सरकारी योजनाओं का लाभ हर संगठित और असंगठित श्रमिक तक पहुंचे-मुख्यमंत्री

सरकारी योजनाओं का लाभ हर संगठित और असंगठित श्रमिक तक पहुंचे यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर संगठित और असंगठित श्रमिक तक पहुंचे।ईज ऑफ लिविंग के तहत श्रम विभाग द्वारा ऑनलाइनदी जाने वाली 35 सेवाओं को 07 सेवाओं में समाहित किया जाए।प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा औरकल्याण के लिए पोर्टल विकसित कर डेटाबेस तैयार करें।पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को स्नातकस्तर पर मुफ्त शिक्षा देने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगजरौला मुरादाबाद और फिरोजाबाद में नएई0एस0आई0 अस्पतालों के लिए भूमि चिन्हित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या को देखते हुए इनका सत्यापन कराया जाए। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने उत्तर प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क और स्तरीय तैयारी के लिए अच्छा प्लेटफार्म दिया है। इसे और व्यवस्थित किया जाना चाहिए। अभी मंडल मुख्यालयों पर संचालित इन कक्षाओं को सभी 75 जिलों में विस्तार दिया जाए। राज्य सरकार ने एक अभिनव प्रयास के तहत किन्नर कल्याण बोर्ड का गठन किया है। आगामी 100 दिनों में निराश्रित उभयलिंगी व्यक्तियों की पहचान कर उनका परिचय पत्र बनाया जाए। साथ ही, इनके लिए वृद्धाश्रम की सेवा भी प्रारम्भ की जाए। उन्होंने कहा कि संत रविदास आश्रम पद्धति विद्यालयों का निर्माण कार्य शीघ्रता से पूर्ण कराया जाए।


राज्य सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से गरीब बेटियों की शादी की व्यवस्था कर रही है। इससे गरीब परिवारों को बहुत राहत मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस योजना के अन्तर्गत दी जाने वाली 51 हजार रुपये की सहायता राशि को बढ़ाकर 01 लाख रुपये किए जाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। उन्होंने अधिकारियों को इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षा के आधुनिकीकरण के लिए विगत 05 वर्षों में अभूतपूर्व प्रयास किया गया है। इस प्रयास को आगे बढ़ाते हुए आगामी 100 दिनों में मदरसा शिक्षा मोबाइल एप विकसित कर लॉन्च करने की तैयारी की जाए। उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षा के पाठ्यक्रमों में भारतीय स्वाधीनता संग्राम के महानायकों, भारतीयता के प्रतीक महापुरुषों की जीवन गाथा को समाहित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन की सुरक्षा, विकास एवं प्रगति के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार सतत प्रयत्नशील है। उनके गरिमामय जीवन के लिए सभी जरूरी प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान करने की सेवा को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाया जाए। दिव्यांगजन के लिए संचालित विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की जानी चाहिए। प्रत्येक जनपद में बचपन डे केयर सेंटर की स्थापना की जानी चाहिए। इस संबंध में आवश्यक प्रबंध किए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि बचपन डे केयर सेंटरों में व्यवस्था अच्छी रहे।

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