बहराइच में विकास की नई पटरी! मुख्यमंत्री ने ब्रॉड गेज रेलखण्ड का किया लोकार्पण

  • मुख्यमंत्री ने जनपद बहराइच में बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखण्ड के ब्रॉड गेज का लोकार्पण एवं 04 नई ट्रेन सेवाओं का शुभारम्भ किया।
  • कार्यक्रम को केन्द्रीय रेल मंत्री ने वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित किया।
  • बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखण्ड का ब्रॉड गेज में परिवर्तन और 04 नई ट्रेन सेवाओं का शुभारम्भ इस सीमावर्ती क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
  • लगभग 730 करोड़ रु0 की लागत से 56 कि0मी0 लम्बे रेलखण्ड को ब्रॉड गेज नेटवर्क से जोड़ने का कार्य निर्धारित समय में पूरा हुआ।
  • जब पटरी बड़ी होती तो रास्ते बड़े होते, जब रास्ते बड़े होते तो बाजार बड़े होते, जब बाजार बड़े होते तो हमारे लिए अवसर बड़े होते और जब अवसर बड़े होते तो संकल्पों की पूर्ति होने में देर नहीं लगती।
  • प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमण्डल ने लखनऊ से बहराइच की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 04 लेन मार्ग को स्वीकृति प्रदान की।
  • रेलवे के क्षेत्र में सुधार और आधुनिकीकरण भारत के परिवहन तंत्र को नई मजबूती दे रहे, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे।
  • सीमावर्ती क्षेत्र को पिछड़ेपन का पर्याय मानने की सोच अब बदल चुकी, रुपईडीहा और बहराइच का यह क्षेत्र भारत का प्रवेश द्वार रुपईडीहा से वाराणसी तक ट्रेन सेवा प्रारम्भ होने से श्रद्धालुओं के लिए काशी स्थित बाबा विश्वनाथ धाम तक पहुंचना आसान, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
  • नई रेल कनेक्टिविटी से लोगों को रोजगार, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंचने में आसानी होगी, क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।
  • बहराइच से खलीलाबाद तक नई रेल लाइन की दिशा में कार्य आगे बढ़ रहा।
  • भगवान पशुपतिनाथ से काशी विश्वनाथ तक, गोरखा से गोरखपुर तक और जनकपुर से अयोध्या तक भारत और नेपाल के सम्बन्धों की गहरी सांस्कृतिक जड़ें।
  • भारत-नेपाल के बीच विकसित होने वाली बेहतर रेल कनेक्टिविटी इस साझा सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत करने का कार्य करेगी।
  • बहराइच में महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक बनकर तैयार हो चुका, यहाँ देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक महाराजा सुहेलदेव की लगभग एक हजार वर्ष पुरानी गौरवगाथा को जान और देख सकते।
  • मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

लखनऊ। आज जनपद बहराइच में बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखण्ड के ब्रॉडगेज के लोकार्पण एवं 04 नई ट्रेन सेवाओं के शुभारम्भ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम को केन्द्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित किया। आज प्रारम्भ होने वाली 04 ट्रेनों में 14213/14 वाराणसी-बहराइच एक्सप्रेस, 115131/32 वाराणसी सिटी-गोरखपुर एक्सप्रेस, 75109/10 गोण्डा-बहराइच ट्रेन तथा 75111/12 डेमो ट्रेन शामिल हैं। इस अवसर पर मित्र राष्ट्र नेपाल में बाढ़ त्रासदी में मृतकों के लिए 02 मिनट का मौन रखकर दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गयी।

     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखण्ड का ब्रॉडगेज में परिवर्तन और 04 नई ट्रेन सेवाओं का शुभारम्भ इस सीमावर्ती क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। दशकों से जिस सपने को इस क्षेत्र की कई पीढ़ियाँ देखती आ रही थीं, आज वह सपना साकार होकर धरातल पर दिखायी दे रहा है। लगभग 730 करोड़ रुपये की लागत से 56 किलोमीटर लम्बे रेलखंड को ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़ने का कार्य निर्धारित समय में पूरा हुआ है। इससे रुपईडीहा और नेपालगंज रोड सहित पूरे सीमावर्ती क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।


