सरयू से संगम तक “महँगाई भगाओ, रोज़गार बचाओ पदयात्रा” निकालेगी AAP- संजय सिंह

बस्ती में आप का “विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन” नगर निकाय के चुनाव की तैयारी में जुटे कार्यकर्ता. सरयू से संगम तक “महँगाई भगाओ, रोज़गार बचाओ पदयात्रा” निकालेगी आप . आप हाउस टैक्स और पानी का बिल माफ करेगी. आप नगर निकाय के चुनावों के लिए पूर्ण रूप से तैयार है. आप से निकाय चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए 23 सितंबर से आवेदन फार्म दिया जाएगा.

आम आदमी पार्टी ने बस्ती में विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन किया जिसमें मुख्य अतिथि यूपी प्रभारी सांसद संजय सिंह और विशिष्ट अतिथि निकाय चुनाव संचालन समिति के प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह रहे. कार्यकर्ता सम्मेलन प्रांत अध्यक्ष इंजीनियर इमरान लतीफ के नेतृत्व में किया गया.संजय सिंह ने कहा कि संगठन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश को 8 प्रांतों में विभाजित किया है. दो प्रांत में कार्यकर्ता सम्मेलन हो चुका है जिसमें काशी और पूर्वांचल शामिल है. उन्होंने कहा कि इन सम्मेलन में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए जिसमें नगर निकाय के चुनाव के बारे में चर्चा हुई और राजनीतिक पृष्ठभूमि भी तैयार की गई. उन्होंने कहा कि आज बस्ती के कार्यकर्ता सम्मेलन में भी नगर निकाय चुनाव ही केन्द्रबिन्दु है. उन्होंने कहा बूथ स्तर, वार्ड स्तर और नगर के आधार पर आम आदमी पार्टी चुनाव समितियों का गठन करेगी*. उन्होंने कहा कि नगर पालिकाओं के मुद्दे जैसे नाली निर्माण, सड़क निर्माण और इन सब में उपज रहे भ्रष्टाचार पर हमारा ध्यान केंद्रित होगा. उन्होंने कहा कि 23 सितंबर को लखनऊ से एक फार्म जारी किया जाएगा, जिसको चेयरमैन पद और सभासद पद के लिए प्रत्याशी भर सकेंगे और अपनी दावेदारी कर सकेंगे.


सांसद संजय सिंह ने अपील की कि जनता ने एक मौका मोदी जी को दिया योगी जी को दिया तो एक मौका आम आदमी पार्टी को भी मिलना चाहिए क्योंकि वर्तमान सरकार तो नाकाम हो चुकी है और वैसे भी साफ सफाई का काम तो झाड़ू वालों का है इसलिए हमें एक अवसर जरूर मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों आम आदमी पार्टी ने सेल्फी विद सरकारी स्कूल नाम का अभियान शुरू किया था जिसमें पूरे प्रदेश के हर जिलों से जर्जर और बदहाल सरकारी स्कूलों की फुटेज और उनकी दशा से जनता अवगत हुई. उन्होंने कहा कि ऐसे सरकारी स्कूल सामने आए जहां नमक रोटी बच्चों को दी जाती है, जहां टाट पट्टी पर बैठने की व्यवस्था है, जहां भवन कभी भी गिर सकता है.  ऐसी बदहाल शिक्षा व्यवस्था से उत्तर प्रदेश जूझ रहा है और वहां के मुख्यमंत्री कहते हैं कि हम सरकारी स्कूलों को कान्वेंट की तर्ज पर बनाएंगे. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार का कोई मौका नहीं छोड़ा चाहे वह जल जीवन मिशन हो, निर्माण कार्य हो कोविड महामारी का समय हो या ट्रांसफर करने और कराने जैसा धंधा ही क्यों ना हो. संजय सिंह ने कहा कि बच्चों की तिमाही की परीक्षा होने वाली है वह 50% बच्चों के पास किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई है. उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि उन्होंने 272 अस्पतालों का दौरा किया है लेकिन वहां की बदहाल व्यवस्था से वह खुद पीड़ित दिखाई दिए जो स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के बीच तालमेल का अभाव है. उन्होंने कहा कि बृजेश पाठक कहते हैं कि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का तबादला कर दिया जाता है और उन्हें पता तक नहीं चलता. इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि एक ऐसे डिप्टी सीएमओ का ट्रांसफर किया गया है जिसकी 4 महीने पहले मृत्यु हो चुकी है.

