गंगा सफाई के लिए लोगों को सम्मानित करेगी योगी सरकार-स्वातंत्र देव

गंगा सफाई के लिए काम करने वाले 75 लोगों को सम्मानित करेगी योगी सरकार।अगले महीने मुख्यमंत्री जी कर सकते हैं जल संरक्षण व गंगा सफाई के लिए काम करने वालों को सम्मानित।बेहतर काम करने वाले जल शक्ति विभाग के इंजीनियरों को भी किया जाएगा पुरस्कृत।हर जिले से एक व्यक्ति को किया जाएगा सम्मानित, जल शक्ति मंत्री ने सूची तैयार करने के दिए निर्देश।अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान जल शक्ति मंत्री ने किया ऐलान।

अजय सिंह

लखनऊ। गंगा सफाई और जल संरक्षण के क्षेत्र में विशेष योगदान करने वाली सामाजिक संस्थांओं और उनसे जुड़े लोगों को योगी सरकार सम्मानित करने जा रही है। नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग प्रदेश भर से ऐसे लोगों का चयन कर उनकी सूची तैयार करेगा। मुख्यंमंत्री योगी आदित्यंनाथ अगले महीने इन समाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित कर सकते हैं। जल शक्ति मंत्री स्वेतंत्रदेव सिंह ने आज समीक्षा बैठक के दौरान अफसरों को योजना की तैयारी के निर्देश दिए हैं।जलशक्ति मंत्री ने कहा कि गंगा की सफाई और जल संरक्षण के लिए स्वाप्रेरणा से बेहतरीन कार्य कर रहे सामाजिक संगठनों और उनसे जुड़े लोगों को सम्मान मिलना ही चाहिए। सरकार हर जिले से इस क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए एक व्यक्ति को सम्मानित करेगी। विभागीय अधिकारी काम के आधार पर हर जिले से एक व्यक्ति का नाम तय कर प्रदेश भर से 75 लोगों की सूची एक सप्ताह में तैयार करें ।


स्वातंत्र देव सिंह ने कहा कि जल शक्ति विभाग और खास तौर से नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति के इंजीनियरों और कर्मचारियों को भी उनके बेहतर कार्य के लिए पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने पुरस्कार के लिए अधिकारियों की सूची भी तैयार करने के निर्देश दिए हैं। राज्य स्तर पर इन पुरस्कारों का वितरण मुख्यमंत्री और जल शक्ति मंत्री के द्वारा किया जाएगा।जल शक्ति मंत्री ने 15 मई को संभावित तिथि मान कर सम्मान समारोह की तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम ग्रामीण के एमडी बलकार सिंह और अधिशासी निदेशक अखंड प्रताप सिंह समेत विभागीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक में जल शक्ति मंत्री ने बुंदेलखंड, विंध्यन के अलावा प्रदेश के 66 जिलों में 100 दिन के भीतर जलापूर्ति शुरू करने की कार्य योजना देखी। जल शक्ति मंत्री ने कहा कि इंजीनियर फील्ड में रहें। कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि मैं खुद भी परियोजनाओं का स्थालीय निरीक्षण कर रहा हूं। किसी भी समय औचक पहुंच कर निरीक्षण करूंगा।

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