
मुख्यमंत्री ने‘नारी शक्ति वंदन’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए महिला सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि Narendra Modi की सोच स्पष्ट है—जब नारी सशक्त होती है तो परिवार मजबूत होता है, परिवार मजबूत होता है तो समाज सुदृढ़ होता है, और समाज सुदृढ़ होता है तो राष्ट्र समृद्ध और शक्तिशाली बनता है। आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन’ जैसे कार्यक्रम समय के अनुरूप परिवर्तन का प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं के वास्तविक उत्थान के लिए उनकी राजनीतिक भागीदारी अनिवार्य है, और इसी सोच के तहत वर्ष 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया गया। विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दल इस पहल को लागू नहीं होने देना चाहते, जबकि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं, वंचितों, दलितों और पिछड़े वर्गों को उनके अधिकारों से वंचित रखने का रहा है। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी महिला विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया। नारी शक्ति कोई भीख नहीं मांग रही, बल्कि यह उनका अधिकार है, जिसे आजादी के बाद लंबे समय तक टालने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि डबल इंजन सरकार आधी आबादी के सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
गोरखपुर/लखनऊ। जब नारी शक्ति सशक्त होती है, तो परिवार समर्थ होता है। जब परिवार समर्थ होता है, तो समाज की नींव सुदृढ़ होती है और जब समाज की नींव सुदृढ़ होती है, तो राष्ट्र शक्तिशाली एवं समृद्ध होता है। यहीं से आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना प्रारम्भ होती है। इसी आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन’ सम्मेलन जैसे कार्यक्रम समय की आवश्यकता के अनुरूप होने वाले परिवर्तनों का हिस्सा हैं। गोरखपुर के बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन’ सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार आधी आबादी के सशक्तिकरण, सुरक्षा तथा सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। आपके हाथों में नेतृत्व भी हो, इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए आज गोरखपुर महानगर से नारी शक्ति वंदन सम्मेलन प्रारंभ किया गया है। बड़ी संख्या में नारी शक्ति की उपस्थिति यह दिखाती है कि अब उन्हें उनके अधिकारों से बहुत दिनों तक कोई वंचित नहीं रख सकता। नारी शक्ति द्वारा भीख नहीं मांगी जा रही है, बल्कि यह उनका अधिकार है, जिसे आजादी के बाद से लटकाने का प्रयास हो रहा है। वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से नारी शक्ति को उनके अधिकार देने के कार्य प्रारंभ हुए हैं।
भारत की ऋषि परंपरा तथा हमारे पूर्वजों ने नारी गरिमा तथा उनकी महत्ता को हर स्तर पर सम्मान देने का काम किया। प्रभु श्रीराम का एक नाम कौशल्या नंदन है। यह नाम माता कौशल्या के नाम के साथ आया है। जब हम श्रीराम कहते हैं, तो श्री का संबोधन माता सीता के लिए होता है। इसी प्रकार श्रीकृष्ण का एक नाम यशोदा नंदन है, जो बचपन में उनका लालन-पालन करने वाली माता के नाम पर मिला है। मथुरा-वृंदावन भगवान श्रीकृष्ण की जन्म भूमि और उनकी लीला भूमि है, लेकिन वहां सम्बोधन राधे-राधे का होता है। अर्जुन को कौन्तेय कहते हैं। भीष्म पितामह को गंगापुत्र भी कहते हैं। काशी में संबोधन ‘नमः पार्वती पतये हर-हर महादेव’ होता है। इसी प्रकार देवतुल्य नदी गंगा का सम्बोधन गंगा मैया के रूप में होता है। गऊ मैया को गौ माता के रूप में सम्बोधित किया जाता है।
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री जी के आने के बाद देश में नारी गरिमा की दिशा में अनेक प्रयास प्रारम्भ हुए। प्रधानमंत्री जी ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के लिए पूरे देश में आंदोलन चलाया। बेटियों के संरक्षण के लिए मातृ वंदन योजना संचिलत की। इंद्रधनुष योजना के अंतर्गत सात प्रकार के वैक्सीनेशन को अनिवार्य किया। उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार बनने पर प्रधानमंत्री जी ने महिला और पुरुष के अनुपात में भिन्नता को नियंत्रित करने, कन्या भू्रण हत्या के अभिशाप तथा बाल विवाह को रोकने का लक्ष्य दिया। हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की शुरुआत की। इसके तहत बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए विभिन्न चरणों में 25 हजार रुपये की धनराशि दी जा रही है। वर्तमान में इसके अन्तर्गत 26 लाख बेटियां लाभान्वित हो रही हैं। बेटियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना चलाई गयी है, जिसके तहत प्रत्येक बेटी की शादी के लिए एक लाख रूपये की धनराशि उपलब्ध करायी जाती है। इससे बाल विवाह को रोका जा सका तथा दहेज मुक्त विवाह को प्रोत्साहन मिला है। जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक सामूहिक विवाह समारोह में उपस्थित होकर वर-वधू को आशीर्वाद देते हैं। इसके माध्यम से समाज के सशक्तिकरण का कार्य किया जाता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहले इंसेफेलाइटिस बीमारी के कारण बड़े पैमाने पर बच्चों की मौतें होती थीं। बच्चों में कुपोषण की शिकायतें पायी जाती थीं। इसका कारण खुले में शौच और शुद्ध पेयजल का अभाव था। गरीबों को सिर ढकने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवास दिए गए। प्रयास किया गया है कि ज्यादातर आवास महिलाओं के नाम पर हां। