नगरों को श्रेष्ठ बनाने का शासनादेश जारी

  • स्वच्छता, सुन्दरता एवं हरियाली का स्तर बढ़ाकर नगरों को श्रेष्ठ बनाने का शासनादेश जारी।
  • नगर निकायों में नगरीय सुविधाओं को बढ़ाने एवं शहरों को सुंदर बनाने के लिए 15 अप्रैल से 15 जून तक चलेगा विशेष अभियान।
  • नगर निकायों की सुविधाओं और सेवाओं को निखारने के लिए नगर विकास विभाग ने कसी कमर।
  • 12 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत स्थानीय निकायों में नगरीय सुविधाओं एवं सौन्दर्यीकरण के लिए कराए जाएंगे विभिन्न कार्य।

अजय सिंह

लखनऊ। प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन की प्रेरणा एवं मुख्यमंत्री की मंशानुरूप नागरिकों को सुखद, स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए प्रदेश के सभी नगर निकायों में नगरीय सुविधाओं को बढ़ाने एवं शहरों को सुंदर बनाने के लिए 15 अप्रैल से 15 जून, 2022 तक 60 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान विशेष अभियान के तहत समस्त नगर निगमों, मिशन अमृत योजना के अंतर्गत चयनित समस्त नगर पालिका परिषदों एवं जनपद मुख्यालय के नगर पालिका परिषदों में 12 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत विशेष कार्य किये जाएंगे।प्रदेश के नगर विकास, शहरी समग्र विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री ए0के0 शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सबके सहयोग से नगर निकायों में सफाई अभियान की निरन्तरता जारी है। नगरों में इसका असर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। इस सफलता के लिए विशेष रूप से सफाई कर्मियों का एवं अन्य सबका धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुसार हम नगरों में रहने वाले तथा काम करने वाले लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं। शासन द्वारा इसके लिए एक और शासनादेश निर्गत किया गया है, जिसमें नगरीय जीवन को और गुणात्मक तथा सुंदर एवं सुरूचिपूर्ण बनाने का रास्ता बताया गया है। कार्याें को गुणवत्तापूर्ण एवं समय से पूर्ण करने के लिए स्थानीय निकाय निदेशालय के निदेशक, समस्त जिलाधिकारी एवं नगर आयुक्त, नगर पालिका परिषद के समस्त अधिशासी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।


नगर विकास मंत्री ने बताया कि शासनादेश में 12 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत स्थानीय निकायों में नगरीय सुविधाओं एवं सौन्दर्यीकरण के लिए विभिन्न कार्य कराए जाएंगे जिसमें :-

