यूपी में चार औद्योगिक इकाइयों को ₹56.25 करोड़ का प्रोत्साहन, निवेश को मिलेगा बढ़ावा।उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम सामने आया है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में हुई एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में चार औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय प्रोत्साहन देने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के तहत लिए गए इस फैसले से प्रदेश के मध्यांचल, पूर्वांचल और बुन्देलखण्ड में औद्योगिक विकास को गति देने की उम्मीद है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आयोजित एम्पावर्ड कमेटी की 12वीं बैठक में चार औद्योगिक इकाइयों को कुल 56.25 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रोत्साहन वितरण के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
यह स्वीकृति कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के लिए लागू त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के अंतर्गत दी गई है। इस नीति का उद्देश्य मध्यांचल, पूर्वांचल और बुन्देलखण्ड क्षेत्रों में बड़े औद्योगिक उपक्रमों को विशेष सुविधाएं एवं रियायतें उपलब्ध कराकर निवेश को बढ़ावा देना है।
इन चार औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा वित्तीय प्रोत्साहन
बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों के अनुसार, चार औद्योगिक इकाइयों को अलग-अलग अवधियों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन देने की मंजूरी दी गई है।
- मेसर्स जेके सीमेंट लिमिटेड, हमीरपुर: 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक की एक तिमाही के लिए 10.11 करोड़ रुपये।
- मेसर्स ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड, बाराबंकी: 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की तीन तिमाहियों के लिए 12.77 करोड़ रुपये।
- मेसर्स कनोडिया सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड, अमेठी: 1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक की दो तिमाहियों के लिए 7.41 करोड़ रुपये।
- मेसर्स अंकुर उद्योग लिमिटेड, गोरखपुर: 1 अक्टूबर 2025 से 30 जून 2026 तक की तीन तिमाहियों के लिए 25.97 करोड़ रुपये।
इन चारों प्रस्तावों के तहत कुल 56.26 करोड़ रुपये का योग बनता है, जबकि बैठक के आधिकारिक विवरण में कुल प्रोत्साहन राशि 56.25 करोड़ रुपये बताई गई है। इस राशि में एक करोड़ रुपये से अधिक के अंतर के बजाय 0.01 करोड़ रुपये यानी एक लाख रुपये का अंतर है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि की जानी चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में प्रमुख सचिव राज्य कर कामिनी रतन चौहान, प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी इन्वेस्ट यूपी विजय किरण आनंद, सचिव नियोजन डॉ. राज शेखर, विशेष सचिव न्याय मनमीत सूरी, विशेष सचिव एमएसएमई शिशिर और पिकप के प्रबंध निदेशक चंद्र विजय सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
निवेश और औद्योगिक विकास को मिलेगी गति
उत्तर प्रदेश सरकार की त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के अंतर्गत वित्तीय प्रोत्साहन की मंजूरी से संबंधित औद्योगिक इकाइयों को लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही, मध्यांचल, पूर्वांचल और बुन्देलखण्ड जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने तथा प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के प्रयासों को भी गति मिल सकती है।
यूपी में चार औद्योगिक इकाइयों को ₹56.25 करोड़ का प्रोत्साहन, निवेश को मिलेगा बढ़ावा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आयोजित एम्पावर्ड कमेटी की 12वीं बैठक में चार औद्योगिक इकाइयों को कुल 56.25 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रोत्साहन वितरण के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
यह स्वीकृति कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश के आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के लिए लागू त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के अंतर्गत दी गई है। इस नीति का उद्देश्य मध्यांचल, पूर्वांचल और बुन्देलखण्ड क्षेत्रों में बड़े औद्योगिक उपक्रमों को विशेष सुविधाएं एवं रियायतें उपलब्ध कराकर निवेश को बढ़ावा देना है।
इन चार औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा वित्तीय प्रोत्साहन
बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों के अनुसार, चार औद्योगिक इकाइयों को अलग-अलग अवधियों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन देने की मंजूरी दी गई है।
- मेसर्स जेके सीमेंट लिमिटेड, हमीरपुर: 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक की एक तिमाही के लिए 10.11 करोड़ रुपये।
- मेसर्स ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड, बाराबंकी: 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की तीन तिमाहियों के लिए 12.77 करोड़ रुपये।
- मेसर्स कनोडिया सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड, अमेठी: 1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक की दो तिमाहियों के लिए 7.41 करोड़ रुपये।
- मेसर्स अंकुर उद्योग लिमिटेड, गोरखपुर: 1 अक्टूबर 2025 से 30 जून 2026 तक की तीन तिमाहियों के लिए 25.97 करोड़ रुपये।
इन चारों प्रस्तावों के तहत कुल 56.26 करोड़ रुपये का योग बनता है, जबकि बैठक के आधिकारिक विवरण में कुल प्रोत्साहन राशि 56.25 करोड़ रुपये बताई गई है। इस राशि में एक करोड़ रुपये से अधिक के अंतर के बजाय 0.01 करोड़ रुपये यानी एक लाख रुपये का अंतर है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि की जानी चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में प्रमुख सचिव राज्य कर श्रीमती कामिनी रतन चौहान, प्रमुख सचिव नियोजन श्री आलोक कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी इन्वेस्ट यूपी श्री विजय किरण आनंद, सचिव नियोजन डॉ. राज शेखर, विशेष सचिव न्याय श्री मनमीत सूरी, विशेष सचिव एमएसएमई श्री शिशिर और पिकप के प्रबंध निदेशक श्री चंद्र विजय सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
निवेश और औद्योगिक विकास को मिलेगी गति
उत्तर प्रदेश सरकार की त्वरित निवेश प्रोत्साहन नीति-2020 के अंतर्गत वित्तीय प्रोत्साहन की मंजूरी से संबंधित औद्योगिक इकाइयों को लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही, मध्यांचल, पूर्वांचल और बुन्देलखण्ड जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने तथा प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के प्रयासों को भी गति मिल सकती है।



