प्रदेश में कोरोना महामारी की आक्रामकता न्यूनतम-योगी

कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश

▪️यह संतोषप्रद है कि प्रदेश में कोरोना महामारी की आक्रामकता न्यूनतम हो गई है, लेकिन थोड़ी सी भी लापरवाही अब तक के सभी प्रयासों को निरर्थक बना सकती है। हमें लगातार सतर्क और सावधान रहना होगा। आंशिक कोरोना कर्फ्यू को प्रभावी ढंग से लागू रखा जाए। लोगों के साथ पुलिस का व्यवहार संवेदनशील होना चाहिए।

  • विशेषज्ञों के आकलन के दृष्टिगत कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के संबंध में प्रो-एक्टिव नीति अपनाई जा रही है। सभी मेडिकल कॉलेजों में पीआईसीयू और एनआईसीयू की स्थापना को तेजी से पूरा किया जाए। सभी 58 मेडिकल कॉलेजों में 100-100 बेड के पीआईसीयू स्थापित किये जाने हैं। इसके साथ 50 बेड का एनआईसीयू भी हो। यह कार्य शीर्ष प्राथमिकता के साथ किया जाए।

▪️सीएम हेल्पलाइन और आइसीसीसी के माध्यम से कोरोना मरीजों/परिजनों से संवाद बना कर उनकी जरूरतों की पूर्ति कराई जा रही है। अब इसी प्रकार पोस्ट कोविड मरीजों और ब्लैक फंगस की समस्या से ग्रस्त मरीजों/परिजनों से हर दिन संवाद किया जाए। उनकी सभी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाए।

▪️प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में मौसम विभाग द्वारा चक्रवाती तूफान के प्रभाव की आशंका जताई गई है। इस संबंध में बचाव के दृष्टिगत आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। पब्लिक एड्रेस सिस्टम, पीआरवी 112 के अलावा मीडिया की सहायता से आमजन को जागरूक किया जाए।

▪️18 से 44 आयु वर्ग का टीकाकरण तेजी से चल रहा है। कल 1,47,048 लोगों को टीका-कवर प्राप्त हुआ। इस तरह अब तक इस आयु वर्ग के 13,61,550 लोगों को टीका कवर मिल चुका है। एक जून से सभी 75 जिलों में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के कोविड टीकाकरण का कार्यक्रम प्रारम्भ हो रहा है। न्यायिक सेवा के लोगों, मीडिया प्रतिनिधियों के अलावा शिक्षकों व कर्मचारियों के टीकाकरण हेतु 02-02 केंद्र सभी जिलों में बनाये जाएं। शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, बैंक कर्मी आदि का टीकाकरण शीघ्रता से कराया जाना चाहिए।

▪️जिन अभिभावकों के बच्चे 12 वर्ष से कम आयु के हैं, उनका टीकाकरण प्राथमिकता के साथ किया जाना आवश्यक है। इस संबंध में विधिवत कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए। हर जिले में ‘अभिभावक स्पेशल’ बूथ बनाये जाएंगे। अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें टीकाकरण के लिए आमंत्रित करें। यह अभिभावक के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा के लिए उपयोगी होगा। इसे अभियान के रूप में संचालित किया जाना चाहिए।

▪️कोविड टीकाकरण पूर्णतः निःशुल्क है, केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सभी नागरिकों को निःशुल्क टीका-कवर उपलब्ध कराया जा रहा है। कोरोना वैक्सीनेशन की कार्यवाही व्यवस्थित, निर्बाध और प्रभावी ढंग से संचालित की जाए। जीरो वेस्टेज को ध्यान में रखकर पूरी कार्ययोजना के साथ वैक्सीनेशन की कार्यवाही का प्रभावी प्रबन्धन किया जाए। वैक्सीनेशन का कार्य सुचारु ढंग से सभी वैक्सीनेशन सेंटर पर चलता रहे, इसके लिए एक माह की प्लानिंग पहले से होनी चाहिए। वैक्सीनेशन सेंटर पर वेटिंग एरिया के साथ ही ऑब्जर्वेशन एरिया की व्यवस्था भी होनी चाहिए। वैक्सीनेशन सेंटर पर भीड़-भाड़ न हो, इसके लिए प्लानिंग के साथ जिनका वैक्सीनेशन होना है, उन्हें ही सेंटर पर बुलाया जाए।

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