- मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 स्टार्टअप ईकोसिस्टम से सम्बन्धित कार्यक्रम को सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप नीति के अन्तर्गत 107 स्टार्टअप को 3.42 करोड़ रु0 से अधिक व 09 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रु0 की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया।
- विभिन्न उद्यमियों को सर्टिफिकेट ऑफ एप्रीशिएशन, लेटर ऑफ इन्टेन्ट तथा 12 नए इनक्यूबेटर्स को मान्यता प्रमाण पत्र प्रदान किये।
- मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 स्टार्टअप नीति-2026 पुस्तिका का विमोचन तथा उ0प्र0 स्टार्टअप मिशन पोर्टल का शुभारम्भ किया।
- बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, निवेश अनुकूल वातावरण और युवाओं की प्रतिभा को अवसर देने वाली नीतियों के परिणामस्वरूप उ0प्र0 आज स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा।
- प्रधानमंत्री जी के विजन और डबल इंजन सरकार की नीतियों के परिणामस्वरूप प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप मौजूद, इनमें 08 यूनिकॉर्न भी सम्मिलित।
- नया उ0प्र0, अब पीछे हटने वाला नहीं, यह देश की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में अपनी पहचान मजबूत कर रहा।
- 25 करोड़ की आबादी हमारे लिए चुनौती बल्कि डेमोग्राफिक डिविडेण्ड, यदि इसे स्किलिंग के साथ जोड़ा जाए तो यही प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत बन सकती।
- स्टार्टअप केवल बिजनेस नहीं, बल्कि इनोवेशन और नेशन बिल्डिंग का माध्यम, स्टार्टअप से ही देश और प्रदेश तरक्की करेंगे।
- सभी स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स, सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स और ईकोसिस्टम से जुड़े स्टेक होल्डर्स उ0प्र0 के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के लिए आगे आएं।
- स्टार्टअप कुछ चुनिन्दा शहरों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, प्रदेश के सभी 75 जनपदों में स्टार्टअप ईकोसिस्टम विकसित होना चाहिए।
- प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालयों में रिसर्च गतिविधियों और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए अलग से फण्ड की व्यवस्था की।
- आज उ0प्र0 एक दर्जन से अधिक सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस को संचालित करने अथवा स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा।
- उ0प्र0 सरकार स्टार्टअप ईकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए हर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी, सभी स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स, सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स और ईकोसिस्टम से जुड़े स्टेकहोल्डर्स इस अभियान को और गति दें।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, निवेश अनुकूल वातावरण और युवाओं की प्रतिभा को अवसर देने वाली नीतियों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे, जबकि आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन और डबल इंजन की सरकार की नीतियों के परिणामस्वरूप प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप मौजूद हैं। इनमें 08 यूनिकॉर्न भी सम्मिलित हैं। वर्ष 2017 से पहले देश में बॉटम थ्री में गिने जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश की टॉप थ्री अर्थव्यवस्थाओं में सम्मिलित हो चुका है। यह नया उत्तर प्रदेश है, जो अब पीछे हटने वाला नहीं है और देश की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
आज यहां लोक भवन में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप ईकोसिस्टम से सम्बन्धित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने स्टार्टअप नीति के अन्तर्गत 107 स्टार्टअप को 3.42 करोड़ रुपये से अधिक तथा 09 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया। मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 पुस्तिका का विमोचन तथा उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन पोर्टल का शुभारम्भ भी किया। मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न उद्यमियों को सर्टिफिकेट ऑफ एप्रीशिएशन, लेटर ऑफ इन्टेन्ट तथा 12 नए इनक्यूबेटर्स को मान्यता प्रमाण पत्र प्रदान किये। इसके पश्चात, मुख्यमंत्री जी ने भारत इनोवेटर्स एवं यू0पी0 स्टार्टअप फण्ड समर्थित ए0आई0एफ0 के साथ वार्ता की।
