सौतेली बहन से दुष्कर्म करने वाले आरोपी गिरफ्तार

सौतेली बहन से दुष्कर्म करने वाले आरोपी दोनों सगे भाई बांदा से दबोचे गये।

अजय सिंह

कानपुर। कानपुर में 16 साल की सौतेली बहन से दुष्कर्म करने वाले 2 सगे भाइयों को बजरिया थाने की पुलिस ने मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी भाई ने नाबालिग का अश्लील वीडियो भी बना लिया था। उसे बदनाम करने की धमकी देकर लगातार रेप कर रहे थे।

इस दौरान उसे अश्लील वीडियो भी दिखाते थे। आरोपियों के मां-बाप ने पीड़िता को अवैध तरीके से 2013 में यतीमखाना से गोद लिया था। वह गोदनामा संबंधी कोई दस्तावेज भी नहीं दिखा सका। बुधवार को कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।

एसीपी सीसामऊ निशंक शर्मा ने बताया, कारोबारी महबूब अली खां गोदनामा से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। नियम के अनुसार, जिस घर में दो बेटे हैं, वहां बेटी गोद देने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। एसीपी ने आगे बताया, “गोद ली हुई बच्ची के साथ कारोबारी के दोनों बेटे ने साल 2017 से 2018 के बीच रेप किया। लगातार सालों उसका यौन उत्पीड़न करते रहे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने बच्ची के कई सारे अश्लील वीडियो बना लिए थे। उसे धमकाया था कि अगर अपना मुंह खोला तो घर में वीडियो दिखा देंगे। इसके बाद तुम्हें घर से भगा दिया जाएगा क्योंकि तुम सौतेली हो और हम सगे। तुम्हारी बात का कोई विश्वास भी नहीं करेगा।”

पुलिस ने दोनों आरोपियों को मंगलवार देर रात बांदा से गिरफ्तार कर लिया। दोनों को बुधवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएगा। पीड़िता का बुधवार को मेडिकल कराने के साथ ही बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। बाल कल्याण समिति भी बच्ची के बयान दर्ज करके मामले की सच्चाई की जांच अपने स्तर से करेगी।

बता दें कि पीड़िता बांदा की रहने वाली है। 2013 में उसकी मां का निधन हो गया था। उसके पिता ने तीन बेटियों को ननिहाल में छोड़ दिया था। ननिहाल वालों ने तीनों बेटियों को बांदा के यतीमखाना में डाल दिया। यतीमखाना की संरक्षिका ने 2013 में अपने नजदीकी कानपुर नाला रोड के व्यक्ति को अवैध तरीके से बच्ची को गोद दे दिया। उस दौरान नाबालिग की उम्र पांच साल थी। रेपकांड की बात घर में खुलने पर 2019 में वापस नाबालिग को यतीमखाना में डाल दिया। इतना ही नहीं यतीमखाना में गलत जानकारी दी गई कि उसके पिता जिंदा नहीं है। इसके चलते उसे यतीमखाना में आसानी से रख लिया गया था।

—– अब पढ़िए पीड़िता की आपबीती —–

यतीमखाना में किशोरी ने 14 अगस्त की रात को अपनी नस काट ली थी। उसे उर्सला में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। मामला पुलिस तक पहुंचा, तो इसका खुलासा हुआ। पीड़िता ने अपने साथ हुए ज्यादती का VIDEO जारी किया था। वह कह रही है, “मेरी बड़ी बहन को गोद लिया गया था फिर उन्होंने मुझे बहकाया, कहा वहां जाओगी तो तुम्हें मार डालेंगे। उस दौरान मैं छोटी थी इसलिए मैंने जाने से इंकार कर दिया।

उनके छोटे लड़के ने मेरे साथ गलत हरकत करता, मेरा मुंह भी दबाता, जबरदस्ती करता और मुझे टैबलेट लाकर देता था। जब हम चिल्लाने की कोशिश करते तो कहता की तुम ही फंसोगी, क्योंकि हम तो मम्मी के सगे हैं, तुम तो सौतेली हो। इसी डर की वजह से हम नहीं बताते। उसके बाद स्कूल में बता दिया। जिसके बाद मुझे यतीमखाना में डालने का फैसला किया।

मेरे पापा की तबीयत खराब रहती थी। शुगर के मरीज थे, महबूब अली खां, उनकी बीबी शाहजहां बेगम सब उन्हें बादशाह कहते हैं। उन्होंने कहा यतीमखाना जा रही हो। वहां किसी को मत बताना की मेरे पापा जिंदा है। कहना की एक्सीडेंट में पापा मर गए और मां का इंतकाल हो गया। जबकि मेरी मां का सच्च में इंतकाल हो गया था, लेकिन मेरे पापा जिंदा हैं। जब मेरे पापा यतीमखाना लेने आए तो यहां वाले मिलने नही दे रहे हैं।”

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