Covid-19,का टीकाकरण कराते हुए अन्य को भी प्रेरित करें:राष्ट्रपति

राष्ट्रपति ने जनपद कानपुर देहात के पुखरायां क्षेत्र में आयोजित ‘अभिनन्दन समारोह’ को सम्बोधित किया। राष्ट्रपति ने पटेल चौक पर सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।राष्ट्रपति ने दिल्ली से जनपद कानपुर देहात तक की अपनी रेल यात्रा के दौरान रेल मंत्रालय द्वारा निर्माणाधीन फ्रेट काॅरिडोर की वस्तुस्थिति का अवलोकन किया।इस रेलवे फ्रेट काॅरिडोर से आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और लोग लाभान्वित होंगे। लोगों के प्यार व स्नेह से मुझे जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। हमारे जनतंत्र में अवसर की समानता को सुनिश्चित करते हुए स्वतंत्रता सेनानियों तथा संविधान निर्माताओं ने क्रान्तिकारी परिवर्तन किया।

केन्द्र व राज्य सरकार के साथ ही कोरोना वाॅरियर्स के प्रयासों से काफी हद तक इस महामारी को नियंत्रित कर लिया गया।जरूरतमन्दों की सहायता के लिए केन्द्र सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गई सुविधाएं लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा रहीं।राष्ट्रपति ने इन समग्र प्रयासों के लिए राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री की प्रशंसा की।प्रधानमंत्री ने विगत 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर‘योग से सहयोग तक’ का सन्देश जन-जन को दिया।योग को अपना कर हम इस महामारी से प्रभावित होने से बच सकते हैं।

वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव हेतु लोग अपना टीकाकरण कराते हुए अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। देश के प्रथम नागरिक का जनपद कानपुर देहात से पैतृक जुड़ाव हमारे लिए गर्व का विषय। राष्ट्रपति ने विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए जनसेवा व समाज सेवा को अपनाकर समाज के अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया है।राष्ट्रपति के पैतृक क्षेत्र के लोगों का उनके प्रति उत्साह एवं आत्मीयता को देखकर भारत की सनातन परम्परा एवं समाज व्यवस्थाकी गहरी जड़ों एवं संस्कारों की अनुभूति हम सबको हुई।प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में पूरा देश कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा।

भारत पूरी मजबूती के साथ लोगों के जीवन और जीविका बचाने के लिए प्रयास कर रहा।प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए देशव्यापी निःशुल्क टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा।टीकाकरण कोरोना महामारी से बचाव का एक सर्वोत्तम उपाय ।नए-नए रूपों में आ रही इस महामारी को परास्त करने के लिए हम सब को मिलकर कोरोना के खिलाफ देश की इस लड़ाई को आगे बढ़ाना होगा।जनपद कानपुर देहात के निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित नए मेडिकल काॅलेज का निर्माण कार्य शीघ्र ही प्रारम्भ होगा।


लखनऊ। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने जनपद कानपुर देहात के पुखरायां क्षेत्र के रामस्वरूप ग्रामोद्योग इण्टर काॅलेज में आयोजित ‘अभिनन्दन समारोह’ को सम्बोधित किया। उन्होंने देश की वर्तमान युवा शक्ति की ऊर्जा को अपनी युवा ऊर्जा से जोड़ते हुए कहा कि मेरी कर्मस्थली के लोगों ने मुझे बड़ी आत्मीयता प्रदान की है। उन्होंने दिल्ली से जनपद कानपुर देहात तक की अपनी रेल यात्रा के दौरान रेल मंत्रालय द्वारा निर्माणाधीन फ्रेट काॅरिडोर की वस्तुस्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इस रेलवे फ्रेट काॅरिडोर से आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और लोग लाभान्वित होंगे। पुखरायां एक व्यावसायिक केन्द्र है। इस काॅरिडोर से यहां के लोगों को भी फायदा होगा। आने वाले समय में इस सबका सकारात्मक प्रभाव हमारी अर्थव्यवस्था पर दिखेगा।

राष्ट्रपति ने क्षेत्र की जनता को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मैं आप लोगों के प्यार, सहयोग, आशीर्वाद एवं देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के कारण ही आज देश का प्रथम नागरिक हूं। आप सभी लोगों के प्यार व स्नेह से मुझे जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। मेरी जीवन यात्रा में पुखरायां व कानपुर देहात की धरती एवं आप सभी लोगों का श्रेय है। उन्होंने कहा कि हमारे जनतंत्र में अवसर की समानता को सुनिश्चित करते हुए स्वतंत्रता सेनानियों तथा संविधान निर्माताओं ने क्रान्तिकारी परिवर्तन किया है। इसके लिए उन्होंने भारतीय गणतंत्र के सभी निर्माताओं का सादर नमन किया। उन्होंने दिवंगत मित्रों और विशिष्टजनों की स्मृतियों को भी साझा किया।

