बंदियों को बनाया जाएगा आत्मनिर्भर

बंदियों को स्वरोजगार से जोड़कर बनाया जाएगा आत्मनिर्भर,मशहूर सेफ रणबीर बरार ने पौष्टिक, स्वादिष्ट और देखने में सुंदर खाना बनाने के दिये टिप्स।

राकेश यादव

लखनऊ। भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान की निदेशक डा० पूनम सिन्हा ने कहा कि उप्र के जेल प्रशासन और सुधार सेवा विभाग के सहयोग से जेल बंदियों के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम, उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम, उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम, महिला उद्यमिता विकास कार्यक्रम आयोजित कर उन्हे जागरूक कर आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें अपना स्वयं का रोजगार देने का प्रयास किया जाएगा। डा0 सिन्हा सोमवार को जेल बंदियो के लिए मूल्यवद्वित उद्यमिता विकास परियोजना के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित कर रही थी। इस मौके पर ख्याति प्राप्त सेफ रनवीर बरार विशेषज्ञ के रूप मे उपस्थित रहे।इस मौके पर निसबड की निदेशक डा0 सिन्हा ने कहा कि संस्थान उद्यमिता को बढावा देने के उद्देश्य से क्षेत्र के अनुकूल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है। लघु उद्योगों के विस्तार के लिए शोध व परामर्श सहायता भी प्रदान करता है। संस्थान ने अब तक 46,837 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से करीब 12.50 लाख प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किये है। निसबड के माध्यम से तकरीबन छह हजार अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिभागी भी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके है।


उद्घाटन समारोह में पहुंचे अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सेलिब्रिटी मास्टर शेफ रणवीर बरार ने कहा कि भोजन बनाने की कला में वो ताकत है कि आपकी ज़िन्दगी बदल सकती है। श्री बरार ने कहा कि भोजन करके पेट तो सभी भर लेते हैं किंतु खाद्य पदार्थ पकाने की विधि पर निर्भर करता है कि वह कितना पौष्टिक, स्वादिष्ट, सुंदर अथवा अरुचिकर, अस्वास्थ्यकर होगा। उन्होंने सुबह की दाल बनाने हेतु रातभर भिगोने की सलाह दी और भिगोए गए पानी में ही बनाने से दाल 12 गुना अधिक पौष्टिक, स्वादिष्ट और देखने में सुंदर बनेगी ईंधन भी आधा ही लगेगा। उन्होंने बताया कि लौकी और तोरई की सब्ज़ियों को और बढ़िया बनाने के लिए सब्ज़ी द्वारा छोड़े गए पानी में ही धीमी आंच में पकाए। खाने में लालमिर्च की जगह हरी मिर्च अदरक और हींग का प्रयोग ज़रूर करे। इस मौके पर निसबड के मुख्य परामर्शदाता पीके अरोड़ा एवं दीपा शर्मा, आदर्श कारागार के जेलर सीपी त्रिपाठी मौजूद रहे।

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