आज उत्तर प्रदेश के युवाओं को एक साथ कई नई सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन फण्ड, इनक्यूबेटर्स को प्रोत्साहन राशि एवं यू0पी0 स्टार्टअप मिशन के माध्यम से युवाओं के सपनों को एक नई उड़ान देने तथा प्रदेश में यू-हब को प्रोत्साहित करने के लिए सभी लोग यहां एकत्रित हुए हैं। वर्ष 2014 से पूर्व पूरे देश में मात्र 500 स्टार्टअप थे और आज देश में इनकी संख्या ढाई लाख से अधिक हो चुकी है। भारत में विकसित हो रहा स्टार्टअप ईकोसिस्टम युवाओं के सपनों को गति दे रहा है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में भी प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप डबल इंजन की सरकार ने स्टार्टअप के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया, जिसका परिणाम 24,000 से अधिक स्टार्टअप के रूप में सामने है।
उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी और सबसे बड़ी युवा कार्यशक्ति वाला प्रदेश है। 25 करोड़ की आबादी हमारे लिए चुनौती नहीं, बल्कि डेमोग्राफिक डिविडेण्ड है, यदि इसे स्किलिंग के साथ जोड़ा जाए तो यही प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है। आज उत्तर प्रदेश में दुनिया की सबसे युवा कार्यशक्ति है, इस प्रतिभा एवं ऊर्जा को उचित प्लेटफार्म उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। आज उत्तर प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा को प्लेटफार्म उपलब्ध करा रहे हैं। इनमें आधे से अधिक स्टार्टअप्स का संचालन महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। यह प्रदेश की आधी आबादी की बढ़ती भागीदारी और महिला शक्ति की क्षमता का प्रमाण है। स्टार्टअप केवल बिजनेस नहीं, बल्कि इनोवेशन और नेशन बिल्डिंग का माध्यम है। स्टार्टअप से ही देश और प्रदेश तरक्की करेंगे। सभी स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स, सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स और ईकोसिस्टम से जुड़े स्टेक होल्डर्स उत्तर प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के लिए आगे आएं।
स्टार्टअप कुछ चुनिन्दा शहरों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में स्टार्टअप ईकोसिस्टम विकसित होना चाहिए। नोएडा में ए0आई0, कानपुर में डीप टेक, लखनऊ में हेल्थ टेक, वाराणसी में टूरिज्म एवं क्रिएटिव टेक, पूर्वांचल में एग्रीटेक तथा बुन्देलखण्ड में डिफेन्स टेक और ड्रोन टेक के क्षेत्र में व्यापक सम्भावनाएं हैं। पूर्वांचल और बुन्देलखण्ड के पात्र स्टार्टअप्स के लिए सरकार ने अतिरिक्त इन्सेन्टिव की भी व्यवस्था की है। वर्तमान में भारत के कुल स्टार्टअप्स में उत्तर प्रदेश का लगभग 10वां हिस्सा है, जबकि देश की आबादी में प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग छठी है। इसलिए हमारा प्रयास होना चाहिए कि भारत के कुल स्टार्टअप्स का 20 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो। उच्च शिक्षण संस्थानों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए। विश्वविद्यालयों और संस्थानों में रिसर्च, डेवलपमेन्ट और इनोवेशन का बेहतर वातावरण तैयार होना चाहिए। प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालयों में रिसर्च गतिविधियों और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए अलग से फण्ड की व्यवस्था की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आई0आई0टी0 कानपुर द्वारा मेडटेक और ड्रोन टेक्नोलॉजी के लिए सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स विकसित करने के प्रस्ताव पर सरकार ने सहयोग किया है। एस0जी0पी0जी0आई0 द्वारा सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स तथा आई0आई0टी0 बी0एच0यू0 द्वारा यू0पी0 एग्रीज के साथ मिलकर सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स विकसित करने के प्रस्तावों को भी सरकार का सहयोग प्राप्त हो रहा है। क्वाण्टम कम्प्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और ग्रीन हाइड्रोजन सहित उभरती तकनीकों के क्षेत्र में जहां भी सहयोग की आवश्यकता होगी, प्रदेश सरकार पूरी तरह साथ खड़ी रहेगी। आज उत्तर