आधुनिक तकनीकी से लैस होंगी प्रदेश की जेलें:पी.सी.मीणा

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहनीय पहल।
  • 14 करोड़ से आधुनिक तकनीकी से लैस होंगी प्रदेश की जेलें। पीसी मीणा
  • जेलों की सुरक्षा को चाक चौबंद बनाने के लिए खरीदी जाएंगी 676 अत्याधुनिक इंसास राइफल।
  • जल्दी ही दूर होगी जेलों में सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों की कमी।
राकेश यादव
राकेश यादव”निडर”

लखनऊ। योगी सरकार प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के साथ पुलिस एवं कारागार व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में योगी सरकार जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने और जेल वार्डर समेत कारागार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए 676 अत्याधुनिक इंसास राइफल खरीदने जा रही है। इसके साथ ही प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक उपयोग के लिए 58,795 कारतूस भी खरीदे जाएंगे। इस पूरी खरीद प्रक्रिया पर कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग करीब 14 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य कारागारों में तैनात सुरक्षा बलों को आधुनिक हथियारों से लैस करने के साथ उनकी कार्यक्षमता और प्रशिक्षण के स्तर को बेहतर बनाना है।

महानिदेशक कारागार पीसी मीना ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी और संसाधन के स्तर पर लगातार मजबूत किया जा रहा है। पुलिस बल के आधुनिकीकरण के साथ जेलों की सुरक्षा को भी सरकार प्राथमिकता दे रही है। इसी दिशा में 676 इंसास राइफल और बड़ी संख्या में कारतूस की खरीद की योजना तैयार की गई है। कारागार विभाग की ओर से खरीदी जाने वाली इंसास राइफल और कारतूस की खरीद उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (यूपी एसटीएफ) के माध्यम से की जाएगी। इसके तहत 5.56 एमएम की एसएलआर इंसास राइफल खरीदी जाएंगी। विभाग ने इसके लिए आवश्यक प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।

महानिदेशक कारागार पी.सी. मीना


प्रस्ताव के अनुसार, 676 राइफलों की खरीद पर करीब साढ़े 13 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे जबकि 58,795 कारतूस की खरीद के लिए लगभग 30 लाख रुपये खर्च किये जाएंगे। इस प्रकार पूरी खरीद प्रक्रिया पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य जेल वार्डर और अन्य सुरक्षा अधिकारियों को आधुनिक हथियारों के संचालन का प्रशिक्षण के साथ जेल की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना है।


डीजी पीसी मीना ने बताया कि योगी सरकार की योजना में केवल हथियारों की खरीद ही शामिल नहीं है, बल्कि सुरक्षा कर्मियों की व्यावहारिक दक्षता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। इसी उद्देश्य से 58,795 कारतूस खरीदे जाएंगे। इनका उपयोग जेल वार्डर समेत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। इससे सुरक्षा कर्मियों को हथियारों के सुरक्षित संचालन, निर्धारित प्रक्रियाओं और आपात स्थितियों में आवश्यक प्रतिक्रिया का अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। योगी सरकार का जोर इस बात पर है कि कारागारों में तैनात सुरक्षा बल केवल संसाधनों से ही लैस न हों, बल्कि उन्हें उनका प्रभावी उपयोग करने का प्रशिक्षण भी मिले। इसके लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। आधुनिक हथियारों के साथ प्रशिक्षित सुरक्षा बल जेलों में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपट सकेंगे।

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