइन तथा भौतिक निगरानी करे।
  • सड़क निर्माण परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने और गुणवत्ता से समझौता न करने के निर्देश।
  • सेतु निगम को तकनीक का उपयोग करते हुये सेफ्टी से कार्य करने के निर्देश।

गोरखपुर/आजमगढ़। आज गोरखपुर में गोरखपुर एवं आजमगढ़ मण्डल के सांसदों व विधायकों और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ  मुख्यमंत्री योगी ने बैठक की। उन्होंने दोनों मण्डलों के सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए आगामी परियोजनाओं/प्रस्तावों की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों से विधानसभावार उनके क्षेत्र की सड़क आवश्यकताओं पर चर्चा करते हुये कहा कि बैठक का उद्देश्य प्रदेश के सभी क्षेत्रों मे समान रूप से विकास सुनिश्चित करना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर प्राथमिकता निर्धारित कर त्वरित कार्यवाही करते हुये समय से परियोजनाआें की स्वीकृति करायी जाए तथा तत्काल कार्य प्रारम्भ कराया जाए। उन्हांने कहा कि कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। लोक निर्माण विभाग तकनीक की मदद से कार्य की ऑनलाइन तथा भौतिक निगरानी करे। उन्होंने सेतु निगम को तकनीक का उपयोग करते हुये सेफ्टी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य के दौरान लोगां की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाये। उन्हांने कहा कि ज्यादा बिलो टेन्डर होने पर कार्य की गुणवक्ता प्रभावित होती है, इसलिए ऐसे लोगां का चिन्हित कर कार्यवाही की जाए।


गोरखपुर-आजमगढ मण्डल के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आगामी सड़क निर्माण परियोजनाओं, प्रस्तावों का डिजिटल प्रेजेंटेशन देखा। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री जी को आगामी प्रस्तावों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री जी ने सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए कहा कि सड़कों के सम्बन्ध में जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों से प्राथमिकता का निर्धारण जनप्रतिनिधियों की सहमति से किया जाए। जनप्रतिनिधि जिन सड़कों को प्राथमिकता दें, सबसे पहले उनका एस्टिमेट बनाकर योजना स्वीकृत कराकर, शिलान्यास कर निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाए। उन सड़कों को सबसे पहले प्राथमिकता दी जाए, जो बड़े क्षेत्र को लाभान्वित करने वाली हों।


मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने और गुणवत्ता से समझौता न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की सड़कों के निर्माण कार्य की निरन्तर मॉनिटरिंग करते रहें, ताकि तेजी के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य हो। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोरखपुर और आजमगढ मण्डल विकास की नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में संचालित विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करते रहें और किसी विकास कार्य में अड़चन आने पर अधिकारियों के साथ मिलकर उसे दूर कराएं। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह द्वारा बलिया-बांसडीह मार्ग पर पानी भरने की समस्या पर मुख्यमंत्री जी ने मुख्य अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग को निरीक्षण कर रिर्पोट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, ग्राम्य विकास राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, सांसद रवि किशन शुक्ल, सांसद विजय दुबे, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान सहित जनप्रतिनिधिगण व शासन प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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