- कर्तव्य के प्रति निष्ठा को देख योगी सरकार ने बनाया राज्य महिला आयोग का उपाध्यक्ष।
- पीड़ितों से आत्मीयता दिखाते हुए मिलती हैं और त्वरित समाधान कराती हैं।
- केजीएमयू की छात्रा डाक्टर को दिलाया था न्याय।
मनीषा-हिफी फीचर
गत 03 अगस्त को फ्रेंडशिप डे था। उस दिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता और मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने अपने जीवन साथी रहे पति प्रतीक यादव को बहुत ही भावुकता से याद किया। सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर अपर्णा यादव ने फ्रेंडशिप डे के मौके पर पति प्रतीक यादव की तस्वीर शेयर की। इसमें लिखा उनका मैसेज लोगों को द्रवित कर गया। दरअसल, पिछले दिनों प्रतीक यादव का बीमारी के कारण निधन हो गया। इसके बाद से अपर्णा यादव हमेशा पति को याद करती दिखी हैं। अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की दोस्ती स्कूल के दिनों में हुई थी। इसके बाद दोनों में दोस्ती प्रगाढ हुई।
यही दोस्ती प्यार में बदली और दोनों ने वर्ष 2011 में शादी कर ली। फ्रेंडशिप डे के मौके पर शेयर किए गए पोस्ट में अपर्णा ने लिखा, हैप्पी फ्रेंडशिप डे, माई बेस्टी फॉरएवर। इस संदेश के जरिए अपर्णा प्रतीक से हमेशा दोस्त रहने की बात करती दिखी हैं। अपर्णा की ओर से सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया प्रतीक यादव का फोटो काफी पुराना लग रहा है। इसमें प्रतीक टीनेजर दिख रहे हैं। प्रतीक यादव इसमें मिरर सेल्फी लेते दिखाई दे रहे हैं। अपर्णा ने इस तस्वीर के जरिए पुराने दिनों को एक बार फिर याद किया और यह संदेश दिया कि वे निष्ठा को निभाना जानती हैं चाहे वो व्यक्ति के प्रति हो अथवा सौंपे गये कार्य के प्रति।
अपर्णा यादव अपने पति को कई मौकों पर याद करती दिखी हैं। परिवार के साथ वे प्रतीक को याद करती दिखती हैं। उनकी बेटियां अपने पिता को काफी याद करती है। ऐसे में फ्रेंडशिप डे पर आया उनका भावुक पोस्ट प्रतीक यादव के समर्थकों को भी भावुक कर गया। अपर्णा यादव की कर्तव्य के प्रति निष्ठा को देखते हुए योगी आदित्यनाथ की सरकार ने राज्य महिला आयोग के उपाध्यक्ष का अत्यधिक संवेदनशील दायित्व सौंपा है।
अपर्णा यादव वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में सक्रिय हैं और प्रशासनिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रही हैं। आयोग की अध्यक्ष बबिता चैहान हैं। आयोग के कुल 25 सदस्य हैं। गोरखपुर की चारू चैधरी भी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। अपर्णा यादव के साथ सभी पदाधिकारियों व सदस्यों का बेहतर तालमेल है। साल 2022 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद से वह लगातार राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर मुखर रही हैं। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजी एमयू) में डॉक्टर रमीज मलिक पर धर्मांतरण और उत्पीड़न के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पीड़िता की शिकायत का संज्ञान लिया। जनवरी 2026 में वह समर्थकों के साथ कुलपति कार्यालय पहुंची थीं।
उन्होंने केजीएमयू की एक महिला डॉक्टर छात्रा द्वारा लगाए गए। यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण (लव जिहाद) के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाया। वह मामले की गंभीरता को देखते हुए 9 जनवरी 2026 को समर्थकों के साथ केजीएमयू के कुलपति (वीसी) से मिलने भी पहुंची थीं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी और पारदर्शी जांच की मांग की। अपर्णा बताती हैं कि जब वह बच्ची (डाक्टर छात्रा) महिला आयोग पर आयी तो मानसिक रूप से बहुत डरी हुई थी। आयोग ने उसकी शिकायत पर तुरन्त एक्शन लिया।
अपर्णा कहती हैं कि आदरणीय मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद ज्ञापन करना चाहती हूं कि जिस दिन वह लड़की आयोग आयी, उसी दिन एफआईआर दर्ज हो गयी। ध्यान रहे कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में एक महिला डॉक्टर ने जो खटीमा (उत्तराखण्ड) की रहने वाली हैं, एक पुरुष डॉक्टर पर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद पुलिस ने डॉक्टर के साथ ही उनके माता-पिता को भी गिरफ्तार कर लिया। केजीएमयू प्रशासन ने अभियुक्त डॉक्टर को निलंबित कर दिया। इस सबके बाद इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंप दी गई।
इस प्रकार अपर्णा यादव महिलाओं की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझ लेती हैं और पीड़िता को न्याय दिलाने का अपनी तरफ से पूरा प्रयास करती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रामराज्य का एक अंग नारी शक्ति वंदन भी है। उन्होंने 2017 में पहली बार सरकार बनाते ही महिलाओं के सम्मान की रक्षा और उनका उत्पीड़न करने वालों को कड़ी सजा देने की व्यवस्था की थी। राज्य महिला आयोग भी महिलाओं को न्याय दिलाने का संविधान सम्मत प्रयास करता है। अपर्णा यादव राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष होने नाते इस दायित्व को तो निभाती ही हैं, इसके साथ ही वे महिलाओं की हर प्रकार से मदद करती हैं।
उदाहरण के लिए पुलिस में अगर किसी महिला की शिकायत नहीं सुनी जाती तो अपर्णा फौरन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी से बात करती हैं। वे समझाती हैं कि पुलिस के इस प्रकार के रवैये से पुलिस विभाग की ही नहीं, योगी सरकार की बदनामी होती है। इसी तरह की कितनी ही समस्याओं को लेकर महिलाएं उनके पास नित्यप्रति आती रहती हैं और अपर्णा भी किसी को निराश नहीं करतीं। घरेलू उत्पीड़न व अन्य समस्याएं लेकर भी लड़कियां व महिलाएं उनके पास आती हैं। अपर्णा का कहना है कि मैं देश की सभी लड़कियों और लड़कों से भी यह बात कहना चाहती हूं कि लवजेहाद जैसे मामले की जानकारी अवश्य दें। मैं चाहती हूं कि हमारी माताएं हमारी बहनें सुरक्षित रहें। उनको न्याय दिलाना हमारा काम है।
अपर्णा यादव उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में सक्रिय रूप से प्रशासनिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने हाल ही में अंबेडकर नगर कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया और पात्र लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड भी बांटे।



