सकारात्मकता से आती है श्रद्धा और आस्था:मुख्यमंत्री

सकारात्मकता से आती है श्रद्धा और आस्था, यहीं से खुलता है विकास का मार्ग

रामकथा का वास्तविक उद्देश्य केवल श्रवण करना नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना है। मंदिर जाने और धार्मिक आयोजनों से जुड़ने का उद्देश्य मन की नकारात्मकता को समाप्त करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्रों में कहा गया है- श्रद्धावान लभते ज्ञानम्। श्रद्धा और आस्था से ही ज्ञान प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि जहां नकारात्मकता होती है, वहां अराजकता, विध्वंस, अव्यवस्था, अशांति और असंतोष पैदा होता है। इसके विपरीत सकारात्मकता के साथ श्रद्धा, आस्था और प्रकाश आता है। यही सकारात्मक भाव विकास और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है तथा लोगों के जीवन में खुशहाली लाता है।

बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ मिलना ही रामराज्य की वास्तविक अवधारणा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज भारत एक नए स्वरूप में आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2017 से पहले जो धन इधर-उधर बर्बाद होता था, आज उसका उपयोग मंदिरों और धार्मिक स्थलों के विकास के साथ गरीबों के कल्याण की योजनाओं में हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले लोगों को राशन, बिजली, अच्छी सड़कें और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ता था। आयोजनों से पहले उपद्रव और दंगे शुरू हो जाते थे। आज प्रदेश में कर्फ्यू, दंगा और अराजकता नहीं है।

गरीबों को मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत के तहत पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिल रहा है। नौजवानों को नौकरी, किसानों को किसान सम्मान निधि और बेटियों व व्यापारियों को सुरक्षा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही रामराज्य की अवधारणा है, जिसमें शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

तुष्टीकरण से आतंकवाद बढ़ा, संतुष्टीकरण से मजबूत हुआ एक भारत-श्रेष्ठ भारत

मुख्यमंत्री ने कहा कि तुष्टीकरण का भाव अनास्था और अराजकता को बढ़ावा देता है। देश जब तुष्टीकरण के रास्ते पर चला तो आतंकवाद, उग्रवाद और नक्सलवाद बढ़ा। इसके विपरीत संतुष्टीकरण के भाव के साथ बिना भेदभाव प्रत्येक नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचने से देश आगे बढ़ा है। यही भाव आज एक भारत-श्रेष्ठ भारत की आधारशिला बन रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या के साथ काशी, मथुरा-वृंदावन और प्रदेश के अन्य धार्मिक स्थलों का भी अभूतपूर्व विकास हो रहा है। काशी विश्वनाथ धाम में पहले जहां दस श्रद्धालु एक साथ दर्शन नहीं कर पाते थे, आज वहां 50 हजार श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर सकते हैं।

मथुरा-वृंदावन सज-संवर रहा है। मां विंध्यवासिनी धाम में सुविधाओं का विस्तार हुआ है। लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है और बरेली फिर से नाथ नगरी के रूप में अपनी पहचान बना रही है। यह विकास की अभिनव यात्रा है, जिसकी शुरुआत आस्था से होती है।

महर्षि वाल्मीकि ने दुनिया को दिया प्रभु श्रीराम के आदर्शों का संदेश

मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि का उल्लेख करते हुए कहा कि राम से दुनिया का पहला संवाद महर्षि वाल्मीकि ने कराया। उन्होंने आदि रामायण की रचना कर संस्कृत में दुनिया की पहली रामायण लिखी। आज दुनिया की कोई ऐसी भाषा नहीं है, जिसमें रामायण न लिखी गई हो, लेकिन इसका मूल आधार महर्षि वाल्मीकि हैं।

उन्होंने श्रीराम को धर्म का साक्षात स्वरूप बताते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि का कथन ‘रामो विग्रहवान धर्मः’ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। जीवन में जब भी कोई चुनौती या समस्या आती है तो श्रीराम के आदर्श उसके समाधान का मार्ग दिखाते हैं। पुत्र, शिष्य, गुरु, पति, भाई और समाज के महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में मर्यादित आचरण की प्रेरणा प्रभु श्रीराम से मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भक्ति का भाव देखना हो तो मथुरा-वृंदावन जाइए, जहां श्रद्धालु परिक्रमा करते हैं और वहां का रज-कण भी कृष्णमय है। जीवन की मर्यादा का आदर्श अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के चरित्र में दिखाई देता है।

महंत योगी शांतिनाथ जी के जीवन को किया याद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ जी को याद करते हुए कहा कि वह एक फक्कड़ और निराले संत थे। उनका जीवन सहज और अपनी ही मस्ती में रहने वाला था। अच्छे कार्यों में भी वे सहयोगी बनते थे। जीवन नश्वर है और अंततः सभी को इसे स्वीकार करना पड़ता है। उनके शरीर शांत होने के बाद यहां समाधि दी गई।

इस अवसर पर शक्तिपीठ देवीपाटन के महंत मिथिलेश महाराज, श्री हनुमान गढ़ी मंदिर अयोध्या धाम से विराजमान महंत राजूदास, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री एवं पीलीभीत के प्रभारी मंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख, मंत्री संजय गंगवार, आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य डॉक्टर सुधीर गुप्ता, सहसंयोजक संजीव प्रताप सिंह, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, विधायक बीसलपुर विवेक वर्मा, पूरनपुर के विधायक बाबूराम पासवान, बरखेड़ा के विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, जिला पंचायत प्रशासक पीलीभीत दलजीत कौर, पूज्य संत जन और भक्तजन उपस्थित रहे।

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