धनतेरस की पूजा कैसे करें?

धनतेरस का पावन पर्व सुख-समृद्धि, आरोग्य और खुशहाली का प्रतीक है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की विधि-विधान से पूजा करने का विशेष महत्व है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर सुख-समृद्धि, आरोग्य और धन-धान्य की कामना की जाती है। आइए जानते हैं धनतेरस की पूजा का शुभ मुहूर्त, सही विधि और दीपदान का धार्मिक महत्व।

धनतेरस की पूजा कैसे करें?

  1. सुबह स्नान करके घर और पूजा स्थल की सफाई करें।
  2. पूजा स्थल पर भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर जी की प्रतिमा या तस्वीर रखें।
  3. दीपक जलाकर सबसे पहले गणेश जी का पूजन करें।
  4. माता लक्ष्मी को फूल, अक्षत, रोली, मिठाई और फल अर्पित करें।
  5. भगवान धन्वंतरि को पीले फूल और प्रसाद चढ़ाएं।
  6. भगवान कुबेर की पूजा करके धन-समृद्धि की प्रार्थना करें।
  7. धूप-दीप जलाकर आरती करें और परिवार की सुख-शांति की कामना करें।

विशेष परंपरा: शाम को घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर यम दीपक जलाया जाता है। इसे परिवार की दीर्घायु और अकाल मृत्यु से रक्षा की कामना से जलाते हैं।

आज धनतेरस 2026 का शुभ मुहूर्त – लखनऊ

आज शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 लक्ष्मी-कुबेर पूजा का शुभ समय

शाम 5:51 – 7:44 बजे

लखनऊ के स्थानीय पंचांग के अनुसार। Navagraha+1

खरीदारी के शुभ समय

  • सुबह 11:50 से दोपहर 1:12 बजे
  • दोपहर 3:58 से शाम 5:20 बजे
  • रात 8:35 से 10:13 बजे। Navagraha+1

धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है?

  • सोना या चांदी।
  • पीतल या तांबे के बर्तन।
  • भगवान गणेश और लक्ष्मी जी की प्रतिमा।
  • घर के लिए नया दीपक।
  • सामर्थ्य के अनुसार कोई भी नई उपयोगी वस्तु।

धनतेरस पर दीपक कितने जलाएं?

  • पूजा स्थल पर घी का दीपक।
  • घर के मुख्य द्वार पर दीपक।
  • यमराज के लिए दक्षिण दिशा में चार बत्तियों वाला दीपक (यम दीपदान)।

एक विशेष बात: पूजा के समय परिवार के सभी सदस्य साथ बैठें और माता लक्ष्मी से केवल धन ही नहीं, बल्कि अच्छे स्वास्थ्य, सुख, शांति और सद्बुद्धि की भी प्रार्थना करें।

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