पुलिस स्मृति दिवस 2026: यूपी पुलिस के भत्तों में बढ़ोतरी, योगी की बड़ी घोषणाएं

पुलिस स्मृति दिवस-2026: योगी सरकार का पुलिसकर्मियों को बड़ा तोहफा, कई भत्तों में बढ़ोतरी का ऐलान।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस-2026 के अवसर पर पुलिसकर्मियों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया। लखनऊ स्थित रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित स्मृति परेड के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के कल्याण और सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा, समाज की शांति और नागरिकों के जीवन की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों के प्रति पूरा देश सदैव कृतज्ञ रहेगा।

पुलिसकर्मियों के भत्तों में बढ़ोतरी का ऐलान

मुख्यमंत्री ने फील्ड ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न भत्तों में वृद्धि की घोषणा की।

  • उपनिरीक्षक और निरीक्षक स्तर के पुलिसकर्मियों का मोटरसाइकिल भत्ता: 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह।
  • पीपीएस अधिकारियों का यूनिफॉर्म भत्ता: 6,400 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये।
  • ड्यूटी पर तैनात आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों का सिम भत्ता: 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों को कठिन परिस्थितियों में लगातार फील्ड में रहकर ड्यूटी करनी पड़ती है। भत्तों में वृद्धि का उद्देश्य उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और कर्तव्यों के निर्वहन में सहयोग देना है।

शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 425 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता

मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस सहायता पैकेज के अंतर्गत शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 425 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों के लिए पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाले स्वास्थ्य कार्ड भी बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल का मनोबल मजबूत रखने के लिए उनके परिवारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण पर ध्यान देना आवश्यक है।

कर्तव्य निभाते हुए 154 पुलिसकर्मियों ने गंवाई जान

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। इनमें उत्तर प्रदेश के छह पुलिसकर्मी शामिल हैं।उन्होंने उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, आरक्षी अशोक कुमार, आरक्षी प्रदीप कुमार, फायर सर्विस चालक तीर्थपाल सिंह और फायरमैन रोहित कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों का बलिदान केवल स्मारकों पर अंकित नामों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह राष्ट्र की चेतना में सदैव जीवित रहेगा। उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलती रहेगी।

दो लाख 26 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती

मुख्यमंत्री ने पुलिस भर्ती और प्रशिक्षण व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से दो लाख 26 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 35 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में एक समय में लगभग 6,000 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता थी, जिसे बढ़ाकर लगभग 60,000 कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या भी लगभग 10,000 से बढ़कर 45,000 हो गई है। महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती भागीदारी को महिला सुरक्षा और पुलिस प्रशासन में महिलाओं की भूमिका के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।

अपराध और माफिया के विरुद्ध कार्रवाई का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अपराध और माफिया के विरुद्ध चलाए गए अभियानों के परिणामस्वरूप 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्तियां जब्त की गई हैं। उन्होंने बताया कि माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि का इस्तेमाल जनहित के कार्यों में किया जा रहा है। उन्होंने प्रयागराज में मुक्त कराई गई भूमि पर गरीब परिवारों के लिए 602 आवासीय फ्लैटों के निर्माण का उल्लेख किया। साथ ही, लखनऊ में मुक्त कराई गई भूमि पर उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज की स्थापना और साइबर अपराधों से निपटने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जनपद में साइबर थाने तथा प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क की व्यवस्था का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था प्रदेश में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

पुलिस शहीदों के बलिदान को किया नमन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके परिवारों के त्याग को याद करने का भी दिन है। पुलिसकर्मी त्योहारों, सार्वजनिक आयोजनों और आपात परिस्थितियों में भी नागरिकों की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं।कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक पीएसी आलोक सिंह सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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