मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कम्प्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) को नियुक्ति पत्र प्रदान किये।
विगत 09 वर्षों से प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन व उनके विजन के अनुरूप प्रदेश में सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में उ0प्र0 पुलिस बल त्वरित गति से कार्य कर रहा।
प्रदेश का पुलिस बल देश में मॉडल पुलिसिंग का उदाहरण बना, स्मार्ट पुलिसिंग के अनुरूप नवचयनित कम्प्यूटर ऑपरेटर की डिजिटल वॉरियर के रूप में बड़ी भूमिका।
सुरक्षा के बेहतर वातावरण के परिणामस्वरूप विगत 09 वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था तथा प्रति व्यक्ति आय तीन गुना से अधिक बढ़ी, अब प्रत्येक निवेशक उ0प्र0 के प्रत्येक सेक्टर में निवेश करना चाहता।
प्रदेश सरकार अब बिना भेदभाव के प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान कर रही, पर्व और त्योहार उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाए जाते।
विगत 09 वर्षों में सवा दो लाख पुलिस कार्मिकों की भर्ती बिना भेदभाव के पारदर्शितापूर्वक सम्पन्न, वर्तमान में प्रदेश में 60 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग की व्यवस्था।
निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के अन्तर्गत 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी से जोड़ा गया, प्रदेश में सुरक्षा के बेहतर वातावरण में हुए निवेश के कारण लाखों युवाओं को रोजगार प्राप्त।
प्रदेश सरकार ने पुलिस कार्मिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया, वर्तमान में प्रदेश के 56 जनपदों में सबसे हाईराइज बिल्डिंग पुलिस की बैरक
पुलिस विभाग में फॉरेंसिक लैब की संख्या बढ़कर 12 हुई, 06 ए-ग्रेड की फॉरेंसिक लैब निर्माणाधीन।
उ0प्र0 पुलिस का स्वयं का फॉरेंसिक इन्स्टीट्यूट, प्रत्येक बड़े जनपद में 03 तथा छोटे जनपद में 02 मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध।
जितनी ईमानदारी से अभ्यर्थियों का चयन हुआ, उतनी ही ईमानदारी से उन्हें दायित्वों का निर्वहन करना होगा, अनावश्यक पेन्डेंसी व टालने की प्रवृत्ति समाप्त होनी चाहिए।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विगत 09 वर्षों से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन व उनके विजन के अनुरूप प्रदेश में सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में उत्तर प्रदेश पुलिस बल त्वरित गति से कार्य कर रहा है। प्रदेश का पुलिस बल देश में मॉडल पुलिसिंग का उदाहरण बना है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। स्मार्ट पुलिसिंग के अनुरूप नवचयनित कम्प्यूटर ऑपरेटर की डिजिटल वॉरियर के रूप में बड़ी भूमिका होगी। निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कम्प्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सुरक्षा के बेहतर वातावरण में ही सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। बेहतर वातावरण के परिणामस्वरूप विगत 09 वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था तथा प्रति व्यक्ति आय तीन गुना से अधिक बढ़ी है। अब प्रत्येक निवेशक उत्तर प्रदेश आकर प्रत्येक सेक्टर में निवेश करना चाहता है।
वर्ष 2017 से पूर्व पुलिस के बारे में जनता की धारणा अच्छी नहीं थी। प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब थी। प्रत्येक दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था। महीनों-महीनों कर्फ्यू लगा रहता था। उत्सव के पहले उपद्रव होने लगते थे। बेटियां तथा व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। आम नागरिक के मन में हमेशा भय व्याप्त रहता था। प्रदेश सरकार अब बिना भेदभाव के प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान कर रही है। अब यहां दंगा नहीं होता है। कर्फ्यू नहीं लगाना पड़ता। पर्व और त्योहार उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाए जाते हैं। विगत 09 वर्षों में सवा दो लाख पुलिस कार्मिकों की भर्ती बिना भेदभाव के पारदर्शितापूर्वक सम्पन्न की गई है। आज पुलिस विभाग के 930 कम्प्यूटर ऑपरेटर को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जा रहा है। कुछ दिन पूर्व ही प्रदेश में लगभग 35,000 पुलिस आरक्षियों की भर्ती परीक्षा सम्पन्न हुई है। इस परीक्षा के लिए 28 लाख युवाओं ने आवेदन किया था। उससे पूर्व 41,000 होमगार्ड्स की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी।
वर्ष 2017 से पूर्व पुलिस विभाग में ट्रेनिंग की क्षमता मात्र 3,000 थी। वर्तमान में 60 हजार पुलिस कार्मिकों की ट्रेनिंग की व्यवस्था है। गत वर्ष 60,244 पुलिस कार्मिकों की भर्ती सकुशल सम्पन्न करने के पश्चात उनकी ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश पुलिस के स्वयं के केन्द्रों में पूर्ण करायी गयी। वर्तमान में वह सभी कार्मिक फील्ड में सफलतापूर्वक कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। तेज गति से कार्य करने के अच्छे परिणाम आते हैं। जब कोई बड़ा कदम उठाता है, तो आलोचनाएं होती हैं। लेकिन हमें उनसे घबराए बिना आगे बढ़ना चाहिए।
