ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी {GBC}@5.0 को लेकर एक्शन मोड में योगी

  • मुख्यमंत्री ने ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी@5.0 की तैयारियों एवं निवेश परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा।
  • समस्त परियोजनाओं से जुड़ी स्वीकृतियों, भूमि, आधारभूत सुविधाओं और अन्य प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाए, ताकि निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
  • ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी केवल निवेश परियोजनाओं को प्रारम्भ करने का अवसर नहीं, यह प्रदेश में रोजगार, उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम ।
  • जिन परियोजनाओं को जी0बी0सी0@5.0 में शामिल किया जा रहा, उनकी तैयारियों और आवश्यक अनुमतियों की विभागवार निगरानी की जाए।
  • किसी भी निवेशक को स्वीकृत प्रोत्साहन राशि के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, सम्पूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए।
  • ब्लैक स्पॉट की पहचान, ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियन्त्रण, कोहरे के दौरान दृश्यता प्रबन्धन, सुरक्षा कैमरों और रडार की निगरानी तथा टोल प्लाजा पर वाहनों की फिटनेस और चालकों की सतर्कता की जांच को प्रभावी बनाने के निर्देश।
  • निजी क्षेत्र के सहयोग से एक्सप्रेस-वे के आसपास ट्रॉमा सेण्टर विकसित करने की कार्ययोजना पर भी कार्य किया जाए।
  • निवेशकों के साथ नियमित संवाद रखते हुए उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
  • विभिन्न एक्सप्रेस-वे हुई सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की तकनीकी और व्यावहारिक समीक्षा के निर्देश।
  • यूपीडा, परिवहन विभाग और पुलिस को समन्वित सुरक्षा व्यवस्था तैयार करे।

लखनऊ। लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी@5.0 की तैयारियों एवं निवेश परियोजनाओं की प्रगति की मुख्यमंत्री योगी ने समीक्षा की। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी (जी0बी0सी0) की तैयारियां तेज हो गयी हैं। वर्तमान स्थिति के अनुसार जी0बी0सी0 के माध्यम से प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में लगभग 7,000 परियोजनाओं के माध्यम से 7.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतरने के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि समस्त परियोजनाओं से जुड़ी स्वीकृतियों, भूमि, आधारभूत सुविधाओं और अन्य प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाए, ताकि निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए।


इन्वेस्ट यू0पी0 की ओर से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि कि प्रस्तावित परियोजनाओं में विभागों के माध्यम से लगभग साढ़े तीन हजार परियोजनाएं, जनपद स्तर पर निवेश सारथी पोर्टल से जुड़ी साढ़े तीन हजार से अधिक परियोजनाएं तथा इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से 100 से अधिक बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। क्षेत्रीय स्तर पर पश्चिमांचल में लगभग 4.75 लाख करोड़ रुपये, पूर्वांचल में 1.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक, मध्यांचल में 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक और बुन्देलखण्ड में 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। बड़ी परियोजनाओं में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली लगभग 90 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनमें लगभग 4.75 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।


सेक्टरवार निवेश में डेटा सेण्टर, ऊर्जा, रियल एस्टेट, बुनियादी ढांचा, आई0टी0 एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, इस्पात एवं सीमेण्ट, फार्मा एवं रसायन, वस्त्र एवं परिधान, ऑटोमोबाइल और पर्यटन प्रमुख हैं। डेटा सेण्टर क्षेत्र में लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये, ऊर्जा क्षेत्र में 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक और रियल एस्टेट में 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक धनराशि के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। विनिर्माण क्षेत्र में लगभग 2.75 लाख करोड़ रुपये तथा बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि जी0बी0सी0@5.0 में पारम्परिक उद्योगों के साथ नई अर्थव्यवस्था और उभरते क्षेत्रों पर भी निवेशकों का विशेष फोकस है।


ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी से पूर्व चौथे संस्करण तक की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि जी0बी0सी0 01 से 04 के माध्यम से 16 हजार से अधिक परियोजनाओं में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित रहा। इनमें 08 हजार से अधिक परियोजनाएं वाणिज्यिक संचालन में आ चुकी हैं, जबकि 08 हजार से अधिक परियोजनाएं क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राउण्ड ब्रेकिंग सेरेमनी केवल निवेश परियोजनाओं को प्रारम्भ करने का अवसर नहीं है, यह प्रदेश में रोजगार, उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं को जी0बी0सी0@5.0 में शामिल किया जा रहा है, उनकी तैयारियों और आवश्यक अनुमतियों की विभागवार निगरानी की जाए। निवेशकों के साथ नियमित संवाद रखते हुए उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।

READ ALSO : बढ़ती उम्र,बढ़ती ताकत: महिलाओं की आर्थिक आजादी क्यों है जरूरी?


निवेशकों को मिलने वाले वित्तीय प्रोत्साहनों के भुगतान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि किसी भी निवेशक को स्वीकृत प्रोत्साहन राशि के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सम्पूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए तथा पात्र निवेशकों को निर्धारित समयसीमा में प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करायी जाए। बैठक में निवेश प्रोत्साहन के लिए स्वीकृत बजट, अब तक किए गए भुगतान और आगामी अवधि में होने वाले वितरण की भी समीक्षा की गई।


बैठक में प्रदेश के विभिन्न एक्सप्रेस-वे पर हाल के दिनों में हुई सड़क दुर्घटनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री जी ने दुर्घटनाओं पर दुःख व्यक्त करते हुए इनके कारणों की तकनीकी और व्यावहारिक समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने ब्लैक स्पॉट की पहचान, ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियन्त्रण, कोहरे के दौरान दृश्यता प्रबन्धन, सुरक्षा कैमरों और रडार की निगरानी तथा टोल प्लाजा पर वाहनों की फिटनेस और चालकों की सतर्कता की जांच को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। यूपीडा, परिवहन विभाग और पुलिस को समन्वित सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से एक्सप्रेस-वे के आसपास ट्रॉमा सेण्टर विकसित करने की कार्ययोजना पर भी कार्य करने को कहा गया।

Related Articles

Back to top button