होली के दिन घर में घुस कर गैंगरेप

  उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद में होली के दिन घर में घुस कर साहिबाबाद थाना क्षेत्र में 11वीं की छात्रा से गैंगरेप की विचलित करने वाली घटना प्रकाश में आई है। छात्रा जब थाने में शिकायत दर्ज कराने गई तो उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। यही नहीं, उसके साथ अभद्रता भी की गई।अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा के संरक्षण में अपराधियों ने बिना खौफ अपनी अवांछनीय गतिविधियां शुरू कर दी है। प्रशासनतंत्र भी उन पर हाथ डालने से हिचकता है। भाजपा राज में पहले भी भय और भ्रष्टाचार का बोलबाला था। अब तो दुबारा सत्ता में आने से असामाजिक तत्वों को अहंकारी नेतृत्व का भी साथ मिल गया है। भाजपा सरकार की वापसी पर दुद्धी सोनभद्र में होली पर बुलडोजर पर हुड़दंगियों ने बारात निकाली। पुलिस मूकदर्शक बनी रही। राज्य में दोबारा छल-बल से आई भाजपा सरकार से जनता की उम्मीदों पर पानी फिरा है और चारों ओर निराशा का कोहराम है। अभी तो शपथ भी नहीं हुई। आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है।
 
    भाजपा के झूठे वादों से परेशान होकर बुन्देलखण्ड के किसान और युवा आत्महत्या को मजबूर हैं। 71 दिनों में 76 लोगों ने खुदकुशी की है। न युवाओं को रोजगार, न ही किसानों को उनकी उपज का दाम मिलने की उम्मीद है। खुदकुशी करने वालों में छात्र, नौजवान, बेरोजगार, किसान, महिलाएं तथा अन्य कई वर्गों के लोग है। किसान एवं नौजवान की तो बद से बद्त्तर स्थिति है। पीड़ित परिवारों की मदद भी नहीं की जा रही है। भाजपा सरकार पूर्णतया असंवेदनशील है।आगरा के पत्रकार श्री गौरव अग्रवाल की निष्पक्ष पत्रकारिता और जनहित में उठाई गई आवाज को भाजपा सरकार शारीरिक प्रताड़ना से दबाना चाहती है, यह निंदनीय है। पत्रकारों का उत्पीड़न कर लोकतंत्र को कुचला जा रहा है। पत्रकारों को न्याय मिलना चाहिए। लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को लगातार कमजोर किया जा रहा है। उसे ‘थोथे स्तम्भ‘ में बदलने की साजिश है।


    आगरा में सत्ता संरक्षित माफिया डान की धमकी के बाद राजस्थान पलायन को मजबूर डाक्टर परिवार को सुरक्षा एवं न्याय मिलना चाहिए। पीड़िता ने स्वयं वीडियों जारी कर बयांन किया कि वह कैसे लगातार ब्लैकमेलिंग, एक्सटोर्शन और हमलों की शिकार है। पीड़ित परिवार ने पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराये जाने के साथ दोषियों को कठोर से कठोर सजा दिलाये जाने की मांग की है।भाजपा शासन में पुलिस की अवैध वसूली ने गरीब की जान ले ली। लखीमपुरखीरी में पुलिस के द्वारा अवैध वसूली से परेशान होकर गौरीफंटा कोतवाली में आत्मदाह करने वाले टैक्सी चालक शुभम गुप्ता की उपचार के दौरान मृत्यु अत्यंत दुःखद है। पीड़ित परिवार को न्याय दिया जाए तथा दोषी पुलिस कर्मियों की बर्खास्तगी होनी चाहिए।

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