बाबा बागेश्वर के बयान पर अखिलेश यादव का फिर पलटवार, बोले- न ब्रज में प्रवेश मिलेगा, न अवध में!
लखनऊ। बाबा बागेश्वर के बयान को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लंबी पोस्ट साझा करते हुए बाबा बागेश्वर पर निशाना साधा है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि उनके बयान से यदुवंशियों और रघुवंशियों, दोनों की भावनाएं आहत हुई हैं। अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा, “इन्होंने यदुवंशियों और रघुवंशियों दोनों की भावनाएं आहत की हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अब इन्हें न ब्रज में प्रवेश मिलेगा और न अवध में।

यदुवंशियों और रघुवंशियों की भावनाओं का उठाया मुद्दा
सपा प्रमुख ने अपनी पोस्ट में कहा कि अब न तो कोई सच्चा रघुवंशी उनका स्वागत करेगा और न ही कोई सच्चा यदुवंशी। अखिलेश ने इस मुद्दे को धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं से जोड़ते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर नाकाबंदी का बोर्ड लगाने की बात भी कही।
यूपी-मध्य प्रदेश बॉर्डर पर बोर्ड लगाने की कही बात
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बॉर्डर पर एक ऐसा बोर्ड लग जाना चाहिए, जिस पर लिखा हो—‘ईशनिंदा’ करने वालों का उप्र की धर्म-भूमि पर प्रवेश वर्जित है। उनकी इस टिप्पणी के बाद बाबा बागेश्वर के बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पोस्ट से गरमाई सियासत
बाबा बागेश्वर के बयान पर अखिलेश यादव की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब धार्मिक बयानों और उनसे जुड़ी राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को लेकर बहस जारी है। सपा प्रमुख ने अपने पोस्ट के माध्यम से यदुवंशी और रघुवंशी समाज की भावनाओं का सवाल उठाया है। फिलहाल अखिलेश यादव की इस टिप्पणी ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। इस पूरे मामले में बाबा बागेश्वर की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आने पर घटनाक्रम और स्पष्ट होगा।



