योग से गूंज उठा आशियाना का मल्टी एक्टिविटी सेंटर

लखनऊ के आशियाना स्थित मल्टी एक्टिविटी सेंटर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य, अनुशासन और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। “उत्तर प्रदेश आदर्श योग समिति” के तत्वावधान में आयोजित भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम में 1000 से अधिक लोगों ने एक साथ योग कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। व्यापारियों, महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों तथा वर्तमान एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों की सहभागिता ने कार्यक्रम को जनआंदोलन का स्वरूप दे दिया। इस अवसर पर समाज को निःशुल्क योग प्रशिक्षण देने वाले योगाचार्यों को सम्मानित किया गया और सभी ने योग को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

राजू यादव

लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आशियाना का मल्टी एक्टिविटी सेंटर उस समय योगमय हो गया जब 1000 से अधिक लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। “उत्तर प्रदेश आदर्श योग समिति” के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में व्यापारी, महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे, वर्तमान एवं सेवानिवृत्त अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। योग की ऊर्जा और सकारात्मकता से सराबोर इस आयोजन में पूरे वर्ष निःशुल्क योग प्रशिक्षण देने वाले समर्पित योगाचार्यों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन लोगों के लिए था जो बिना किसी स्वार्थ के समाज को स्वस्थ बनाने में जुटे हैं।

मुख्य अतिथि एवं उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने वाली दिव्य शक्ति है।“बच्चों में योग को संस्कार के रूप में विकसित करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ और सशक्त बन सके।” उन्होंने कहा कि नियमित योग करने से व्यक्ति के जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन आते हैं, आत्मविश्वास बढ़ता है, मानसिक तनाव दूर होता है और जीवन सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। योग भारत की हजारों वर्षों पुरानी वह अमूल्य धरोहर है, जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का मार्ग दिखाया है।

“उत्तर प्रदेश आदर्श योग समिति” के तत्वावधान में आयोजित भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम

संजय गुप्ता ने अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि जिस प्रकार हम अपने बच्चों को शिक्षा और अच्छे संस्कार देते हैं, उसी प्रकार योग को भी उनके जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। यदि बचपन से ही बच्चों में योग के संस्कार विकसित किए जाएं, तो आने वाली पीढ़ी शारीरिक रूप से मजबूत, मानसिक रूप से संतुलित और नैतिक रूप से सशक्त बनेगी। उन्होंने कहा कि योग केवल आज की जरूरत नहीं, बल्कि भविष्य की स्वस्थ और खुशहाल पीढ़ी की सबसे बड़ी पूंजी है।

समिति के अध्यक्ष संदीप सिंह गौर ने उपस्थित योगाभ्यासियों को समाज के अन्य लोगों को भी योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि “नियमित योग शरीर की प्रत्येक कोशिका को स्वस्थ रखता है और व्यक्ति को मानसिक व शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है।”कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। योगाभ्यास के दौरान पूरा परिसर “करें योग, रहें निरोग” के संदेश से गूंजता रहा।

आज जब तनाव, भागदौड़ और बीमारियां लोगों के जीवन का हिस्सा बनती जा रही हैं, ऐसे समय में लखनऊ के आशियाना से निकला यह संदेश समाज के लिए प्रेरणा है कि अगर प्रतिदिन कुछ समय योग को दिया जाए तो जीवन में स्वास्थ्य, शांति और सकारात्मकता का नया अध्याय लिखा जा सकता है।

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