सांसद संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गुंडाराज फैल चुका है और लखीमपुर खीरी की घटना इसका जीता जागता उदाहरण है. दो नाबालिग बहनों को अगवा कर दुष्कर्म कर उनकी हत्या कर दी गई यह हाथरस कांड की याद दिलाता है. उन्होंने कहा ठीक इसी प्रकार कृषि की बात करें तो किसानों को बड़ी उम्मीद थी कि नए विधानसभा सत्र में उन्हें मुफ्त बिजली दी जाएगी लेकिन वह भी जुमला निकला और ऐसा कुछ नहीं हुआ. आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने दोबारा मुख्यमंत्री पर भरोसा कर उन्हें कार्यभार सौंपा था जिसके 6 महीने पूरे हो चुके हैं लेकिन अंत में निराशा ही उनके हाथ लगी. मामला रोजगार का हो, सुरक्षा का हो, महिला सुरक्षा का हो, कृषि का हो, गेहूं की खरीद  का मामला हो हर जगह हर वर्ग के लोगों को निराशा ही हाथ लगी है. उन्होंने कहा अग्निवीर जैसी स्कीम देश की सुरक्षा के लिए बहुत खतरनाक है उन्होंने कहा कि अगर प्रतिवर्ष 34000 सैनिक भारतीय सेना से कम हो जाएंगे तो अगले 20 साल में भारत की सेना आधी हो जाएगी जो भारत माता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है. उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री अदानी को नंबर वन बनाना चाहते हैं.  उन्होंने कहा कि 4 दिन पहले की खबर है कि अडानी  विश्व के दूसरे नंबर के अमीर बन गए हैं और उनकी संपत्ति 13 लाख करोड़ रुपए की हो गई है जबकि अरविंद केजरीवाल भारत को नंबर वन बनाना चाहते हैं तो यह मूल्यांकन का विषय है कि जनता किस को प्राथमिकता देगी. उन्होंने कहा कि देश की जनता का पैसा जो बैंकों में जमा है प्रधानमंत्री मोदी उसे उठाकर अपने चंद पूंजीपति मित्रों को कर्ज के तौर पर दे देते हैं और बाद में राइट ऑफ कराके माफ करवा देते हैं.

आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कॉरपोरेट टैक्स को 30% से घटाकर 22% कर के अपने पूंजीपति मित्रों को सुविधा प्रदान किया है और दूसरी तरफ आम जनमानस से हर चीज पर टैक्स वसूली की जा रही है चाहे वह दूध, आटा, चावल, छाछ, पेट्रोल-डीजल और यहां तक कि जीवन रक्षक दवाओं पर भी टैक्स लगाकर देशवासियों को लूटा जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह विषम परिस्थिति है और आम आदमी पार्टी की लड़ाई इसी असंतुलित व्यवस्था से है. उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश में चुनाव जीतना आसान नहीं होता क्योंकि यहां की जनता जाति और धर्म के बीच में जकड़ी हुई है. यहां की जनता को पूर्ण रूप से भाजपा सरकार ने हिंदू मुस्लिम के मतभेद और भेदभाव से अपने शिकंजे में फन्साया हुआ है लेकिन आम आदमी पार्टी अपनी सकारात्मक नीतियों, तिरंगा शाखाओं, स्वच्छता अभियान और जनसंपर्क के रास्तों पर चलकर लोगों को समझाने की कोशिश कर रही है और उन्हें सच्चाई से अवगत करा रही है. अरविंद केजरीवाल जी ने इस जाति और धर्म के भेदभाव और गंदी सियासत को अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की नीति से किनारे कर दिया है.

संजय सिंह ने कहा कि भगवंत मान जी ने वादा किया था कि पंजाब में 300 यूनिट बिजली फ्री मिलेगी तो अभी 41 लाख उपभोक्ताओं का बिजली का बिल जीरो आया है. उन्होंने कहा कि उसी आधार पर उत्तर प्रदेश में नगर निकाय के चुनाव में जो वादा आम आदमी पार्टी करेगी उसे जरूर पूरा करेगी. हम यहां हाउस टैक्स और पानी का बिल माफ करेंगे. आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि देश में दो तरह की अर्थव्यवस्था है, प्रधानमंत्री मोदी जी ने एक अर्थव्यवस्था अपने पूंजीपति मित्रों के लिए रखी है और दूसरी आम जनमानस के लिए रखी है. पूंजीपति मित्रों की अर्थव्यवस्था उनको 1300000 करोड़ रुपए की संपत्ति तक पहुंचा देती है जबकि आम जनमानस के लिए जो अर्थव्यवस्था है उस अर्थव्यवस्था में मूलभूत आवश्यकताएं, वस्तुएं जैसे दूध दही छाछ चावल आटा पेट्रोल डीजल गैस सिलेंडर पर टैक्स लगाकर उनको परेशानी में डाला जाता है तो इस तरह मोदी जी भेदभाव कर रहे हैं. जनता को समझने की जरूरत है और सही समय पर मूल्यांकन का निर्णय लेने  की जरूरत है.

   भवदीय

  महेंद्र सिंह

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