अखिलेश यादव ने कहा कि संसद के सामने समाजवादी पार्टी के सांसदों द्वारा ‘दानपात्र’ के साथ किए गए सांकेतिक प्रदर्शन ने भाजपा को असहज कर दिया। उनका दावा था कि इस प्रदर्शन के बाद भाजपा के नेता और उनके सहयोगी शर्मिंदगी के कारण नजरें चुराते हुए दिखाई दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता की भावनाओं और धार्मिक आस्था का सम्मान करने में विफल रही है, जबकि समाजवादी पार्टी जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लगातार आवाज़ उठाती रहेगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ‘अवध एक्सप्रेस’ से सत्ता में आई थी, ‘अयोध्या एक्सप्रेस’ से उसकी वापसी तय है। उन्होंने कहा कि दानपात्र में हाथ डालने वाले भाजपाई और उनके संगी-साथियों के खिलाफ ‘दानपात्र’ के साथ सपा के सांसदों ने संसद के सामने जो सांकेतिक प्रदर्शन किया, उसे देखकर शर्मिंदगी में डूबे भाजपाई लोग, सबसे निगाह चुराकर चुपके से आते-जाते देखे गए।
अखिलेश यादव ने कहा कि जनता कह रही है, हम उदार हृदय भारतीय लोग, भाजपाइयों की सौ क्या हजार चोरी भी माफ कर देते लेकिन धर्म के पैसे चुराने का महापाप हम कभी माफ नहीं करेंगे। जनता ये भी कह रही है कि जो भगवान के नहीं हुए, वो हमारे क्या होंगे। जो भाजपा का साथी, वो रामघाती-महापापी। प्रभु श्रीराम के मंदिर से चढ़ावा चोरी करना महापाप है। यह महा अपराध भाजपा के लोगों ने किया है। जनता भाजपा को इसकी सजा देगी।



