ऊर्जा निगमों का हो एकीकरण

उ0प्र0 राज्य विद्युत परिषद अभियन्ता संघ केन्द्रीय कार्यकारिणी की लखनऊ में हुई बैठक, जुटे प्रदेशभर के विद्युत अभियन्ता।

अजय सिंह

लखनऊ। विद्युत अभियन्ता संघ की आज दिनांक 16 जुलाई 2022 दिन शनिवार को लखनऊ में हुई केन्द्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रदेश भर से आये पदाधिकारियों ने प्रदेश की जनता को 24 घण्टे गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने, बेहतर उपभोक्ता सेवा प्रदान करने, राजस्व वसूली बढ़ाने, लाइन लॉस कम करने का संकल्प दोहराते हुए अन्य तमाम ज्वलन्त समस्याओं पर चर्चा पश्चात् मांग की कि ऊर्जा निगमों में कार्य का स्वस्थ वातावरण प्रदान किया जाये, प्रोत्साहनात्मक कार्यशैली अपनाई जाये, बिजली अभिन्ताओं को सुरक्षा की गारण्टी की जाये तथा ‘‘इंजीनियर्स प्रोटेक्शन एक्ट’’ लागू किया जाये। साथ ही ऊर्जा निगमों में अभियन्ताओं के विरूद्ध बड़े पैमाने पर गलत तरीके से की जा रही दण्डात्मक कार्यवाहियों को वापस लेने, प्रबन्धन के अव्यवहारिक लक्ष्यों पर अमल न कर पाने पर उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों सहित अन्य अनेक ज्वलन्त मुद्दों पर अपना मुखर आक्रोश व्यक्त किया।


विद्युत अभियन्ता संघ के अध्यक्ष पल्लब मुकर्जी एवं महासचिव प्रभात सिंह ने बताया कि मुख्यमुंत्री जी के मार्गदर्शन एवं ऊर्जा मंत्री जी के नेतृत्व में तथा अभियन्ताओं के प्रयासों से प्रदेश में वर्तमान माह में ऐतिहासिक 26500 मे0वा0 से ज्यादा विद्युत आपूर्ति की गयी, एक मुश्त समाधान योजना के माध्यम से 36 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को लाभान्वित करते हुए 2700 करोड़ से ज्यादा की राजस्व वसूली निश्चित की गयी। साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष के प्रथम तिमाही में राजस्व वसूली में 46 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि एवं कभी भुगतान न करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में अभूतपूर्व कमी आयी है।

पिछले वर्ष की तुलना में विद्युत उत्पादन में 36 प्रतिशत की वृद्धि एवं पी0एल0एफ0 में 21 प्रतिशत की वृद्धि की उपलब्धि प्राप्त की गयी। प्रदेश सरकार के ताप बिजली घरों द्वारा एक दिन सर्वाधिक 131.23 मिलियन यूनिट का विद्युत उत्पादन भी किया गया। साथ ही पारेषण क्षमता में 3203 मे0वा0 की वृद्धि की गयी एवं 763 सर्किट किलोमीटर पारेषण लाइनों का निर्माण किया गया। 3.68 लाख अनमीटर्ड उपभोक्ताओं के सापेक्ष 5.75 लाख उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगाये गये। ये उपलब्धियां अभियन्ताओं की सेवा शर्तों में किये गये प्रतिगामी परिवर्तनों, तमाम रिक्त पदों एवं उनपर पदोन्नतियां प्रदान न किये जाने तथा प्रोत्साहन के अभाव के बावजूद अभियन्ताओं द्वारा किये गये अथक प्रयासों से प्राप्त हुई हैं तथा इसके लिए सभी अभियन्ता संकल्पित हैं और अभियन्ताओं के अहर्निश प्रयास लगातार जारी है।

मुख्य मांग :-

  1. ऊर्जा निगमों का एकीकरण किया जाये।
  2. कार्य का स्वस्थ एवं प्रोत्साहनात्मक वातावरण बनाया जाये।
  3. उत्पादन निगम में उत्पादन प्रोत्साहन भत्ता लागू किया जाये एवं वाहन व्यवस्था पूर्ववत बहाल रखी जाये।
  4. क्षेत्रों में प्रायः हो रही मार-पीट की घटनाओं को देखते हुए अभियन्ताओं एवं उनकी टीम की सुरक्षा की गारण्टी के दृष्टिगत इंजीनियर्स प्रोटेक्शन एक्ट शीघ्र लागू किया जाये।
  5. पावर कारपोरेशन के रिक्त पदों पर शीघ्र पदोन्नतियों के आदेश जारी किये जायें।
  6. विद्युत दुर्घटनाओं में क्षतिपूर्ति के लिए थर्ड पार्टी इन्श्योरेंस की व्यवस्था की जाये।
  7. बिजली थानों की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाये, तहरीर देते ही तत्काल एफ0आई0आर0 दर्ज हो तथा इस व्यवस्था को सुगम किया जाये।
  8. कस्टमर केयर 1912 व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए क्षेत्रीय अभियन्ताओं के कार्य का समय निर्धारित करते हुए पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन का संरक्षण किया जाये।
  9. द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से अभियन्ताओं की ज्वलन्त समस्याओं का समाधान किया जाये।
  10. ऊर्जा निगमों में पुरानी पेंशन बहाली की जाये एवं कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू की जाये।

आज हुई बैठक में कई ज्वलन्त मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करते हुए विभिन्न क्षेत्रों से आये अभियंताओं द्वारा क्षेत्रों में मानकों एवं आवश्यकतानुसार मैन, मनी, मेटीरियल तथा बुनियादी सुविधाओ की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए इन्हें तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की।

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