प्रदेश एक दर्जन से अधिक सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस को संचालित करने अथवा स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में सिडबी के साथ मिलकर स्टार्टअप ईकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने के लिए फण्ड ऑफ फण्ड की व्यवस्था की थी। बीच में कुछ समय गतिरोध आया, लेकिन आवश्यक बदलाव करते हुए अब इसे और तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर फण्ड की राशि बढ़ाई जाएगी। स्टार्टअप्स को भूमि उपलब्ध कराने में मदद की जाएगी और जरूरत पड़ने पर प्लग एण्ड प्ले मॉडल पर स्पेस भी उपलब्ध कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार स्टार्टअप ईकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए हर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी। सभी स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स, सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स और ईकोसिस्टम से जुड़े स्टेकहोल्डर्स इस अभियान को और गति दें।
वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश की छवि अव्यवस्था, दंगों और असुरक्षा से जुड़ी थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व जब वह सांसद के रूप में प्रदेश के बाहर जाते थे, तो उत्तर प्रदेश का नाम सुनकर लोग संदेह की निगाहों से देखते थे। सामान्य धारणा थी कि जहां सड़कों पर गड्ढे शुरू हो जाएं और सूर्यास्त के बाद अन्धकार प्रारम्भ हो जाए, समझो उत्तर प्रदेश का बॉर्डर आ गया। पर्व और त्योहारों से पूर्व उपद्रव प्रारम्भ हो जाना, स्कूल-कॉलेज और बाजारों का महीनों बंद रहना तथा कर्फ्यू के साए में आम जन का जीवन मजबूर होना उस समय की स्थिति थी। ऐसे वातावरण में रोजगार, शिक्षा, इनोवेशन, इनक्यूबेटर्स और स्टार्टअप की चर्चा करना भी सपना था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के पश्चात प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जीरो टॉलरेन्स की नीति अपनाई। आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू और उपद्रव से मुक्त हो चुका है। प्रदेश में सुरक्षा की कोई समस्या नहीं है। पॉलिसी पैरालिसिस से भी प्रदेश बाहर निकल चुका है। आज प्रदेश के पास समर्पित नीतियां हैं और इसी बदले हुए वातावरण ने निवेशकों एवं उद्योगों का विश्वास उत्तर प्रदेश में बढ़ाया है। विगत 09 वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय तथा महिला कार्यबल की भागीदारी को तीन गुना करने मे सफलता प्राप्त हुई है। बड़े उद्योगों की संख्या भी लगभग तीन गुना करने में सफलता प्राप्त हुई है।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधरी, विकास का पहिया तेजी से घूमा और रिसर्च एवं इनोवेशन पर बड़े पैमाने पर ध्यान दिया गया। प्रगति के लिए रिसर्च सेक्टर को लगातार प्रमोट करना आवश्यक है। इसी क्रम में स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना एक बड़ा कदम है। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में 120 स्टार्टअप थे, जबकि आज इनकी संख्या 24,000 से अधिक हो गई है। इससे निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास को गति मिल रही है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रसुनील कुमार शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर में स्टार्टअप्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्ष 2017 के पश्चात मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अपराध को समाप्त करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई हुई, जिसके परिणामस्वरूप आज प्रदेश में निवेश का वातावरण बना है। स्टार्टअप केवल आइडिया या बिजनेस नहीं, बल्कि इनोवेशन और नेशन बिल्डिंग का माध्यम है। स्टार्टअप्स विकास की रीढ़ हैं। उत्तर प्रदेश को केवल स्टार्टअप हब नहीं, बल्कि भारत का अगला स्टार्टअप पावरहाउस बनाना है। कार्यक्रम के दौरान यू0पी0 स्टार्टअप ईकोसिस्टम पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी। इस अवसर पर सलाहकार मुख्यमंत्री अवनीश कुमार अवस्थी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव आई0टी0 एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार, ए0के0टी0यू0 के कुलपति प्रो0 जे0पी0 पाण्डेय सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।



