स्मृति ईरानी अमेठी पहुंच अपनों की पीड़ा में हुई शामिल

स्मृति ईरानी अमेठी पहुंच अपनों की पीड़ा में हुई शामिल, ट्रामा सेंटर व डीह अस्पताल पहुंच जाना स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल। कोविड टीकाकरण व संक्रमण से बचाव के उपायों को तेज करने का दिया निर्देश।

अमेठी । केंद्रीय वस्त्र व महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति इरानी ने शुक्रवार को अचानक अपने संसदीय क्षेत्र पहुंची और पिछले कुछ दिनों में दिवंगत हुए परिवारों के बीच पहुंच उनकी पीड़ा को कम करने का प्रयास किया। उन्होंने जगदीशपुर में ट्रामा सेंटर व सलोन विधान सभा क्षेत्र के डीह सीएचसी पहुंच कर स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत देखी और अधिकारियों से कोविड टीकाकरण तेज करने के साथ ही संक्रमण से बचाव के उपायों पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहाकि मेरी अमेठी के लोगों को किसी तरह की समस्या नहीं होनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री व सांसद स्मृति इरानी के प्रतिनिधि विजय गुप्ता ने बताया कि  जगदीशपुर विधान सभा क्षेत्र बाजारशुकुल के दक्खिनगांव निवासी अमितश्रीवास्तव, पूरे राग्घूशुक्ल निवासी विद्या देवी, राज कुमारी के घर पहुंच शोक व्यक्त किया। कमरौली निवासी विजय शुक्ल, पलिया पश्चिम निवासी दिवंगत बूथ अध्यक्ष स्व. फड़नीस अवस्थी के घर पहुंच उन्होंने परिवार के लोगों से मुलाकात की। वह हलियापुर के पिपरी गांव भी गई। यहां कुछ दिन पहले सिद्धनाथ की मां का निधन हो गया था।

उन्होंने परिवार के लोगों से मिलकर संकट की घड़ी में परिवार के लोगों ढाढस बंधाया वहीं जगदीशपुर स्थित ट्रामा सेंटर व सलोन विधान सभा क्षेत्र के डीह स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच स्वास्थ्य सुविधाओं का देखा और जिम्मेदारों को कोविड टीकाकरण तेज करने के साथ ही संक्रमण के प्रभाव को बढ़ने से रोकने के लिए जरुरी दिशा निर्देश भी दिए। 

स्मृति इरानी महामारी में व्हाट्सएप पर ट्विटर के माध्यम से बीमार लोगों को बेड वा आक्सीजन दिलवाने के लिए भी स्मृति लगातार सक्रिय रहीं। जिला प्रशासन के साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं व अन्य लोगों से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर वह प्रतिदिन हाल खबर लेती रही। शुक्रवार को जब स्मृति अचानक बाजार शुकुल पहुंची तो किसी को इसकी कानों कान खबर भी नहीं थी।

भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी समेत वरिष्ठ नेता भी सरकार के 7 साल पूरे होने पर सेवा ही संगठन कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने में जुटे हुए थे। उन्हें भी एहसास नहीं था कि उनकी सांसद यूं अचानक से दोबारा अमेठी आ जाएंगी। पार्टी कार्यकर्ता सिद्धनाथ सिंह के घर चारपाई पर बैठी स्मृति ईरानी अपनों की पीड़ा सुनकर दुखी हो गई। सिद्धनाथ सिंह की मां की कोरोना से मौत हो गई थी। जिनके इलाज को लेकर भी स्मृति ने काफी प्रयास किए थे। महामारी के चलते मां को गवां चुके सिद्धनाथ सिंह स्मृति के इस अपनत्व के भाव से अभिभूत दिखे।

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