8-9 सितंबर को लखनऊ में होगा यू.पी. टेक्स-2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे शुभारंभ। वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र के प्रमुख उद्यमियों के साथ मुख्यमंत्री करेंगे उच्चस्तरीय संवाद, निवेश और रोजगार बढ़ाने पर होगा मंथन। ‘यू.पी. टेक्स मित्र’ पोर्टल, हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना और वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना का होगा शुभारंभ।
लखनऊ। योगी सरकार उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख वस्त्र एवं परिधान उद्योग केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश में निवेश, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा देने तथा हथकरघा, रेशम, परिधान, तकनीकी वस्त्र एवं हस्तशिल्प क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से 8 एवं 9 सितंबर 2026 को इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में यू.पी. टेक्स-2026 का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन करने के साथ ही वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र के प्रमुख उद्यमियों के साथ उच्चस्तरीय गोलमेज संवाद भी करेंगे।
यू.पी. टेक्स-2026 उत्तर प्रदेश को वैश्विक वस्त्र विनिर्माण एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की सरकार की रणनीति को गति देगा। आयोजन में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों, निवेशकों, विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर प्रदेश में वस्त्र क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं, उत्पादन क्षमता, निर्यात, तकनीकी वस्त्र और आधुनिक परिधान उद्योग के विस्तार पर व्यापक चर्चा की जाएगी। पहले दिन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रमुख वस्त्र एवं परिधान उद्यमियों के साथ उच्चस्तरीय संवाद होगा, जिसमें प्रदेश में उद्योग विस्तार और निवेश को लेकर सुझाव लिए जाएंगे।
यू.पी. टेक्स-2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘यू.पी. टेक्स मित्र’ पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा। इसके साथ ही हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना तथा उत्तर प्रदेश वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना का भी शुभारंभ होगा। आयोजन में निवेश से जुड़े पत्रों का वितरण, चेक वितरण और निवेश संबंधी समझौतों का आदान-प्रदान भी प्रस्तावित है।
वस्त्र क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीआईटीआई-एनआईटीआरए की संयुक्त अध्ययन रिपोर्ट ‘एआई, ऑटोमेशन एवं डिजिटलीकरण के लिए भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग की तैयारी’ भी जारी की जाएगी। इससे वस्त्र एवं परिधान उद्योग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालन और डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग तथा उद्योग की भविष्य की आवश्यकताओं को समझने में मदद मिलेगी।
यू.पी. टेक्स-2026 में पीएम मित्र एवं संत कबीर टेक्सटाइल पार्क को वैश्विक स्तर के विनिर्माण एवं निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष चर्चा होगी। इन पार्कों के माध्यम से फाइबर से लेकर परिधान एवं तकनीकी वस्त्र तक पूरी मूल्य श्रृंखला को एकीकृत करने, बड़े घरेलू एवं वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने तथा भूमि, आधारभूत सुविधाओं, परीक्षण, परिवहन और अन्य सुविधाओं के साथ निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विचार होगा।
योगी सरकार का प्रयास है कि टेक्सटाइल पार्कों के माध्यम से प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश के साथ रोजगार सृजन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का एकीकरण, तकनीकी हस्तांतरण, कौशल विकास और निर्यात वृद्धि को गति मिले। इससे उत्तर प्रदेश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
पहले दिन उत्तर प्रदेश में होम टेक्सटाइल की संभावनाओं पर विशेष सत्र आयोजित होगा। इसमें बेड लिनेन, तौलिया, पर्दे, फर्निशिंग, कालीन, गलीचे एवं अन्य उत्पादों में मूल्य संवर्धन, निवेश, तकनीकी नवाचार, निर्यात और वैश्विक ब्रांडों के लिए उत्तर प्रदेश को प्रमुख आपूर्ति केंद्र बनाने पर चर्चा होगी।
इसके अलावा ‘स्केल यूपी अपैरल’ विषयक सत्र में असंगठित एवं छोटे परिधान निर्माण इकाइयों को संगठित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी परिधान इकाइयों में बदलने, आधुनिक परिधान क्लस्टर विकसित करने, स्वचालन एवं डिजिटल उत्पादन प्रणाली अपनाने और प्रदेश के एमएसएमई को वैश्विक परिधान मूल्य श्रृंखला से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा होगी।
9 सितंबर को आयोजित सत्रों में उत्तर प्रदेश को खेल वस्त्र एवं खेल सामग्री का प्रमुख विनिर्माण केंद्र बनाने तथा सुरक्षात्मक एवं रक्षा वस्त्रों का राष्ट्रीय केंद्र विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा होगी। खेल वस्त्र सत्र में फाइबर एवं तकनीकी वस्त्र से लेकर खेल परिधान, जूते, उपकरण एवं सहायक सामग्री तक पूरी मूल्य श्रृंखला विकसित करने, निवेश आकर्षित करने, अनुसंधान एवं नवाचार तथा निर्यात को बढ़ावा देने पर मंथन होगा।
वहीं रक्षा एवं सुरक्षात्मक वस्त्रों से जुड़े सत्र में सुरक्षात्मक परिधान, बैलिस्टिक वस्त्र, छलावरण कपड़े तथा उच्च क्षमता वाली आधुनिक सामग्रियों के निर्माण के लिए प्रदेश में एकीकृत औद्योगिक तंत्र विकसित करने पर विचार होगा। रक्षा क्षेत्र की आवश्यकताओं के साथ प्रदेश के वस्त्र, इंजीनियरिंग, एमएसएमई एवं विनिर्माण क्षेत्र की क्षमताओं को जोड़ने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की जाएगी।
यू.पी. टेक्स-2026 में उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प एवं हस्तनिर्मित उत्पादों के निर्यात के लिए रोडमैप तैयार करने पर भी विशेष सत्र होगा। पारंपरिक शिल्प समूहों को निर्यात योग्य उत्पादन तंत्र में विकसित करने, आधुनिक डिजाइन एवं वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने, गुणवत्ता एवं प्रमाणन में सुधार, डिजिटल वाणिज्य के माध्यम से वैश्विक खरीदारों तक पहुंच बनाने तथा प्रदेश की जीआई पहचान वाले उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग पर चर्चा होगी।