मुख्यमंत्री ने नेपाल राष्ट्र में हाल ही में आयी प्राकृतिक आपदा में जान गँवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कहा कि आज का दिन जहाँ इस क्षेत्र के दशकों पुराने सपने के साकार होने का अवसर है, वहीं नेपाल में आयी त्रासदी के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि नेपाल में आयी भीषण प्राकृतिक आपदा के कारण नेपाल के साथ-साथ भारत और दुनिया के विभिन्न देशों के अनेक नागरिक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इस त्रासदी में अपने परिवार के सदस्यों को खोने वाले परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। सुख-दुख की हर घड़ी में भारत और नेपाल एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में भारत सरकार ने नेपाल की वर्तमान त्रासदी के समय त्वरित निर्णय लेते हुए मित्र राष्ट्र की सहायता के लिए जो कदम उठाए हैं, उसके लिए प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने नेपाल के नागरिकों को भरोसा दिलाया कि भारत इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है। नेपाल भारत के लिए केवल राजनीतिक रूप से मित्र राष्ट्र नहीं है, बल्कि दोनों देशों की हजारों वर्षों पुरानी साझी सांस्कृतिक विरासत है। भगवान पशुपतिनाथ से काशी विश्वनाथ तक, गोरखा से गोरखपुर तक और जनकपुर से अयोध्या तक भारत और नेपाल के सम्बन्धों की गहरी सांस्कृतिक जड़ें हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के नागरिक एक-दूसरे के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर श्रद्धा के साथ आते-जाते हैं। भारत-नेपाल के बीच विकसित होने वाली बेहतर रेल कनेक्टिविटी इस साझा सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत करने का कार्य करेगी। इससे दोनों देशों के लोगों के बीच सम्पर्क, आवागमन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी। आज का दिन बहराइच, नानपारा, रुपईडीहा और नेपालगंज सहित पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। इस क्षेत्र की कई पीढ़ियाँ जिस सुविधा और कनेक्टिविटी की प्रतीक्षा करती रहीं, वह आज साकार हो रही है। यह क्षेत्र ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन आजादी के बाद लम्बे समय तक विकास की दृष्टि से अपेक्षित सुविधाओं से वंचित रहा।


जिन कार्यों के लिए देश और प्रदेश की जनता लम्बे समय तक प्रतीक्षा करती रही, वे आज तेजी से पूरे हो रहे हैं। कभी रेल लाइन के विद्युतीकरण को बड़ी उपलब्धि माना जाता था। आज देश की लगभग सभी रेल लाइनों का विद्युतीकरण हो चुका है। व्यापक स्तर पर मीटर गेज रेल लाइनों को ब्रॉड गेज नेटवर्क में बदला गया है। रेलवे के क्षेत्र में हुए सुधार और आधुनिकीकरण भारत के परिवहन तंत्र को नई मजबूती दे रहे हैं। रेलवे में हो रहे यह सुधार आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने रेलवे के क्षेत्र में हुए व्यापक विकास एवं सुधारों के लिए प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त किया और केन्द्रीय रेल मंत्री जी का अभिनन्दन किया।


जब पटरी बड़ी होती है तो रास्ते भी बड़े होते हैं। जब रास्ते बड़े होते हैं तो बाजार भी बड़े होते हैं। जब बाजार बड़े होते हैं तो हमारे लिए अवसर भी बड़े होते हैं और जब अवसर बड़े होते हैं तो संकल्पों की पूर्ति होने में देर नहीं लगती। रुपईडीहा और नेपालगंज रोड को बेहतर रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने की यह परियोजना डबल इंजन सरकार की विकास गाथा का प्रत्यक्ष उदाहरण है। यह परियोजना सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा और सुविधा के साथ-साथ उद्योग, व्यापार, पर्यटन, कृषि, रोजगार और आर्थिक समृद्धि के लिए नए द्वार खोलने वाली है। कभी बहराइच भारत की सत्ता और सामरिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केन्द्र हुआ करता था। लगभग एक हजार वर्ष पूर्व महाराजा सुहेलदेव ने इसी धरती पर विदेशी आक्रान्ता सैय्यद सालार मसूद गाजी को पराजित कर भारत की धरती की रक्षा की थी। दुर्भाग्य की बात है कि आजादी के बाद दशकों तक महाराजा सुहेलदेव जैसे महान राष्ट्रनायकों को इतिहास में अपेक्षित स्थान नहीं दिया गया। आज परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं। अब महाराजा सुहेलदेव की विजयगाथा और राष्ट्रभक्ति को सम्मान देने का कार्य किया जा रहा है।


