कक्षा एक की छात्रा का मार्मिक पत्र देश की कमरतोड़ महंगाई को दर्शाता है- कृष्णकांत पाण्डेय

कक्षा एक की छात्रा द्वारा प्रधानमंत्री को भेजा गया मार्मिक पत्र देश की कमरतोड़ महंगाई को दर्शाता है।ऑक्सीजन एवं एम्बुलेंस के आभाव में गयी मासूम की जान, स्वास्थय विभाग का यह है हाल। बेरोजगारी के चलते नौजवान यमुना नदी में कूदने को विवष। लचर कानून व्यवस्था इस सरकार की विशेष उपलब्धि।

लखनऊ।
पूरे देश में बढ़ती हुई महंगाई से जहां अफरा तफरी मची हुई है वहीं उत्तर प्रदेश में नौनिहाल बच्चे भी अछूते नहीं हैं। फिर भी भाजपा सरकार की बेशर्मी- लगातार उपलब्धियां बता रही है। जहां किसान कर्ज के बोझ तले, नौजवान नौकरी के अभाव में, मरीज ऑक्साीजन एवं एम्बुलेंस के आभाव में जान गवाने को विवश है। कानून व्यवस्था अपने निचले पायदान पर खड़ी है वहीं सरकार ट्रांन्सर्फर, पोस्टिंग, घोटाले एवं धन उगाही में व्यस्त है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता कृष्णकांत पाण्डेय ने उक्त बाते कहते हुए आगे कहा कि कन्नौज जिले के छिबरामऊ नगर के बिरतिया मोहल्ले की कक्षा एक की छात्रा कृति दुबे ने बड़ा ही मार्मिक पत्र प्रधानमंत्री जी को लिखा जो प्रदेश की दशा और दिशा दर्शाता है। ‘‘आप ने मेरी रबर, पेन्सिल एवं मैगी महंगी कर दी मांगने पर मम्मी मारती है’’ मैं क्या करू? कुछ इस तरह की बातें पांच साल की छात्रा ने लिखकर जिस तरह से अप्रत्याशित महंगाई का वर्णन किया है दिल दहला देता है। छात्रा ने अपने पिता पर दबाव बनाकर यह पत्र डाक के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजवाया। यह है उत्तर प्रदेश एवं देश के हालात……..

प्रदेश प्रवक्ता ने आगे बताया कि पिछले लगभग साढे पांच वर्षों से उत्तर प्रदेश में जिस तरह से स्वास्थय विभाग का फर्जी डंका पीटा जा रहा है नई सरकार में नये मंत्री द्वारा कुछ ज्यादा ही प्रदर्शन हो रहा है। सच्चाई यह है कि जनपद एटा स्थित वीरांगना अवंती बाई लोधी मेडिकल कॉलेज में 4 साल की बच्ची ऑक्सीजन के अभाव में घंटों तड़पती रही, अन्ततोगत्वा मृत्यु हो गयी। निधौली कलां थाना अन्तर्गत गांव नगला फकीर निवासी मुकेश कुमार की चार वर्ष की बच्ची गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज परिजनों द्वारा ले जाई जाती है, अस्पताल के हालात यह थे कि ऑक्सीजन की पाइप लाईन में लगा वॉल्व ही खराब निकला और आगरा ले जाने के लिए सरकारी एम्बुलेंस में ऑक्सीजन नहीं थी। जब तक बच्ची आगरा पहुुंचती रास्ते में ही दम तोड़ दी। आगरा में एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण परिजनों को मासूम का शव अवागढ़ तक रोड़वेज बस द्वारा बाद में बाईक द्वारा गांव तक ले जाना पड़ा। यह प्रदेश सरकार की व्यवस्था एवं मुख्यमंत्री जी के दावों की पोल खोलता है।

श्री पाण्डेय ने बताया कि बेरोजगारी ने किस तरह से नौजवानों के हौंसलों को पस्त किया है।  यह जनपद आगरा के नगला तलफी में देखने को मिला कर्मवीर नाम का एक युवक सेना में भर्ती होने की तैयारी के साथ साथ अन्य नौकरी की भी तलाश में था। असफल होने पर ‘‘ मम्मी पापा माफ करना’’ लिखकर यमुना नदी में कूद गया।प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने अंत में बताया कि कानून व्यवस्था इस कदर लचर हो गयी है कि जनपद मेरठ के वेदव्यास पुरी में एक व्यक्ति द्वारा दरोगा के ऊपर शराब की बोतल फोड़ी जाती है तथा थाने में पुलिसकर्मियों से अभ्रदता भी की जाती है।

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