  • स्थानीय निकायों में दो लेन या उससे अधिक लेन की सड़कों पर लोक निर्माण/आवास एवं शहरी नियोजन/नगर निकाय द्वारा अपने स्वामित्व वाली सड़कों पर लेन पेंटिंग तथा जेब्रा क्रॉसिंग का कार्य कराया जाएगा। साथ ही साइनेज चिन्ह के अलावा स्टैंडर्ड बोर्ड भी लगाए जाएंगे।
  • स्मार्ट सिटीज के अंतर्गत जंक्शन इंप्रूवमेंट के निर्माणाधीन कार्यों को समय से पूर्ण कराया जाएगा। साथ ही जंक्शन पर सुगम यातायात के लिए लेफ्ट फ्री ट्रैफिक हेतु बोर्ड लगाए जाएंगे, जंक्शन को आवश्यकतानुसार चौड़ा किया जाएगा, फुटपाथ  ठीक कराए जाएंगे और अव्यवस्थित चौराहों को पीपीपी मॉडल पर विकसित कराया जाएगा।
  • निकायों में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने एव एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्श) को मानक के अनुरूप रखने के लिए वैज्ञानिक तरीके से रोड साइड प्लांटेशन तथा ग्रीन बेल्ट विकसित किए जाएंगे। साथ ही अर्द्ध विकसित/निर्माणाधीन पार्कों के कार्यों को पूर्ण कर उनका सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। शहर में मुख्य स्थलों पर वर्टिकल गार्डन भी लगाए जाएंगे तथा पार्कों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
  • शहर के मुख्य स्थलों पर वॉल म्युरल्स तथा वॉल पेंटिंग का कार्य विभिन्न थीम के आधार पर कराए जाएंगे। इसके लिए नगर निगम वाराणसी एवं प्रयागराज में कराये गए कार्यों के भी उदाहरण लिये जाएंगे।
  • शहर के मुख्य बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, बस एवं रेलवे स्टेशनों, सांस्कृतिक व पर्यटक स्थलों पर प्रतिदिन सायंकाल 4ः00 से 8ः00 बजे के बीच द्वितीय पाली में भी सफाई कराई जाएगी एवं कूड़े का उठान होगा।
  • गार्बेज वर्नेबल प्वाइंट को शत-प्रतिशत समाप्त कर, ऐसे स्थलों का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा तथा अविकसित सेकेंडरी कलेक्शन प्वाइंट को चिन्हित कर वहां पर काम्पैक्टर लगाए जाएंगे या उनको तीन तरफ से 03 फिट की आरसीसी दीवार और उसके ऊपर 03 फिट की ग्रीन सीट लगाकर कवर किया जाएगा तथा एक तरफ गेट लगाया जाएगा।ऽ शहर के मुख्य नाले, जिनसे दुर्गंध आती हो और प्रदूषण फैल रहा हो, उनका बायो-रिमिडियेशन/फाइटो-रिमिडियेशन कराया जाएगा और ऐसे कार्यों की साप्ताहिक मानिटरिंग भी की जाएगी।
  • आलोच्य अवधि में नालों/नालियों की सफाई का विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिससे वर्षाकाल में जलभराव की स्थिति न हो, इसके लिए विस्तृत माइक्रोप्लान बनाते हुए, पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी और सफाई के पूर्व एवं बाद के लेटिट्यूड और लॉगिट्यूड के साथ फोटोग्राफ्स लेते हुए डिजिटल डायरी बनाई जाएगी।
  • सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों की डायरेक्टरी बनाई जाएगी तथा अभियान चलाकर बंद व खराब सार्वजनिक/सामुदायिक शौचालयों को ठीक कराया जाएगा तथा उनके अनुरक्षण एवं संचालन के लिए समुचित व्यवस्था की जाएगी।
  • लिगेसी वेस्ट के निस्तारण का कार्य, जिन निकायों में वर्तमान में प्रगति पर है, वहां साइट पर ट्रामेल्स  की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे वर्षाकाल के पूर्व अधिक से अधिक लिगेसी वेस्ट का निस्तारण हो सके।
  • जिन शहरों में वन सिटी वन ऑपरेटर के तहत निजी कंपनियों द्वारा एसटीपी के संचालन व सीवर के रखरखाव का कार्य किया जा रहा है, वहां के नगर आयुक्त द्वारा प्रबंध निदेशक, जल निगम के साथ मिलकर मेजर रिपेयर्स/रि-प्लेसमेंट के कार्यों के लिए आगणन तैयार कराते हुए तत्काल सुधार के कार्य निष्पादित कराए जाएंगे।
  • संपूर्ण शहर में होर्डिंग के स्थलों का चिन्हांकन कर उन्हें व्यवस्थित किया जाएगा तथा उनका मानकीकरण भी किया जाएगा। कुछ प्रमुख स्थलों पर स्थानीय निकाय की तरफ से डिजिटल होर्डिंग लगाई जाएगी, जिससे नागरिक सुविधाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी, साथ ही स्वच्छता एवं प्रदूषण आदि के बारे में जागरूक भी किया जाएगा।
  •  नगर विकास मंत्री ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान निकायों में किए जा रहे कार्यों का पर्यवेक्षण करने के लिए शासन द्वारा नामित अधिकारी निकायों में भ्रमण कर कार्यवाही की रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएंगे।

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