जानें दही खाने का सही तरीका

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जानें दही खाने का सही तरीका
जानें दही खाने का सही तरीका

कभी भी आप दही को नमक के साथ मत खाईये. दही को अगर खाना ही है, तो हमेशा दही को मीठी चीज़ों के साथ खाना चाहिए, जैसे कि चीनी के साथ, गुड के साथ, बूरे के साथ आदि.चाहे कोई भी मौसम हो, अमूमन लोग भोजन के साथ दही खाना पसंद करते हैं. गर्मियों के मौसम में इसकी डिमांड और भी अधिक होती है, क्योंकि यह हमारे पेट को भी ठंडा रखता है. साथ ही हमारे सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. कुछ लोग दही में चीनी या नमक मिलाकर खाते हैं, तो कुछ लोग दही में कुछ मिलाए बिना ही खा जाते हैं. जानें दही खाने का सही तरीका

डॉ.रोहित गुप्ता {अयुवेदिक}

आयुर्वेद के अनुसार सबसे अच्छा यही है कि आप दही चीनी या नमक नहीं मिलाएं, कोशिश करें कि सादा ही खाएं. अगर बिना कुछ मिलाए नहीं खा सकते हैं तो नाश्ते के समय चीनी मिलाकर खा सकते हैं. दोपहर या रात में नमक मिलाकर खाएं, लेकिन ये भी है कि रात में दही खाने से बचना चाहिए. साथ ही कोशिश ये भी करें कि दही का सेवन रोज नहीं करें. साथ ही दही में मूंग दाल, शहद, घी, चीनी व आंवला मिलाकर खाने से स्वास्थ्य ठीक रहता है.

इस क्रिया को और बेहतर से समझने के लिए आपको बाज़ार जाकर किसी भी साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट की दूकान पर जाना है, और वहां से आपको एक लेंस खरीदना है. अब अगर आप दही में इस लेंस से देखेंगे तो आपको छोटे-छोटे हजारों बैक्टीरिया नज़र आएंगे. ये बैक्टीरिया जीवित अवस्था में आपको इधर-उधर चलते फिरते नजर आएंगे. ये बैक्टीरिया जीवित अवस्था में ही हमारे शरीर में जाने चाहिए, क्योंकि जब हम दही खाते हैं तो हमारे अंदर एंजाइम प्रोसेस अच्छे से चलता है.

हम दही केवल बैक्टीरिया के लिए खाते हैं. दही को आयुर्वेद की भाषा में जीवाणुओं का घर माना जाता है. अगर एक कप दही में आप जीवाणुओं की गिनती करेंगे तो करोड़ों जीवाणु नजर आएंगे. अगर आप मीठा दही खायेंगे तो ये बैक्टीरिया आपके लिए काफ़ी फायेदेमंद साबित होंगे. वहीं अगर आप दही में एक चुटकी नमक भी मिला लें तो एक मिनट में सारे बैक्टीरिया मर जायेंगे और उनकी लाश ही हमारे अंदर जाएगी जो कि किसी काम नहीं आएगी. अगर आप 100 किलो दही में एक चुटकी नामक डालेंगे तो दही के सारे बैक्टीरियल गुण खत्म हो जायेंगे. क्योंकि नमक में जो केमिकल्स है वह जीवाणुओं के दुश्मन है…

आयुर्वेद में कहा गया है कि दही में ऐसी चीज़ मिलाएं, जो कि जीवाणुओं को बढाये ना कि उन्हें मारे या खत्म करे. दही को गुड़ के साथ खाईये. गुड़ डालते ही जीवाणुओं की संख्या मल्टीप्लाई हो जाती है और वह एक करोड़ से दो करोड़ हो जाते हैं. थोड़ी देर गुड मिला कर रख दीजिए. बूरा डालकर भी दही में जीवाणुओं की ग्रोथ कई गुना ज्यादा हो जाती है. मिश्री को अगर दही में डाला जाये तो ये सोने पर सुहागे का काम करेगी. भगवान कृष्ण भी दही को मिश्री के साथ ही खाते थे. पुराने समय के लोग अक्सर दही में गुड़ डाल कर दिया करते थे…

