उपमुख्यमंत्री ने राज्य कर्मचारियों के पदाधिकारियों से की विस्तृत चर्चा Deputy Chief Minister had a detailed discussion with the officials of the state employees

डीसीएम बृजेश पाठक की राज्य कर्मचारियों के पदाधिकारियों से विस्तृत चर्चा। शीघ्र निर्णय का आश्वासन दिया।

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश से सम्बद्ध स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के आमंत्रण पर 09 :00 मिलकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की मांगों के संबंध में ज्ञापन दीया एवं विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में वी.पी. मिश्र राष्ट्रीय अध्यक्ष, इप्सेफ, सुरेश रावत अध्यक्ष अतुल मिश्रा महामंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ प्र । उमेश मिश्रा महामंत्री डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ,सुरेश रावत अध्यक्ष उत्तर प्रदेश लैब टेक्नीशियन एसो ,राजीव तिवारी महामंत्री इंडियन डेंटल हाइजीनिस्ट एसोसिएशन ,अनिल चौधरी महामंत्री प्रोवेंशियल फिजियोथैरेपिस्ट एसोसिएशन , राम मनोहर कुशवाहा, अध्यक्ष एक्स रे टेक्नीशियन एसोसिएशन ,जी एम सिंह नेत्र सहायक कर्मचारी संघ आदि शामिल थे।

उपमुख्यमंत्री श्री पाठक ने कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों से कहा कि अस्पतालों में व्यापक सुधार लाने के उपाय सुझाए। कर्मचारियों की समस्याएं को प्राथमिकता से हल कर रहे हैं बहुत से किया भी है।परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने मा उप मुख्यमंत्री जी को बताया कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कुछ पदाधिकारियों के स्थानांतरण अभी तक निरस्त नहीं हुए हैं। इसी में कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष /मंत्री के स्थानांतरण भी निरस्त नहीं हुए हैं ।जबकि उनके आदेश किए जा चुके हैं। कतिपय शासन द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के प्रस्तर ०५ से आच्छादित नियमविरुध किये गये स्थानांतरण की सूची का ज्ञापन पुनः दिया गया है।


सुरेश रावत ने बताया कि कई मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग के पैरामेडिकल स्टाफ को स्वास्थ्य विभाग में वापस किया जा रहा है ।जबकि ज़िला अस्पताल को उच्चिकरण के समय तीन वर्ष तथा विकल्प लेकर पाँच वर्ष तक प्रतिनियुक्ति पर लेने का शासनादेश निर्गत किया गया था । मध्य सत्र व समय पूर्व कार्यमुक्त करने से ऐसे मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्था चरमरा जाएगी। इसी तरह राम मनोहर लोहिया संस्थान के कार्यरत पैरामेडिकल कर्मियों को भी वापस किया जा रहा है। अनुभवी स्टाफ के वापस हो जाने से चिकित्सा व्यवस्था ,पोस्टमार्टम आदि सेवाएं नहीं हो पाएंगी। अतुल मिश्रा ने ज्ञापन में बताया कि डिप्लोमा फार्मासिस्ट,लैब टेक्नीशियन, नेत्र सहायक संवर्ग की वेतन विसंगतियां 4 वर्ष से लंबित हैं जिन्हें तत्काल दूर किया जाना अति आवश्यक है। इससे उनका मनोबल बढ़ेगा।

उपमुख्यमंत्री श्री पाठक ने कहा कि परिषद से जुड़े सभी संगठनों की वेतन विसंगतियां एवं शेष बचे पदाधिकारियों /कर्मचारियों के स्थानांतरण निरस्त करने का वे पहले भी आदेश कर चुके हैं। उन्होंने प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को आज ही आदेश भेज कर कर्मचारी संगठनों के हित में फैसला कराएंगे।श्री पाठक जी ने वी पी मिश्र राष्ट्रीय अध्यक्ष इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन एवं परिषद के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का उनके पक्ष में फैसला कराएंगे। उनसे अपेक्षा की अस्पताल की व्यवस्था को सुधारने में पूरा सहयोग प्रदान करें। सरकार उनकी समस्याओं पर उनके पक्ष में फैसला कर आपसी सद्भाव बढ़ायेगी।

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