पुलिस के जिस जवान के भरोसे हम प्रदेश की इतनी बड़ी आबादी को सुरक्षा की गारण्टी देना चाहते हैं, वर्ष 2017 से पूर्व, उसका स्वयं का ठिकाना नहीं था। उन्हें टूटे हुए बैरक में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता था। उनकी आधारभूत सुविधाओं का ध्यान नहीं दिया जाता था। प्रदेश सरकार ने पुलिस कार्मिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया। वर्तमान में प्रदेश के 56 जनपद ऐसे हैं, जिनमें सबसे हाईराइज बिल्डिंग पुलिस की बैरक है। इसका तात्पर्य यह है कि उत्तर प्रदेश पुलिस आज सबसे टॉप पर है।
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प्रदेश के 07 जनपदों में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया गया है। यह पुलिस सुधार का भाग है। जिनको पुलिस रिफॉर्म और पुलिसिंग की जानकारी नहीं, वह पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम पर उंगली उठाते हैं। यह वह लोग हैं, जिन्हें आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा की चिंता नहीं है। प्रदेश सरकार द्वारा पुलिस विभाग की अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया गया है। पहले पुलिस विभाग में 04 फॉरेंसिक लैब थे। आज इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गयी है। 06 ए-ग्रेड की फॉरेंसिक लैब निर्माणाधीन हैं। अब उत्तर प्रदेश पुलिस का स्वयं का फॉरेंसिक इन्स्टीट्यूट भी है। प्रत्येक बड़े जनपद में 03 तथा छोटे जनपद में 02 मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध हैं। यह सभी तैयारियां पहले से नहीं होतीं, तो प्रदेश में तीन नए कानून प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पाते।
प्रदेश के सभी 75 जनपदों में साइबर थाने और सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गयी है। साइबर फ्रॉड से जुड़े मामलां की समय पर सूचना देने से लोगों को ठगी से बचाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने कालचक्र के प्रवाह को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया, बल्कि वह उस प्रवाह को अपने साथ लेकर चली है। अब उत्तर प्रदेश पुलिस पर कोई उंगली नहीं उठा सकता। कालचक्र की परवाह किये बिना जो व्यक्ति अनिर्णय का शिकार होता है, वह कटघरे में खड़ा हो जाता है। हमें कार्य पद्धति के माध्यम से अपना सर्वात्तम करने का प्रयास करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नौकरी के लिए प्रदेश के युवाआें को बाहर जाना पड़ता था। उन्हें वहां पहचान के संकट से जूझना पड़ता था। आज प्रदेश में स्थानीय रूप से नौकरी व रोजगार की सम्भावनाएं सुदृढ़ हुई हैं। यदि कोई युवा अच्छा अवसर प्राप्त होने पर बाहर जाना चाहता है, तो उसे कोई मना नहीं कर सकता। विगत 09 वर्षां में निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के अन्तर्गत 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी से जोड़ा गया है। प्रदेश में सुरक्षा के बेहतर वातावरण में हुए निवेश के कारण लाखों युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। पहले प्रदेश में कुल 14,000 बड़े कारखाने थे। एम0एस0एम0ई0 सेक्टर बन्दी के कागार पर था। विगत 09 वर्षां में 32,000 बड़े कारखाने स्थापित हुए हैं, जिनके माध्यम से लाखों युवाओं को नौकरी मिली है। 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाइयां पुनर्जीवित होकर रोजगार के नए अवसरों को सृजित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों से कहा कि सौभाग्य की बात है कि आप बदलते हुए उत्तर प्रदेश में दुनिया के सबसे बड़े सिविल पुलिस बल का हिस्सा बनने जा रहे हैं। 06 माह की ट्रेनिंग के पश्चात जब अपने कार्य क्षेत्र में जाएंगे, वहां किसी भी स्तर पर सिफारिश करने की नौबत नहीं आएगी। हर स्तर पर मेरिट देखी जाएगी। आपको उस मेरिट के अनुसार आगे बढ़ने की तैयारी करनी चाहिए। शासन आपसे अपेक्षा रखेगा कि जितनी ईमानदारी से आपका चयन हुआ है, उतनी ही ईमानदारी के साथ आप सौंपे गये दायित्वों का निर्वहन करेंगे। अनावश्यक पेन्डेंसी व टालने की प्रवृत्ति समाप्त होनी चाहिए। यदि हम पिछली सरकारों की तरह टालते रहते, तो यह भर्तियां सम्पन्न नहीं हो पातीं। अवस्थापना सुविधाओं का विकास नहीं होता। इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनिंग सेंटर विकसित नहीं होते।
प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक क्षेत्र में कुछ न कुछ नया किया गया है। उसके बेहतरीन परिणाम सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में जाना जाता है। देश की टॉप थ्री अर्थव्यवस्थाओं में उत्तर प्रदेश का नाम सम्मिलित है। उत्तर प्रदेश को आज प्रत्येक स्तर सम्मान मिलता है। भारत सरकार की कोई भी योजना आती है, तो उत्तर प्रदेश उसमें नम्बर एक या दो पर रहता है। यह सबके सामूहिक प्रयास से सम्भव हुआ है। आप सभी को प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने के सारथी के रूप में अपनी-अपनी फील्ड में नेतृत्व देने के लिए तैयार रहना होगा। यह तभी हो सकता है, जब आप अनुशासन का भाव बनाए रखेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग अक्सर देखते हैं कि कुछ लोग ड्यूटी के दौरान रील बनाते रहते हैं। यह अनुशासनहीनता है। हमें अपनी ड्यूटी के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए। कार्य के प्रति सतर्कता और गम्भीरता आवश्यक है। ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिससे हमें अनावश्यक हंसी का पात्र बनना पड़े। सिस्टम पर अनावश्यक उंगली उठाने वाले स्वयं कर्तव्यविहीन होते हैं। आपको आधुनिक तकनीक व पुलिस विभाग से जुड़े एप्लीकेशंस की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इस क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर कार्य करना है।