हम सभी दही खाते हैं पर फिर हमें नहीं पता कि दही खाने का सही तरीका असल में है क्या. जैसे कि कुछ लोग दही में चीनी मिलाकर खाते हैं तो कुछ लोग दही में नमक मिलाकर खाते हैं. लेकिन, अगर बात सिर्फ नमक की करें तो क्या दही में नमक मिलाकर खाना फायदे है? तो, बता दें कि दही में नमक मिलाकर खाने से ये पेट की मेटाबोलिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है. इतना ही नहीं ये पेट के गुड और बैड बैक्टीरिया को भी प्रभावित कर सकता है. जिससे हमारा पाचन क्रिया डिस्टर्ब रहता है. जानें दही खाने का सही तरीका

क्या दही में नमक डालकर खाना चाहिए…?

आयुर्वेद की मानें तो दही एसिडिक होता है. इसका सेवन करने से शरीर में कफ और पित्त बढ़ सकता है. हालांकि दही वात को कम करने में मददगार है. अगर आप दही में ज्यादा मात्रा में नमक मिलाते हैं तो इससे पित्त और कफ बढ़ सकता है. नमक एंटी-बैक्टीरियल होता है. यही वजह है कि ये दही में पाए जाने वाले अच्छे बैक्टीरिया को मार सकता है. जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम है, उन्हें दही में नमक का सेवन करने से बचना चाहिए. क्योंकि ये उनके ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है. इसके अलावा, दही में नमक का सेवन करने से डिमेंशिया, हाइपरटेंशन, स्ट्रोक और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.दही में नमक मिलाकर खाने से ये पेट की मेटाबोलिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है. इतना ही नहीं ये पेट के गुड और बैड बैक्टीरिया को भी प्रभावित कर सकता है. जिससे हमारा पाचन क्रिया डिस्टर्ब रहता है.

क्या दही में चीनी डालकर खाना चाहिए…?

आयुर्वेद के मुताबिक, दही में चीनी मिलाने से दिमाग में ग्लूकोज की सप्लाई बढ़ जाती है और तो और ये एनर्जी लेवल को बढ़ाने और पूरे दिन हाइड्रेटेड रखने में भी मदद करता है. दही और चीनी का कॉम्बिनेशन पेट के लिए हेल्दी माना जाता है. यह पित्त दोष को कम करने का काम करता है. पाचन से जुड़ी समस्याओं का इलाज करता है. आयुर्वेद दही को मिश्री, चीनी, घी शहद और मूंग दाल के साथ मिलाकर खाने की सलाह देता है. दही में मिश्री और शहद डालकर खाने से पित्त, कफ और वात नियंत्रण में रहते हैं.

अगर आप रोजाना ज्यादा मात्रा में दही-चीनी का सेवन करेंगे तो आपको डायबिटीज़ का खतरा पैदा हो सकता है और जिन्हें पहले से डायबिटीज़ है, उनका ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है. इसमें कोई शक नहीं है कि दही एक हेल्दी फूड है. इसमें गुड बैक्टीरिया के साथ-साथ प्रोटीन,विटामिन D और कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्व होते हैं.

गुड़ के साथ दही खाने से ऊर्जा का स्तर बढ़ता है और झुलसी हुई नसों को आराम मिलता है . इससे हमें काम पर बेहतर ध्यान केंद्रित करने और ज्ञान को समझने और बनाए रखने की हमारी क्षमता में सुधार करने में मदद मिलती है.

