सजा के करीब सांसद आज़म खां

रामपुर- सजा के करीब जेल में बंद सांसद आज़म खां.14 साल पुराने केस में सांसद आजम खां की बड़ी मुश्किलें.जज ने कोर्ट में वीडियो कॉल के जरिए आजम खां को पढ़कर सुनाए आरोप.कोर्ट में तय हुए आज़म खां पर आरोप.SC-ST एक्ट में अब आजम खां को हो सकती है सजा.2007 में चुनावी जनसभा में अनुसूचित जाति समाज के लोगों के लिए जाति सूचक शब्द बोलने का मामला.थाना टांडा क्षेत्र में दर्ज हुआ था मुक़दमा.MP MLA कोर्ट में चल रहा मामला.11 नबम्बर को होगी इस मामले में सुनवाई.

मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी बनाने के लिए मोहम्मद आजम खान पर किसानों की जमीनें कब्जाने का आरोप है. साल 2019 में 26 किसानों ने मुकदमे भी दर्ज कराए थे. रामपुर जिला प्रशासन ने आजम खान के खिलाफ भू-माफिया का केस भी दर्ज किया है. आजम पर चकरोड की जमीनों पर कब्जा कर यूनिवर्सिटी की बाउंड्री वॉल बनवाने का आरोप था. रामपुर एडीजे कोर्ट ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, सरकारी व ​दूसरे लोगों की जमीनों पर अवैध कब्जे के दर्जनों मामलों में मोहम्मद आजम खान, उनकी पत्नी तजीन फातमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को सीतापुर जेल भेज दिया था. तजीन को इस साल की शुरुआत में जमानत मिल गई थी, लेकिन आजम सीतापुर जेल में बंद रहे. यहीं वह कोरोना की चपेट में आए थे.

पहले ही कई सारे मामलों में जेल की हवा खा रहे हैं. अब उन पर चल रहे केसों में एक बड़े केस ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. यह मामला है उनके द्वारा रामपुर में चलाई जा रही मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की चकरोड की जमीन का. उन पर इस सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने का मामला चल रहा था. इस मामले में आजम खां को झटका लगा है. उपजिलाधिकारी की कोर्ट ने आजम खां के जौहर ट्रस्ट की अपील को खारिज कर दिया है. एसडीएम की कोर्ट ने तहसीलदार की अदालत द्वारा दिए गए चकरोड की जमीन से कब्जा हटाने के आदेश को सही माना है. 

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