मुख्यमंत्री ने अराजकता फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही के दिए निर्देश


मुख्यमंत्री ने जोन एवं रेंज स्तर के पुलिस अधिकारियों एवं मण्डलायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून व्यवस्था की समीक्षा की।आगामी ईद, अक्षय तृतीया आदि त्योहारों के दृष्टिगत सभी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने तथा सावधानी बरतने के निर्देश।सौहार्द, शान्ति एवं कानून व्यवस्था राज्य सरकार की प्राथमिकता,अव्यवस्था और अराजकता फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किए जाने के निर्देश।थानाध्यक्ष से लेकर ए0डी0जी0 तक अगले 24 घंटे के भीतर अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित जनों के साथ सतत् संवाद बनाएं।प्रदेश में हर एक नागरिक की सुरक्षा हम सभी का प्राथमिक दायित्व, हमें अपने इस दायित्व के प्रति सदैव सतर्क-सावधान रहना होगा।तहसीलदार, एस0डी0एम0, थानाध्यक्ष, सी0ओ0 आदि अपनी तैनाती के क्षेत्र में ही रात्रि विश्राम करें।शोभायात्रा/धार्मिक जुलूस बिना विधिवत अनुमति के न निकाला जाए, अनुमति केवल उन्हीं धार्मिक जुलूसों को दी जाए, जो पारम्परिक हों, नए आयोजनों को अनावश्यक अनुमति न दी जाए।



आज यहां अपने सरकारी आवास पर जोन एवं रेंज स्तर के पुलिस अधिकारियों एवं मण्डलायुक्तों के साथ मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व-त्योहार हैं। रमजान का महीना चल रहा है। ईद का त्योहार और अक्षय तृतीया एक ही दिन होना संभावित है। ऐसे में वर्तमान परिवेश को देखते हुए पुलिस को अतिरिक्त संवेदनशील रहना होगा। थानाध्यक्ष से लेकर ए0डी0जी0 तक अगले 24 घंटे के भीतर अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित जनों के साथ सतत् संवाद बनाएं। हालिया दिनों में विभिन्न धर्मों के कई पवित्र पर्वों का आयोजन हुआ। यह सुखद है कि पूरे प्रदेश में शांति और सौहार्द का माहौल बना रहा। प्रदेश में हर एक नागरिक की सुरक्षा हम सभी का प्राथमिक दायित्व है। हमें अपने इस दायित्व के प्रति सदैव सतर्क-सावधान रहना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर एक पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों के दृष्टिगत सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ कड़ाई से पेश आएं। माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता की जाए। ऐसे लोगों के लिए सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।तहसीलदार, एस0डी0एम0, थानाध्यक्ष, सी0ओ0 आदि अपनी तैनाती के क्षेत्र में ही रात्रि विश्राम करें। शासकीय आवास है तो वहां रहें अथवा किराए का आवास लें, लेकिन रात्रि में अपने ही क्षेत्र में रहें। इस व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी धार्मिक विचारधारा के अनुसार सभी को अपनी उपासना पद्धति को मानने की स्वतंत्रता है। माइक का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन यह सुनिश्चित हो कि माइक की आवाज़ उस परिसर से बाहर न आए। अन्य लोगों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। नए स्थलों पर माइक लगाने की अनुमति न दें। शोभायात्रा/धार्मिक जुलूस बिना विधिवत अनुमति के न निकाला जाए। अनुमति देने से पूर्व आयोजक से शांति-सौहार्द कायम रखने के सम्बन्ध में शपथ पत्र लिया जाए। अनुमति केवल उन्हीं धार्मिक जुलूसों को दी जाए, जो पारम्परिक हों, नए आयोजनों को अनावश्यक अनुमति न दी जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button