दही और गुड़ का एक कटोरा मासिक धर्म की ऐंठन के लिए एक त्वरित और सरल घरेलू उपचार है. मासिक धर्म के दर्द के अलावा, यदि आप सामान्य पेट दर्द या ऐंठन का अनुभव कर रहे हैं तो गुड़ के साथ दही का सेवन किया जा सकता है.
गुड़ में आयरन और विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है, जो पतले और टूटते बालों का इलाज करने में मदद करता है. इसे लंबे, घने बालों के लिए एक शानदार हेयर ट्रीटमेंट भी माना जाता है. गुड़ और दही को मिलाकर एक त्वरित DIY हेयर मास्क बालों को मजबूत और मुलायम बनाने में मदद कर सकता है.
गुड़ और दही एक साथ मिलकर वजन घटाने में मदद कर सकते हैं. गुड़ शरीर की चयापचय दर को बढ़ाने में सहायता करता है, जो अतिरिक्त पाउंड को कम करने में सहायता करता है. गुड़ पेट के आसपास की चर्बी को जलाने में भी मदद करता है.दूसरी ओर, दही उत्कृष्ट वजन घटाने वाला भोजन है.

दही खाने का यह है सही तरीका– दही को आंवले के पाउडर, देसी घी, मिश्री या फिर हरी मूंग के साथ खाना चाहिए.दही को दिन में खाना चाहिए. लंच के साथ आप दही, रायते या फिर छाछ ले सकते हैं. आयुर्वेद के अनुसार, रात के समय दही खाना सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है.

दही में चीनी मिलाकर खाने से तेजी वजन बढ़ता है, इसलिए डायबिटीज के मरीज चीनी की जगह नमक मिलाकर खाएं. नमक मिलाकर खाने से पाचन दुरुस्त रहता है, लेकिन हाई ब्लड प्रेशर के मरीज नमक मिलाकर न खाएं, क्योंकि इससे बीपी बढ़ सकता है. साथ ही स्ट्रोक, हाइपरटेंशन की संभावना उत्पन्न होती है. दही की लस्सी भी गर्मियों में काफी लाभकारी होती है. दही में चीनी मिलाने से इसकी तासीर ठंडी हो जाती है, जिससे गर्मी से राहत मिलती है. साथ ही शरीर में एनर्जी आती है व ताजगी का एहसास होता है. व हाइड्रेशन भी अच्छा रहता है और पानी की कमी नहीं होती है.

दही शक्कर के फायदे

  • भारतीय संस्कृतियों में दही को सुपरफूड माना जाता है. यह कैल्शियम, विटामिन बी, पोटेशियम और प्रोबायोटिक्स से भरपूर है. गुड़ शरीर के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक क्लींजर है. इसमें आयरन और फोलेट प्रचुर मात्रा में होता है, जो हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के सामान्य स्तर को बनाए रखकर एनीमिया से बचने में मदद करता है.
  • गुड़ के साथ दही खाने से ऊर्जा का स्तर बढ़ता है और झुलसी हुई नसों को आराम मिलता है. इससे हमें काम पर बेहतर ध्यान केंद्रित करने और ज्ञान को समझने और बनाए रखने की हमारी क्षमता में सुधार करने में मदद मिलती है.
  • मूत्र पथ संक्रमण (यूटीआई) एक आम समस्या है, खासकर महिलाओं में. मूत्राशय और मूत्रमार्ग यूटीआई से प्रभावित होने वाले मुख्य अंग हैं. गुड़ के साथ कुछ चम्मच दही का सेवन आपके मूत्राशय को शांत करने में मदद कर सकता है.
  • अगर आप अक्सर कब्ज, अपच या एसिडिटी की समस्या से जूझते हैं तो गुड़ के साथ एक कटोरी दही आपके लिए बहुत जरूरी है. गुड़ के मिश्रण वाला यह दही आपके पेट के लिए फायदेमंद है. यह जलन और एसिडिटी के साथ-साथ पित्त दोष को भी कम करता है. जानें दही खाने का सही तरीका