बहराइच में महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक बनकर तैयार हो चुका है। यहाँ देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक महाराजा सुहेलदेव की लगभग एक हजार वर्ष पुरानी गौरवगाथा को जान और देख सकते हैं। यह स्मारक भारत की वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्ररक्षा की परम्परा का प्रतीक है। जिस क्षेत्र ने भारत की गौरवगाथा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी, वही क्षेत्र रेल कनेक्टिविटी के मामले में लम्बे समय तक पिछड़ा रहा। यहाँ रेल कनेक्टिविटी सीमित थी और जो रेल लाइन उपलब्ध थी, वह मीटर गेज के रूप में थी। देश के विभिन्न हिस्सों में समय के साथ मीटरगेज रेल लाइनों को ब्रॉडगेज में बदला गया, नई रेल लाइनें बनीं और आधुनिक रेल सेवाओं का विस्तार हुआ, लेकिन यह क्षेत्र लम्बे समय तक पुरानी रेल व्यवस्था में ही बना रहा। इसका सीधा प्रभाव क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास पर पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र को पिछड़ेपन का पर्याय मानने की सोच अब बदल चुकी है। रुपईडीहा और बहराइच का यह क्षेत्र भारत का प्रवेश द्वार है। इसे सीमावर्ती क्षेत्र के रूप में केवल अन्तिम छोर नहीं, बल्कि विकास और सम्पर्क के महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में देखा जा रहा है।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी के नेतृत्व में बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखण्ड को ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़ने का कार्य तेजी से पूरा किया गया है। लगभग 730 करोड़ रुपये की लागत से 56 किलोमीटर लम्बे रेलखण्ड को ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़ा गया है। निर्धारित समय में कार्य पूर्ण कर आज इसका लोकार्पण किया जा रहा है। इससे रुपईडीहा की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ नेपालगंज रोड तक रेल सम्पर्क भी मजबूत हुआ है। यह परियोजना सीमावर्ती क्षेत्र की सुरक्षा और आवागमन के साथ-साथ आर्थिक विकास की दृष्टि से भी अत्यन्त महत्वपूर्ण है। आज 04 नई ट्रेन सेवाओं का शुभारम्भ इस क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सौगात है। नई ट्रेन सेवाओं से यात्रियों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी और क्षेत्र की कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार होगा। रुपईडीहा से वाराणसी तक ट्रेन सेवा प्रारम्भ होने से श्रद्धालुओं के लिए काशी स्थित बाबा विश्वनाथ धाम तक पहुंचना आसान होगा। वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केन्द्र से सीमावर्ती क्षेत्र के जुड़ने से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।


