- बरेली सेंट्रल जेल अधीक्षक का विवादों से रहा गहरा नाता।
- सजायाफ्ता कैदी की फरारी से एक बार फिर लटकी कार्रवाई की तलवार।
- बरेली परिक्षेत्र के डीआईजी ने की विभागीय कार्यवाही की संस्तुति।
राकेश यादव
लखनऊ। बरेली सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अविनाश गौतम का विवादों से पुराना गहरा रिश्ता रहा है। खूंखार अपराधियों को नियम विरुद्ध तरीके से सुविधाएं मुहैया कराने के मामले में पहले भी उन्हें कई बार निलंबित किया जा चुका है। जेल से कैदी की फरारी में एकबार फिर से उनकी कुर्सी खतरे में है। वह पहले से चर्चित रहे हैं। कई बार निलंबित होने का रिकॉर्ड उनके नाम है। इस बार डीआईजी जेल ने भी कैदियों को जेल से नियम विरुद्ध तरीके से निकालने में उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अविनाश गौतम को मार्च 2024 में बरेली सेंट्रल जेल का वरिष्ठ अधीक्षक बनाया गया था। जेल में बंद शूटर आसिफ का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें तैनाती दी गई थी। इसके साथ ही राका नाम के कैदी ने जेल के अंदर से अपने फोटो वायरल कर दिए। दोनों ही मामले मैनेज कर लिए गए। जेल में बंदियों से मानक ताक पर रखकर काम लेने के आरोप इस बीच उच्चाधिकारियों के पास पहुंचते रहे लेकिन अविनाश गौतम ऊंची पहुंच और जुगाड के बल पर कुर्सी पर मजबूती से जमे रहे। उम्रकैद के आरोपी दिनेश के जेल के फार्म से भाग जाने के बाद फिर अविनाश गौतम की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। जेल में निचले स्तर का स्टाफ निलंबित हो चुका है। डीआईजी जेल कुंतल किशोर ने उन पर कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट डीजी जेल पीसी मीना को भेज दी है।
इन मामलों से सुर्खियों में रहे अधीक्षक अविनाश गौतम
बांदा जेल में तैनाती के दौरान माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (मृतक) जेल में बंद था। इसको वीआईपी ट्रीटमेंट देने का उन पर आरोप लगा। जेल में छापा मारा गया तो वहां बंद पूर्व विधायक विजय सिंह के पास 30 हजार रुपये नकद मिले थे। तब अविनाश गौतम को निलंबित किया गया था। इसी प्रकार 20 मार्च 2010 को उरई जेल में अविनाश गौतम अधीक्षक पद पर तैनात थे। तब यहां मुख्तार गिरोह के गुर्गों में फायरिंग हो गई थी। इसमें मुख्तार के दो गुर्गों प्रिंस व नासिर की गोली लगने से मौत हो गई। इस मामले में अविनाश गौतम निलंबित हुए थे। उनके साथ ही कई अन्य जेल कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। जेलर समेत 14 लोगों को उम्रकैद की सजा हुई थी। देवरिया जेल में कैंटीन घोटाले के दौरान भी अविनाश गौतम के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। बरेली सेंट्रल जेल मामले में दोषियों पर कार्रवाई की गई है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक पर भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति हुई है।



