योगी सरकार का ‘सेवा संकल्प’ अभियान, बिजली व्यवस्था तेज

  • योगी सरकार में बिजली आपूर्ति को मिली रफ्तार, 24779 मेगावाट की मांग पूरी।
  • आंधी-बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर जुटीं यूपीपीसीएल की टीमें।
  • सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रदेशभर में अनुरक्षण कार्य तेज।
  • उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली के साथ बेहतर सेवा देने पर योगी सरकार का जोर।

लखनऊ। योगी सरकार प्रदेश में निर्बाध, सुलभ और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। बढ़ती बिजली मांग के बीच सरकार ने आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के साथ ही उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया है। तीन अक्टूबर को प्रदेश में 24,779 मेगावाट की मांग के अनुरूप बिजली आपूर्ति की गई। जबकि दो अक्टूबर को 23,939 मेगावाट और एक अक्टूबर को 23,445 मेगावाट की मांग पूरी की गई। मांग के अनुरूप बिजली आपूर्ति के मामले में उत्तर प्रदेश तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक और पंजाब जैसे राज्यों से आगे रहा।

सितंबर के अंतिम सप्ताह में कई वर्षों की सर्वाधिक तेज आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर विद्युत ब्रेकडाउन हुए। पूर्वांचल और मध्यांचल में विशेष रूप से 100 से अधिक 33 केवी सबस्टेशन और 500 से अधिक 11 केवी फीडर प्रभावित हुए। यूपीपीसीएल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने युद्धस्तर पर दिन-रात मेहनत कर फाल्ट दूर किए और प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को तेजी से सामान्य किया।

विद्युत लाइनों और संबंधित ढांचे का लगातार मेंटेनेंस।

सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत अनुरक्षण माह में प्रदेशभर में बिजली व्यवस्था को बेहतर और सुचारु बनाए रखने के लिए विभिन्न अनुरक्षण कार्य कराए जा रहे हैं। पीपीसीएल की फील्ड टीमें विद्युत लाइनों और संबंधित ढांचे का आवश्यक मेंटेनेंस कर रही हैं। बिजली लाइनों के संपर्क में आने वाली पेड़ों की डालियों की छंटाई, आसपास की साफ-सफाई और अन्य जरूरी कार्य किए जा रहे हैं, ताकि मौसम खराब होने की स्थिति में विद्युत व्यवधान को कम किया जा सके।

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उपभोक्ता सेवा है योगी सरकार की प्राथमिकता।

योगी सरकार का जोर केवल बिजली आपूर्ति बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को बेहतर और संवेदनशील सेवा उपलब्ध कराने पर भी है। बिजली चोरी की समस्या से निपटने के साथ उपभोक्ताओं को विभाग का विरोधी मानने के बजाय उनकी जरूरतों को समझकर उन्हें व्यवस्था का सहयोगी बनाने पर बल दिया जा रहा है।

फाल्ट की सूचना से लेकर बहाली तक निगरानी।

निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने पर इसकी सूचना तत्काल काल सेंटर पर दर्ज की जाए। उपभोक्ता को आपूर्ति बाधित होने का कारण बताया जाए और बिजली बहाल होने के बाद मैसेज के माध्यम से इसकी जानकारी दी जाए। इस पूरी व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि अनुरक्षण, त्वरित शिकायत निस्तारण और बेहतर निगरानी के जरिए प्रदेशवासियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए।

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