सत्तापक्ष द्वारा आदर्श आचार संहिता का लगातार उल्लंघन

   समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त भारत निर्वाचन आयोग, निर्वाचन सदन नई दिल्ली को सम्बोधित पत्र के माध्यम से कहा कि आपके संज्ञान में हम यह तथ्य लाना चाहते है कि राज्य विधान सभा सामान्य निर्वाचन 2022 के चुनाव प्रचार में सत्तापक्ष भाजपा के मुख्यमंत्री जी विपक्ष के प्रति जिस भाषा का प्रयोग कर रहे हैं वह मर्यादित, संयत और भद्र भाषा की श्रेणी में नहीं आता है। लोकतंत्र में इस तरह की भाषा का कोई औचित्य नहीं है।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी आदर्श आचार संहिता का पालन कर रही है। जबकि भाजपा के नेता और मुख्यमंत्री जी अपने अमर्यादित बयानों से लोकतंत्र की पवित्रता को प्रभावित कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने अभी आगरा में ‘10 मार्च के बाद बुल्डोजर चलेगा‘ की धमकी दी। इसके अतिरिक्त वे लगातार समाजवादी पार्टी के नेतृत्व को गुंडा, मवाली, माफिया बता रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने 01 फरवरी 2022 को मेरठ में सिवालखास और किठौर की सभाओं में कहा ‘लाल टोपी मतलब दंगाई, हिस्ट्रीशीटर‘।

मुख्यमंत्री जी ने कैराना, मुजफ्फरनगर में कहा ‘जो गर्मी दिखाई दे रही है, ये सब शांत हो जायेगी‘ ‘‘गर्मी कैसे शान्त होगी मैं जानता हूं‘ जैसी अलोकतांत्रिक भाषा का प्रयोग किया गया है। वे लगातार धमकाने वाली भाषा बोल रहे है।आप इस बात से सहमत होगे कि चुनाव प्रचार की गहमागहमी में भी अपने विपक्षी के प्रति अशालीन भाषा को कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता है। खासकर मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से तो मर्यादाविहीन भाषा-व्यवहार की कतई उम्मीद नहीं की जाती है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और चुनाव की निष्पक्षता एवं स्वतंत्रता दोनों पर गहरा आघात करता है।समाजवादी पार्टी मांग करती है उत्तर प्रदेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं निर्भीक चुनाव सम्पन्न कराने के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के मुख्यमंत्री जी को पद की गरिमा के अनुरूप संयमित, मर्यादित और आदर्श आचार संहिता के अनुकूल भाषा के इस्तेमाल के सम्बन्ध में प्रभावी निर्देश तत्काल जारी किया जाय।
                       

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