गुड़िया की मौत हत्या नहीं हादसा-थानाध्यक्ष

अब्दुल जब्बार एडवोकेट व डॉ0 मो0 शब्बीर

भेलसर/पटरंगा(अयोध्या)। पटरंगा थाना क्षेत्र में सोमवार को ग्राम अशरफ पुर गंगरेला जंगल के समीप हाईवे के किनारे मिले विवाहिता गुड़िया रावत के शव को लेकर पुलिस ने अपनी बात स्पष्ट कर दी है।थानाध्यक्ष पटरंगा शिव बालक ने मृतका के परिजनों द्दारा व्यक्त की गई है हत्या की आशंका को सिरे से खारिज करते हुए थानाध्यक्ष पटरंगा ने दावा करते बताया कि विवाहित गुड़िया रावत की मौत हत्या नहीं बल्कि एक दुर्घटना है।पटरंगा पुलिस का यह दावा परिजनों सहित ग्रामीणों के गले नहीं उतर रहा है।


सोमवार को भोर में जिले की सीमा पर जंगल के सामने बीच हाईवे पर 25 वर्षीय गुड़िया रावत का क्षत-विक्षत शव मिला था जो रमई का इंदिरा गांव की रहने वाली मृतका शनिवार की रात्रि अपने मायके से ससुराल आई थी जहां उसकी लाश मिली जो महज गांव से लगभग 700 मीटर की दूरी पर लखनऊ अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग के दूसरे छोर की सड़क पर पड़ी थी।ग्रामीणों का कहना है की इस जंगल की ओर गांव का कोई भी पुरुष व महिला नित्य क्रिया के लिए भी नहीं जाता है फिर गुड़िया आखिर वहां कैसे पहुंची।वहीं मृतका के पति देशराज ने इस पूरे मामले की नई बात बताई उसने बताया की उसे कुछ लोगों ने रात्रि में शराब पिला दी थी उसके बाद उसे नहीं पता उसकी पत्नी वहां कैसे पहुंची।

वहीं मृतका के मायके वालों का आरोप है कि मृतका के घर पर कुछ खून पड़ा था और वही चूड़ियां भी टूटी पड़ी थी इसको लेकर परिजनों ने हत्या की आशंका व्यक्त की है।हल्का प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि म्रतक महिला की हेडइंजरी से मौत हुई है।पटरंगा पुलिस शुरुआती दौर से गुड़िया की मौत को दुर्घटना ही मान रही थी।वहीं जब इस सम्बन्ध में थानाध्यक्ष पटरंगा शिव बालक से गुड़िया की मौत के बारे में जानकारी की गई तो उन्होंने घटना की स्थित स्पस्ट करते हुए कहा की गुड़िया की मौत हत्या नहीं है बल्कि एक हादसा है।

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