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत हर घर में शौचालय निर्माण कराया गया। देश में 12 करोड़ लोगों के घरों में शौचालय बनाए जा चुके हैं।गांव में जिस जमीन पर लोगों का मकान है, उसका मालिकाना हक देने के लिए घरौनी वितरण का काम भी महिलाओं के नाम पर किया गया है। देश में 03 करोड़ घरौनियां वितरित हुई हैं। इनमें एक करोड़ से अधिक घरौनियां उत्तर प्रदेश में वितरित हुई हैं। यह भी महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में किए गए कार्यों का एक परिणाम है। उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत महिलाओं के नाम पर रसोई गैस के निःशुल्क कनेक्शन दिए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत पांच लाख रूपये का स्वास्थ्य बीमा कवर तथा हर गरीब को निःशुल्क राशन की सुविधा का लाभ महिला सशक्तिकरण तथा स्वावलंबन की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पी0एम0 स्वनिधि योजना के अंतर्गत स्ट्रीट वेण्डर्स के लिए ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था की गयी, जिससे कि वह आर्थिक स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर हो सकें। प्रधानमंत्री स्टैण्टअप योजना, प्रधानमंत्री स्टार्टअप योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी योजनाएं महिला उद्यमियों को आगे बढ़ने तथा उनके आर्थिक स्वावलंबन का आधार तैयार करती हैं। पंचायत तथा स्थानीय निकायों में महिलाएं स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं। वह पुरुषों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वावलंबन में उनकी उपस्थिति ज्यादा बेहतर हुई है। गृहस्थी से लेकर अंतरिक्ष की यात्रा तक का कार्य महिलाएं कर रही हैं। स्वावलंबन, सशक्तिकरण, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे अनेक क्षेत्रों में नारी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।

यह सभी कार्य होने के बाद यह महसूस किया गया कि बिना राजनीतिक भागीदारी के महिलाओं का उत्थान नहीं हो सकता। इसके लिए प्रधानमंत्री जी ने एक अभियान प्रारंभ किया और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कराया। देश के नये संसद भवन में पारित होने वाला सबसे पहला अधिनियम नारी शक्ति वंदन अधिनियम था। इस अधिनियम के तहत संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का प्राविधान किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की इस पहल को कांग्रेस व समाजवादी पार्टी जैसे दल लागू नहीं होने देना चाहते। कुछ न कुछ बहाना बनाकर इसे रोकते हैं। इनका इतिहास नारी विरोधी रहा है। कांग्रेस का इतिहास रहा है कि वह नारी शक्ति, वंचित, दलित, पिछड़ी जाति को उसका अधिकार दिलाने में हमेशा बाधक रही है। समाजवादी पार्टी घोषित रूप से नारी विरोधी है।
आज महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व दे रही हैं। यह नेतृत्व और सशक्त हो सकता है। आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए आवश्यक है कि महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी भी मिले। जहां कानून बनता है तथा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चर्चा होती है, ऐसे मंचों पर नारी शक्ति की उपस्थिति भी उतनी ही सशक्त हो। जब इससे सम्बन्धित संशोधन संसद में लाया गया, तो कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टी0एम0सी0, डी0एम0के0 जैसे दलों ने इसका विरोध कर दिया। यह लोग आपको मिलने वाले अधिकारों को रोक कर जश्न मना रहे थे। इन लोगों को सबक सिखाने की आवश्यकता है, क्योंकि इनसे आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान और उनका स्वावलंबन खतरे में है। इसी के लिए जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं।
मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की स्थिति वर्ष 2017 के पहले क्या थी, यह सभी जानते हैं। लोगों ने अपनी बेटियों को स्कूल भेजना बंद कर दिया था या दूर अपने रिश्तेदारों के यहां भेज दिया था। आज यहां बेटियां बिना किसी रोक-टोक के स्कूल जा रही हैं। वर्ष 1947 से वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं की भागीदारी मात्र 10 हजार थी। आज इनकी संख्या 44 से 45 हजार है। विगत 09 वर्षों में ही इनकी संख्या कई गुना बढ़ गयी है। प्रदेश सरकार ने अनिवार्य किया है कि प्रत्येक पुलिस भर्ती में अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। हमने प्रदेश में 09 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। इनमें से पौने दो लाख केवल महिलाएं भर्ती हुई हैं। एम0एस0एम0ई0 सेक्टर जो पहले मृतप्राय हो गया था, इसमें आज प्रदेश में 03 करोड़ से अधिक लोग कार्य कर रहे हैं। इनमें से आधी आबादी महिलाओं की है। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 21 हजार स्टार्टअप कार्य कर रहे हैं। इनमें से आधे से अधिक स्टार्टअप महिलाओं के द्वारा संचालित हैं।