राष्ट्रपति जी ने कहा कि आज पूरी मानवता वैश्विक महामारी कोरोना के प्रकोप से जूझ रही है। केन्द्र व राज्य सरकार के साथ ही कोरोना वाॅरियर्स के प्रयासों से काफी हद तक इस महामारी को नियंत्रित कर लिया गया है। इस महामारी से मुक्ति के लिए हमें नियंत्रण एवं बचाव के उपायों का पालन करना होगा। क्योंकि सावधानी ही सबसे प्रभावी रक्षा कवच है।

राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश, देश का सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है। इस कारण उत्तर प्रदेश में कोरोना से सृजित चुनौतियां भी अधिक हो जाती हैं। परन्तु राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और प्रयासों के कारण इस महामारी पर अंकुश लगाना सम्भव हुआ है। साथ ही, जरूरतमन्दों की सहायता के लिए केन्द्र सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गई सुविधाएं लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा रही है। इन समग्र प्रयासों के लिए उन्होंने राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल जी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की प्रशंसा की।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने योग आधारित जीवन शैली को अपनाने पर बल देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने विगत 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ‘योग से सहयोग तक’ का सन्देश जन-जन को दिया है। हमें समाज में योग का प्रचार-प्रसार करना चाहिए। योग को अपनाकर हम इस महामारी से प्रभावित होने से बच सकते हैं। वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव हेतु लोग अपना टीकाकरण कराते हुए अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। जिला प्रशासन भी इस व्यापक टीकाकरण कार्यक्रम के लिए लोगों को जागरूक करे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘अभिनन्दन समारोह ’ के सम्बोधन भाषण में कहा कि देश के प्रथम नागरिक का जनपद कानपुर देहात से पैतृक जुड़ाव हमारे लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश की जनता एवं प्रदेश सरकार की ओर से राष्ट्रपति जी, भारत की प्रथम महिला श्रीमती सविता कोविंद जी एवं राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल जी का स्वागत एवं अभिनन्दन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ने विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए जनसेवा व समाजसेवा को अपनाकर समाज के अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया है। उन्होंने नर सेवा को नारायण सेवा के रूप में अंगीकार किया है। अधिवक्ता, सांसद, राज्यपाल एवं राष्ट्रपति की भूमिकाओं के दौरान अपने कृतित्वों से उन्होंने निःस्वार्थ जनसेवा की है। बढ़ते कार्यभार एवं कार्य दायित्वों के बावजूद राष्ट्रपति जी का अपने लोगों से हमेशा आत्मीय जुड़ाव रहा है। आज राष्ट्रपति जी के पैतृक क्षेत्र के लोगों का उनके प्रति उत्साह एवं आत्मीयता को देखकर भारत की सनातन परम्परा एवं समाज व्यवस्था की गहरी जड़ों एवं संस्कारों की अनुभूति हम सबको हुई है। राष्ट्रपति जी ने जिस भी पदभार को ग्रहण किया, अपने कृतित्व से उसकी गरिमा एवं गौरव को बढ़ाने का ही कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति जी ने पुखरायां क्षेत्र से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। आज भी वही उत्साह, वही उमंग उनके अन्दर हम सबको देखने को मिल रही है। राष्ट्रपति जी ने जनसेवा को ही अपने जीवन का ध्येय बनाया है और उनका एक ही धर्म है, राष्ट्रधर्म। उन्होंने राष्ट्रधर्म के निर्वहन के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया है।

कोरोना महामारी के कारण पूरी दुनिया का आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त हुआ है, व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। कोरोना वायरस वर्तमान में कमजोर जरूर हुआ है, परन्तु समाप्त नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में पूरा देश कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। भारत पूरी मजबूती के साथ लोगों के जीवन और जीविका बचाने के लिए प्रयास कर रहा है। इस महामारी में सावधानी एवं सतर्कता जरूरी है। ‘दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी’ के मंत्र का अनुपालन आवश्यक है। निगरानी समितियों के माध्यम से संक्रमित एवं प्रभावित लोगों को निःशुल्क टेस्ट एवं मेडिसिन किट उपलब्ध करायी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए देशव्यापी निःशुल्क टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। टीकाकरण कोरोना महामारी से बचाव का एक सर्वोत्तम उपाय है। सभी लोग बढ़-चढ़कर इस टीकाकरण कार्यक्रम से जुड़ें तथा इस निःशुल्क सुविधा का लाभ उठाएं। नए-नए रूपों में आ रही इस महामारी को परास्त करने के लिए हम सबको मिलकर कोरोना के खिलाफ देश की इस लड़ाई को आगे बढ़ाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद कानपुर देहात के निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित नए मेडिकल काॅलेज का निर्माण कार्य शीघ्र ही प्रारम्भ होगा। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों को उपलब्ध हो रहा है।

इस अवसर पर राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल सहित जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।इससे पूर्व, राष्ट्रपति जी ने पटेल चौक पर सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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