ज्येष्ठ माह का मंगलवार है मंगलकारी

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ज्येष्ठ माह का मंगलवार है मंगलकारी
ज्येष्ठ माह का मंगलवार है मंगलकारी

ज्येष्ठ महीने मंगलवार जब आता है तो देश के प्राचीन हनुमान मंदिरों में आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ जाता है। हर तरफ रामभक्त हनुमान के जयकारे और भजन गूंजने लगते हैं। हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन बजंरगबली को समर्पित है लेकिन जब बात ज्येष्ठ महीने के मंगलवार की हो तो इसकी अहमियत और बढ़ जाती है। लखनऊ में इस कोई भूखा नहीं रहता है।जगह-जगह भण्डारे का आयोजन होता है। ज्येष्ठ माह का मंगलवार है मंगलकारी

जय बजरंग मंदिर कोतवाली के पीछे ज्येष्ठ माह के शुभ मंगल अवसर पर आध्यात्मिक कार्यक्रम एवं भजन संध्या का कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्कृति निदेशालय के द्वारा भेजी गई सांस्कृतिक दल ओम मिश्रा और साथियों ने भजन गायकी से समां बांध दिया। कार्यक्रम का प्रारंभ गणेश वंदना,राम आएंगे,मंगल गांव दीप जलाओ आज मेरे सीताराम आई है। हे दुख भंजन मारुति नंदन सुन लो मेरी पुकार पवनसुत विनती बारंबार हनुमान जी का भजन प्रस्तुत किया और मिश्रा ने कई भजन प्रस्तुत की इनके साथ अनीता गुप्ता ने माता के भजन शंकर जी के भजन हनुमान जी के भजन प्रस्तुत किया। संगतकर्ताओं में आफाक तबला अनूप बैंजो संजय मंजीरा प्रेमनाथ हारमोनियम ने संगत की मंदिर के अध्यक्ष रामचंद्र लोधी ने बताया की मंदिर का यह उत्सव विगत 40 वर्षों से अनवरत होता आया है।

आज ज्येष्ठ मास का आखिरी बड़ा मंगल है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बड़ा मंगल का विशेष महत्व है। इसलिए इस दिए किए गए कार्यों को अधिक गुना फल मिलता है। दरअसल, बड़े मंगल पर ही हनुमानजी की भगवान राम से भेट हुई थी। बड़ा मंगल को बुढ़वा मंगल के नाम से भी जाना जाता है। ज्येष्ठ मास के आखिरी बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर चोला चढ़ाएं। हनुमान जी को चोला चढ़ाने से शनि की महादशा, अंतर्दशा से राहत मिलती है। साथ ही राहु की दशा में भी राहत मिलती है। ज्येष्ठ माह का मंगलवार है मंगलकारी