प्रधानमंत्री ने वाराणसी में में लगभग 150 करोड़ रु0 की लागत से 07 एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित अरविन्द लि0 गारमेण्ट एण्ड अपैरल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया, कार्यक्रम में उ0प्र0 की राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री की उपस्थिति रही। प्रधानमंत्री ने फैक्ट्री का निरीक्षण तथा वहां कार्यरत महिला श्रमिकों से संवाद किया। इस फैसिलिटी से लगभग 1,000 महिलाओं को रोजगार प्राप्त होगा।
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वाराणसी के मिर्जामुराद (खोचवां) में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से 07 एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित अरविन्द लि0 गारमेण्ट एण्ड अपैरल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया। इस अवसर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की भी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री जी ने फैक्ट्री का निरीक्षण तथा वहां कार्यरत महिला श्रमिकों से संवाद किया। इसके पूर्व, मिर्जामुराद (खोचवां) पहुंचने पर प्रधानमंत्री जी का राज्यपाल जी एवं मुख्यमंत्री जी ने स्वागत किया।
प्रधानमंत्री जी ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के महत्व पर बल दिया। ज्ञातव्य है कि फैक्ट्री में आधुनिक मशीनों और तकनीकों के माध्यम से परिधान निर्माण किया जाएगा। श्रमिकों को आवश्यक प्रशिक्षण देकर उनके कौशल को विकसित करने पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। फैक्ट्री में 300 से अधिक महिलाओं की भर्ती हो भी चुकी है, जिन्हें यूनिट में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल कपड़ा और परिधान निर्माण इकोसिस्टम को मजबूत करेगी। इस फैसिलिटी से लगभग 1,000 महिलाओं को रोजगार प्राप्त होगा। कपास, रेशम, खादी और प्राकृतिक उत्पादों से जुड़े कार्यों को प्रोत्साहन मिलने से कृषि और वस्त्र उद्योग के बीच सम्बन्धों को भी मजबूती मिलेगी।
पूर्वान्चल में अरविन्द मिल्स का यह पहला बड़ा मैन्युफैक्चरिंग प्लाण्ट है। प्लाण्ट शुरु होने के बाद फेज-2 का निर्माण होगा, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। काशी के इस नए प्लाण्ट में स्पोर्ट्स वियर, अण्डर गारमेण्ट आदि कपड़े का उत्पादन होगा। यहां जॉकी, यू0एस0 पोलो और एरो जैसे ब्राण्ड्स का निर्माण होगा। आधुनिक गारमेण्ट फैक्ट्री से वाराणसी में रोजगार के नए अवसर सृजित होने, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलने और स्थानीय वस्त्र उद्योग को मजबूती मिलने की सम्भावना है। आधुनिक गारमेण्ट फैक्ट्री महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वाराणसी की पारम्परिक साड़ी, रेशम और हथकरघा उद्योग की समृद्ध विरासत को आधुनिक परिधान निर्माण से जोड़ने के प्रयासों से स्थानीय उद्योगों को नई दिशा मिलेगी। इससे पारम्परिक हुनर को आधुनिक तकनीक और उत्पादन व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाने के अवसर प्राप्त होंगे।