कनेक्टिविटी केवल आवागमन का साधन नहीं है। कनेक्टिविटी हमें गति देती है और जब यह गति सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है तो वही प्रगति का आधार बनती है। बहराइच से लखनऊ, अयोध्या और गोरखपुर तथा बहराइच से नानपारा होते हुए नेपालगंज तक विकसित हो रही कनेक्टिविटी इस पूरे क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगी। नई रेल कनेक्टिविटी से लोगों को रोजगार, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। साथ ही, क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।बेहतर रेल कनेक्टिविटी इस क्षेत्र में विकास की अनन्त सम्भावनाओं को खोलने का कार्य करेगी। उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा, व्यापार का विस्तार होगा। पर्यटन की गतिविधियां बढ़ेंगी और कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा होगी। इस क्षेत्र के निकट स्थित कतर्नियाघाट जैसे महत्वपूर्ण ईको-टूरिज्म केन्द्र तक पहुंच आसान होने से पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। अयोध्या, वाराणसी और गोरखपुर जैसे प्रमुख धार्मिक केन्द्रों से बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होने से धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। नेपालगंज रोड, बाबागंज, नानपारा, मटेरा, रिसिया और बहराइच सहित पूरे क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति में यह रेल कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बहराइच से खलीलाबाद तक नई रेल लाइन की दिशा में भी कार्य आगे बढ़ रहा है। गोरखपुर से सिद्धार्थनगर, शोहरतगढ़, बलरामपुर होते हुए बहराइच तक तथा आगे नेपालगंज रोड से जोड़ने की दिशा में विकसित हो रही रेल कनेक्टिविटी पूर्वांचल और सीमावर्ती क्षेत्र को एक व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने का कार्य करेगी। इन परियोजनाओं से आवागमन सुगम होने के साथ क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों, व्यापार और रोजगार की नई सम्भावनाओं को भी गति मिलेगी। पिछली सरकारों के समय प्रत्येक जनपद में माफिया के संरक्षण और पोषण का वातावरण था। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब माफिया के स्थान पर मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, एयरपोर्ट, सड़क और रेल जैसी विकास परियोजनाएं दिखाई देती हैं। बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर मेडिकल कॉलेज स्थापित है। बालार्क ऋषि के नाम पर अस्पताल की सुविधा उपलब्ध है। बलरामपुर में मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुका है। श्रावस्ती में एयरपोर्ट का निर्माण हुआ है और गोण्डा में नया मेडिकल कॉलेज बनकर संचालित हो रहा है। इसी प्रकार अयोध्या, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, बस्ती और सिद्धार्थनगर में नये मेडिकल कॉलेज स्थापित कर संचालित किए जा रहे हैं। यह परिवर्तन बताता है कि डबल इंजन सरकार विकास को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है।


एक समय पूर्वांचल और इस क्षेत्र में जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी का कहर रहता था। बरसात और गर्मी के मौसम में मासूम बच्चों की मौतें होती थीं। पिछली सरकारें इन मौतों को अज्ञात बीमारी बताकर वास्तविक समस्या से आंखें चुराने का काम करती थीं। जब उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनी तो सरकार ने बीमारी से आंखें नहीं फेरीं। वर्ष 2017 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद सरकार ने स्पष्ट किया कि आधुनिक समय में कोई बीमारी अज्ञात नहीं हो सकती। बीमारी की पहचान की जाएगी, उसके कारणों का पता लगाया जाएगा और उसके उन्मूलन के लिए प्रभावी कार्ययोजना लागू की जाएगी।सरकार के प्रभावी प्रयासों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश में जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी के प्रकोप को नियंत्रित करने में बड़ी सफलता मिली है। अब माता-पिता के मन में पहले जैसी चिंता नहीं रहती कि जापानी इंसेफेलाइटिस के कारण उनका बच्चा असमय काल के गाल में चला जाएगा।


विगत दिनों प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमण्डल ने लखनऊ से बहराइच की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 04 लेन मार्ग को स्वीकृति प्रदान की है। इससे सड़क मार्ग से भी इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। नये भारत में सड़क और रेल दोनों क्षेत्रों में अभूतपूर्व परिवर्तन दिखाई दे रहा है। देश में रैपिड रेल, अमृत भारत, नमो भारत और वन्दे भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाएं संचालित हो रही हैं। यह सेवाएं आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।भारत-नेपाल के बीच बेहतर रेल सम्पर्क दोनों देशों के लोगों को और करीब लाएगा तथा दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक सम्बन्धों को नई मजबूती प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को सांसद जगदम्बिका पाल तथा डॉ0 आनन्द कुमार गोंड ने भी सम्बोधित किया।इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य प्रज्ञा त्रिपाठी, विधायक रामनिवास वर्मा, अनुपमा जायसवाल, सुरेश्वर सिंह, सुभाष त्रिपाठी, श्रीमती सरोज सोनकर सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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