Tuesday, March 10, 2026
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हत्यारोपी को दिया गौशाला संचालन का ठेका…!

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आजमगढ़ जेल के तत्कालीन अधीक्षक का कारनामा।बाहरी लोगों को गौशाला का दूध बेचकर किया लाखों का गोलमाल।सरकारी ख़ज़ाने में जमा करने के बजाए जेब में रखी गई मोटी रकम।हत्यारोपी को दिया गौशाला संचालन का ठेका…!

आभा राकेश

लखनऊ। आजमगढ़ जेल का विवादों का काफी पुराना रिश्ता है। जेल में मोबाइल चार्जर, गांजा और तमाम आपत्तिजनक वस्तुएं पहली बार नहीं मिला है। इससे पहले भी जेल में सैकड़ों की संख्या में मोबाइल फोन बरामद हो चुके है। यही नहीं राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर में प्रधान पति की हत्या के मुख्य आरोपी को लेकर सुर्खियों में रहने वाली आजमगढ़ जेल में जेल अधीक्षक ने आरोपी बन्दी को गौशाला का ठेका देकर लाखों रुपये का गोलमाल किया। गौशाला का दूध जेल के बजाए बाहरी व्यक्तियों को बेचकर भारी गोलमाल भी किया गया।


प्रदेश की अतिसंवेदनशील जेलों में शामिल आजमगढ़ जेल मोबाइल फ़ोन व अवैध वस्तुओं की बरामदगी को लेकर सदैव सुर्खियों में रही है। बीते दिनों डीएम व एसपी की संयुक्त छापेमारी के दौरान दर्जनों मोबाइल चार्जर, 97 पुड़िया गांजा समेत भारी मात्रा में अवैध वस्तुएं बरामद होने पर सुर्खियों में आ गयी।सूत्रों का कहना है कि इससे पहले तत्कालीन डीआईजी जेल ने छापा मारकर जेल की जमकर तलाशी कराई थी। इसमें करीब ढाई सौ मोबाइल फ़ोन समेत भारी मात्रा में अवैध वस्तुएं बरामद हुई थी। इस मामले में कई अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। इसके अलावा वर्ष-2019-2020 में तत्कालीन जेल अधीक्षक आरके मिश्रा ने गोमतीनगर में प्रधान पति की हत्या के मुख्य आरोपी को जेल में संचालित हो रही गौशाला का ठेका दे दिया था। गौशाला का दूध जेल के बजाए बाहरी लोगों को बेचकर लाखों रुपये का गोलमाल किया गया।


सूत्रों की माने ठेका प्रथा पर संचालित हो रही गौशाला की आमदनी को सरकारी खजाने में जमा कराए जाने के बजाए खुद ही इस्तेमाल किया जा रहा था। यह सनसनीखेज खुलासा डीएम के औचक निरीक्षण में हुआ था। डीएम ने खूंखार अपराधी से जेल की गौशाला का संचालन कराए जाने की रिपोर्ट शासन को भेजकर दोषी जेल अधीक्षक के खिलाफ सख्त कार्यवाही किये जाने की संस्तुति की थी। इसी प्रकार आजमगढ़ जेल में पूर्व में हुई कई सनसनीखेज़ घटनाएं होने के बाद शासन ने दोषी अफसरों के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाए उन्हें मुख्यालय व जेटीएस से अटैच कर मामलों को रफादफा कर दिया। दोषी अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही नहीं होने से जेल अफसर बेलगाम हो गए है। उधर इस संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी से तमाम प्रयासों के बाद भी संपर्क नहीं हो पाया।